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ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर करीब ₹48 प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी का अपर प्राइस बैंड ₹158 है। ऐसे में अगर मौजूदा GMP बना रहता है तो निवेशकों को लिस्टिंग पर 30 प्रतिशत से ज्यादा का फायदा मिल सकता है।

शेयर बाजार में इन दिनों IPO का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। हर नया IPO निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है लेकिन इस समय जिस IPO की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह है Recode Studios का IPO। ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बेचने वाली यह कंपनी निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। हालत यह है कि महज दो दिनों के भीतर यह IPO 33 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। सबसे ज्यादा उत्साह खुदरा निवेशकों में देखने को मिला है जिन्होंने इस इश्यू में जमकर पैसा लगाया है। अब निवेशकों के पास इस IPO में आवेदन करने का आखिरी मौका बचा है। यही वजह है कि बाजार में इसे लेकर काफी चर्चा बनी हुई है।
रिकोड स्टूडियोज का IPO सिर्फ सब्सक्रिप्शन की वजह से नहीं बल्कि ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की वजह से भी सुर्खियों में है। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर करीब ₹48 प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी का अपर प्राइस बैंड ₹158 है। ऐसे में अगर मौजूदा GMP बना रहता है तो निवेशकों को लिस्टिंग पर 30 प्रतिशत से ज्यादा का फायदा मिल सकता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ लगातार यह सलाह दे रहे हैं कि सिर्फ GMP देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी की कमाई, बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं को जरूर समझना चाहिए।
इस IPO को हर कैटेगरी के निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में यह इश्यू 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में भारी मांग देखने को मिली और यह हिस्सा 56 गुना से ज्यादा भर गया। सबसे ज्यादा दिलचस्पी खुदरा निवेशकों की तरफ से दिखी जहां सब्सक्रिप्शन 40 गुना से अधिक पहुंच गया। कुल मिलाकर IPO 33.40 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
रिकोड स्टूडियोज का IPO करीब ₹45 करोड़ का है। निवेशक इसमें ₹150 से ₹158 के प्राइस बैंड पर आवेदन कर सकते हैं। इस IPO में 800 शेयरों का एक लॉट तय किया गया है। कंपनी ने इस इश्यू का एक हिस्सा QIB, NII और खुदरा निवेशकों के लिए अलग-अलग आरक्षित रखा है। शेयरों का अलॉटमेंट 8 मई को फाइनल हो सकता है जबकि कंपनी के शेयर 12 मई को BSE SME पर लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी इस IPO के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल वेयरहाउस बनाने, मार्केटिंग बढ़ाने और कारोबार के विस्तार में करेगी।
वर्ष 2021 में शुरू हुई रिकोड स्टूडियोज ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर में काम करती है। कंपनी मेकअप, स्किनकेयर, बॉडी केयर और ब्यूटी एक्सेसरीज जैसे कई प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का कारोबार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चलता है। इसके अपने स्टोर्स हैं, फ्रेंचाइजी नेटवर्क है और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। देश के 14 राज्यों में कंपनी के कुल 24 स्टोर्स हैं। इनमें कुछ स्टोर्स कंपनी खुद ऑपरेट करती है जबकि बाकी फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलते हैं। कंपनी के पास 350 से ज्यादा प्रोडक्ट्स की रेंज है जिससे यह अलग-अलग ग्राहकों तक पहुंच बना रही है।
अगर कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में इसमें अच्छा सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी को करीब ₹69 लाख का मुनाफा हुआ था। अगले साल मुनाफा थोड़ा घटा जरूर लेकिन फिर कंपनी ने शानदार वापसी की। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹3.30 करोड़ पहुंच गया। वहीं कंपनी की कुल आय में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी ने ₹57 करोड़ से ज्यादा की आय और ₹9 करोड़ से अधिक का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।
IPO में निवेश करना हमेशा आकर्षक लगता है खासकर तब जब ग्रे मार्केट में मजबूत संकेत मिल रहे हों। लेकिन सिर्फ लिस्टिंग गेन को देखकर फैसला लेना सही नहीं माना जाता। निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि SME IPO में उतार-चढ़ाव थोड़ा ज्यादा होता है। ऐसे में कंपनी के बिजनेस मॉडल, कमाई और भविष्य की योजनाओं को अच्छी तरह समझने के बाद ही निवेश करना चाहिए। रिकोड स्टूडियोज का IPO फिलहाल बाजार में चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही आगे फायदा दिला सकता है।
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