Reliance Jio IPO: रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसी महीने के अंत तक अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है। इसमें कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े शामिल होंगे जिससे निवेशकों को कंपनी की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

देश के शेयर बाजार में जल्द ही एक बड़ा धमाका देखने को मिल सकता है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी में है। यह IPO सिर्फ एक और लिस्टिंग नहीं बल्कि भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। ऐसे में आम निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका भी बन सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसी महीने के अंत तक अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है। इसमें कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े शामिल होंगे जिससे निवेशकों को कंपनी की स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इस कदम से साफ है कि रिलायंस इस IPO को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसे जल्द से जल्द बाजार में लाने की तैयारी कर रही है।
इस मेगा IPO को सफल बनाने के लिए कंपनी ने 17 बड़े बैंकों को जोड़ा है। इनमें ग्लोबल और भारतीय दोनों तरह के बड़े नाम शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Morgan Stanley, Goldman Sachs, JPMorgan Chase और Citigroup जैसे दिग्गज शामिल हैं। वहीं भारत से Kotak Mahindra Capital और Axis Capital जैसी कंपनियां इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इतने बड़े पैमाने पर बैंकों की भागीदारी इस IPO के आकार और महत्व को साफ दर्शाती है।
इस IPO को गति तब मिली जब सरकार ने लिस्टिंग नियमों में बदलाव किया। अब बड़ी कंपनियों को IPO के समय अपनी केवल 2.5% हिस्सेदारी ही बेचनी होगी। इस फैसले से रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के लिए बाजार में उतरना काफी आसान हो गया है। यही वजह है कि जियो का IPO अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह IPO खास इसलिए भी है क्योंकि पिछले करीब 20 साल में रिलायंस समूह की किसी बड़ी कंपनी का यह पहला बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चलता है तो इस साल के अंत तक निवेशकों को इसमें पैसा लगाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, अभी इसके आकार और तारीख को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है।
माना जा रहा है कि इस IPO में मुख्य रूप से मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेच सकते हैं। यानी यह पूरी तरह नया शेयर जारी करने की बजाय सेकेंडरी सेल पर आधारित हो सकता है। इससे कंपनी को फंडिंग के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों को एग्जिट का मौका भी मिलेगा।