Powerica के शेयरों की शुरुआत उम्मीद से कमजोर रही। NSE पर ₹366 और BSE पर ₹375 पर एंट्री के साथ ही निवेशकों को करीब 5 से 7 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ। लिस्टिंग के बाद शेयर में और गिरावट देखी गई और यह BSE पर ₹367.85 तक आ गया।

शेयर बाजार में आईपीओ से कमाई की उम्मीद लेकर बैठे निवेशकों को Powerica IPO ने निराश कर दिया। मजबूत ग्रोथ और अच्छे बिजनेस मॉडल की उम्मीदों के बीच आए इस आईपीओ की एंट्री ही डिस्काउंट पर हुई। ₹395 के भाव पर जारी हुए शेयर NSE पर ₹366 और BSE पर ₹375 पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को लिस्टिंग गेन के बजाय सीधे नुकसान का सामना करना पड़ा। इतना ही नही लिस्टिंग के बाद शेयर और फिसल गए जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
Powerica के शेयरों की शुरुआत उम्मीद से कमजोर रही। NSE पर ₹366 और BSE पर ₹375 पर एंट्री के साथ ही निवेशकों को करीब 5 से 7 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ। लिस्टिंग के बाद शेयर में और गिरावट देखी गई और यह BSE पर ₹367.85 तक आ गया। इससे साफ हो गया कि IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को शुरुआती झटका लगा है। हालांकि कर्मचारियों के लिए स्थिति थोड़ी बेहतर रही क्योंकि उन्हें ₹37 प्रति शेयर का डिस्काउंट मिला था। इस वजह से उन्हें शुरुआती नुकसान कम हुआ।
Powerica का ₹1,100 करोड़ का आईपीओ 24 मार्च से 27 मार्च तक खुला था। निवेशकों का रिस्पांस औसत रहा और यह ओवरऑल 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ। संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी अच्छी रही जबकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी कमजोर रही। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 4.74 गुना भरा जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 0.47 गुना ही रहा। रिटेल निवेशकों की भागीदारी सबसे कम 0.16 गुना रही। इससे साफ था कि छोटे निवेशकों में उत्साह कम था।
इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने ₹700 करोड़ के नए शेयर जारी किए। इसके अलावा ऑफर फॉर सेल के तहत 1 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचे गए। कंपनी ने बताया है कि जुटाई गई रकम में से ₹525 करोड़ कर्ज कम करने में खर्च किए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल कंपनी सामान्य कारोबारी जरूरतों और विस्तार योजनाओं में करेगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है।
Powerica डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट बनाने के कारोबार में है। कंपनी 7.5 kVA से लेकर 10,000 kVA तक के जनरेटर बनाती है। यह इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है। बिजनेस के लिहाज से कंपनी का पोर्टफोलियो मजबूत माना जाता है क्योंकि बिजली बैकअप की जरूरत लगातार बढ़ रही है। खासकर इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जनरेटर की मांग बनी रहती है।
Powerica की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ सालों में मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹106.45 करोड़ रहा। यह बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में ₹226.11 करोड़ हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2025 में मुनाफा थोड़ा घटकर ₹175.83 करोड़ पर आ गया। कंपनी की कुल आय भी लगातार बढ़ी है और ₹2,710 करोड़ से अधिक पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी को ₹134.55 करोड़ का मुनाफा हुआ और कुल आय ₹1,474.87 करोड़ रही।
सितंबर 2025 तक कंपनी पर ₹571.95 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं कंपनी के पास रिजर्व और सरप्लस में ₹1,158.99 करोड़ मौजूद थे। इससे कंपनी की बैलेंस शीट संतुलित नजर आती है। कर्ज कम करने की योजना से कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Powerica की लिस्टिंग भले ही कमजोर रही हो लेकिन कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकती है। हालांकि कमजोर लिस्टिंग से बाजार में सावधानी का संकेत जरूर मिला है। निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे कंपनी के बिजनेस, ग्रोथ और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव संभव है लेकिन लंबी अवधि में कंपनी का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।