देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल Reliance Industries के शेयर में अचानक आई भारी गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी है।

Reliance Industries : देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल Reliance Industries के शेयर में अचानक आई भारी गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। सोमवार को कारोबार के दौरान रिलायंस के शेयर में करीब 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में भारी कमी आई और निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में ही रिलायंस का शेयर लगभग ₹1,298 के आसपास आ गया, जबकि इंट्राडे ट्रेडिंग में यह करीब ₹1,295 तक गिर गया। इस गिरावट के कारण कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग ₹17.65 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया, जो पहले ₹18 लाख करोड़ से अधिक था। रिलायंस का वजन NIFTY 50 और BSE Sensex जैसे प्रमुख सूचकांकों में काफी अधिक है। ऐसे में जब रिलायंस के शेयर में गिरावट आती है तो पूरा बाजार दबाव में आ जाता है। यही कारण है कि इस गिरावट के साथ निफ्टी भी नीचे लुढ़क गया और निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई।
रिलायंस के शेयर में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात बताए जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर पैदा हुए संकट ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होती है तो इससे तेल की कीमतें और रिफाइनिंग लागत दोनों बढ़ सकती हैं। रिलायंस जैसी बड़ी रिफाइनिंग कंपनी के लिए यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है, इसलिए निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी।
बाजार में दबाव का एक और बड़ा कारण सरकार का फैसला भी है। हाल ही में सरकार ने डीजल और एटीएफ (एयर टर्बाइन फ्यूल) के निर्यात पर फिर से विंडफॉल टैक्स/एक्सपोर्ट ड्यूटी लागू कर दी है। इस फैसले के बाद निवेशकों को डर है कि रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैसले से रिलायंस के मार्केट वैल्यू में ₹80,000 करोड़ से अधिक की कमी भी देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण रिलायंस के शेयर पर दबाव लगातार बना हुआ है। पिछले करीब दो हफ्तों में यह शेयर 8 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी है, लेकिन फिलहाल वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सरकारी नीतियों के कारण शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर बाजार की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। Reliance Industries