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अब तक विदेश से आने वाले पैसे को खाते में आने में एक-दो दिन या कई बार उससे ज्यादा समय लग जाता था। इससे लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था खासकर तब जब पैसों की तुरंत जरूरत होती थी। व्यापार से जुड़े लोगों को भी भुगतान में देरी के कारण नुकसान उठाना पड़ता था।

विदेश से पैसा आने का इंतजार अब लंबा नहीं होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बैंकों के लिए नए नियम जारी किए हैं जिसके तहत विदेश से आने वाला पैसा अब उसी दिन ग्राहक के खाते में जमा करना होगा। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत भरा है जो विदेश में काम करने वाले अपने परिवार के सदस्यों या विदेश से होने वाले भुगतान पर निर्भर रहते हैं। इस फैसले से न सिर्फ ट्रांजैक्शन तेज होंगे बल्कि ग्राहकों को ज्यादा पारदर्शिता और सुविधा भी मिलेगी।
अब तक विदेश से आने वाले पैसे को खाते में आने में एक-दो दिन या कई बार उससे ज्यादा समय लग जाता था। इससे लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था खासकर तब जब पैसों की तुरंत जरूरत होती थी। व्यापार से जुड़े लोगों को भी भुगतान में देरी के कारण नुकसान उठाना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि अगर विदेशी ट्रांजैक्शन विदेशी मुद्रा बाजार के समय के दौरान प्राप्त होता है तो उसे उसी दिन ग्राहक के खाते में जमा करना होगा। अगर पैसा बाजार बंद होने के बाद आता है तो अगले कार्य दिवस में इसे क्रेडिट करना जरूरी होगा।
RBI ने बैंकों को सिर्फ पैसे जल्दी जमा करने के लिए ही नहीं कहा है बल्कि ग्राहकों को तुरंत सूचना देने के भी निर्देश दिए हैं। जैसे ही बैंक को विदेश से पैसा आने की जानकारी मिलेगी, ग्राहक को तुरंत नोटिफिकेशन देना होगा। अगर यह जानकारी बैंकिंग समय के बाद मिलती है तो अगले कार्य दिवस की शुरुआत में सूचना देना जरूरी होगा। इस बदलाव से ग्राहकों को यह पता रहेगा कि उनका पैसा कब आया और कब खाते में जमा होगा। इससे ट्रांजैक्शन को लेकर होने वाली अनिश्चितता खत्म होगी।
RBI ने बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए भी कहा है। अभी कई बैंक दिन के अंत में खातों का मिलान करते हैं, जिससे पैसे के क्रेडिट में देरी होती है। नए निर्देशों के तहत बैंकों को रियल-टाइम या कम से कम हर घंटे खातों का अपडेट करना होगा ताकि पैसे जल्दी जमा हो सकें। इसके साथ ही बैंकों को अपने डिजिटल सिस्टम मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। RBI चाहता है कि ग्राहक अपने ट्रांजैक्शन को ऑनलाइन ट्रैक कर सकें और रियल टाइम में स्टेटस देख सकें।
RBI ने बैंकों को STP यानी स्ट्रेट थ्रू प्रोसेसिंग जैसे ऑटोमेटेड सिस्टम अपनाने की सलाह दी है। इससे बिना मैन्युअल हस्तक्षेप के पैसा सीधे ग्राहक के खाते में पहुंच जाएगा। इससे समय की बचत होगी और गलतियों की संभावना भी कम होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने से ग्राहक को दस्तावेज जमा करने और ट्रांजैक्शन की स्थिति देखने में भी आसानी होगी। यह कदम भारत के बैंकिंग सिस्टम को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि नया नियम तुरंत लागू नहीं होगा। इसे लागू होने में लगभग छह महीने का समय लगेगा, ताकि बैंक अपने सिस्टम को अपडेट कर सकें। यह निर्देश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007 के तहत जारी किया गया है। RBI का यह कदम उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा जिन्हें विदेश से पैसे मिलते हैं। इससे ट्रांजैक्शन तेज होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और बैंकिंग सिस्टम पहले से ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।
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