भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हालिया फैसले के बाद भारतीय रुपये में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि रुपये ने करीब 12 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है। आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार, में फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स, सट्टेबाजी पर सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

New Delhi : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया फैसले के बाद भारतीय रुपये में जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि रुपये ने करीब 12 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है। आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार, में फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स, सट्टेबाजी पर सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इसका मकसद रुपये में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को रोकना और स्थिरता लाना है।
इस फैसले के बाद डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई। विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बाजार में स्थिरता का संकेत मिला,
यही वजह है कि रुपये में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। विदेश से आयात सस्ता हो सकता है, पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर असर पड़ेगा और विदेश यात्रा और पढ़ाई थोड़ी सस्ती पड़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार कि आरबीआई का यह कदम लंबी अवधि में रुपये को स्थिर और मजबूत बनाने की दिशा में अहम है। लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में और साफ होगी इसकी उम्मीद की जा सकती है। विदेशी निवेशकों का रुपया और भारत पर भरोसा बढ़ा है जिसके कारण तेजी से गिर रहा रुपये का मूल्य अब संभलने लगा है।