अचानक क्यों धड़ाम हुआ बाजार? जानिए गिरावट के पीछे की बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 800 अंक टूट गया और निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, रुपये की कमजोरी, कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाया।

Stock Market Crash
Share Market Crash Today
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 11:28 AM
bookmark

शेयर बाजार में आज (24 फरवरी) जोरदार गिरावट देखने को मिली। दो दिनों की तेजी के बाद बाजार का मूड अचानक बदल गया और निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूट गया जबकि निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये की कमजोरी और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने मिलकर बाजार पर दबाव बना दिया। करीब 10:15 बजे सेंसेक्स 790 अंकों की गिरावट के साथ 82,500 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी लगभग 230 अंक टूटकर 25,500 के नीचे पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी आधा प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। चलिए जानते हैं कि आखिर बाजार क्यों धड़ाम हुआ।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3% तक टूट गया। दरअसल, अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसका नया टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को कम लागत में अपडेट कर सकता है। इससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से आईटी कंपनियों की कमाई पर दबाव आ सकता है। इसी चिंता में आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली हुई।

रुपये में कमजोरी पड़ना

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.96 के स्तर तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाता है। हालांकि एफआईआई की खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक संभली लेकिन करेंसी में कमजोरी का असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों में सुस्ती

एशियाई बाजारों में सुस्ती और अमेरिका के Wall Street में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रेड टैरिफ को लेकर सख्त बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो दूसरे व्यापार कानूनों के तहत और ज्यादा टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इस बयान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब ग्लोबल माहौल कमजोर होता है तो भारतीय बाजार भी दबाव में आ जाते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का दाम करीब 1% बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। तेल महंगा होने से व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी निवेशकों की चिंता बढ़ा देती है और बाजार पर नकारात्मक असर डालती है।

वीकली एक्सपायरी का असर

मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी वाले दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है क्योंकि ट्रेडर्स अपने फ्यूचर्स और ऑप्शंस सौदों को या तो बंद करते हैं या अगले हफ्ते के लिए रोलओवर करते हैं। इस वजह से दिनभर बाजार में तेज हलचल देखने को मिली और गिरावट और गहरी हो गई।

डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

₹590 करोड़ के फ्रॉड ने हिला दिया IDFC First Bank, निवेशकों के लिए खतरे की घंटी

IDFC First Bank के शेयर में ₹590 करोड़ के फ्रॉड की खबर के बाद भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयर 20% टूटकर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक ने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और मामले की जानकारी बैंकिंग रेगुलेटर व पुलिस को दी है।

IDFC First Bank
IDFC First Bank Share Price Today
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Feb 2026 11:25 AM
bookmark

प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर से आई एक बड़ी खबर ने सोमवार को बाजार में भूचाल ला दिया। जैसे ही ₹590 करोड़ के कथित घोटाले की जानकारी सार्वजनिक हुई IDFC First Bank के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में ही शेयर करीब 20 प्रतिशत तक टूट गया जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार में घबराहट इतनी ज्यादा थी कि कुछ ही घंटों में बैंक का मार्केट कैप हजारों करोड़ रुपये घट गया।

शेयर में 20% की गिरावट

घोटाले की खबर सामने आते ही बीएसई पर बैंक का शेयर गिरकर 66.85 रुपये तक पहुंच गया। तेज बिकवाली के कारण कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 61,000 करोड़ रुपये रह गया। निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया है क्योंकि मामला सीधे सरकारी खातों और बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी लेन-देन में अनियमितताएं पाई गईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार, फ्रॉड का आकार करीब ₹590 करोड़ हो सकता है। मामला तब सामने आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर दूसरी बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान बैलेंस में असामान्य अंतर दिखाई दिया। आंतरिक जांच में पाया गया कि यह गड़बड़ी सरकारी-लिंक्ड कुछ खास खातों तक सीमित है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह धोखाधड़ी अन्य ग्राहकों के खातों को प्रभावित नहीं करती है।

नियामक और पुलिस को दी गई सूचना

बैंक ने इस मामले की जानकारी बैंकिंग रेगुलेटर को दे दी है और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल 590 करोड़ रुपये का आंकड़ा प्रारंभिक अनुमान है। बैंक का कहना है कि आगे की जांच, क्लेम वैलिडेशन और संभावित रिकवरी के बाद ही अंतिम राशि स्पष्ट हो पाएगी।

4 अधिकारी सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने चार अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक, सिविल और आपराधिक कार्रवाई की बात कही गई है।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

इस घटनाक्रम के बीच Government of Haryana ने तुरंत प्रभाव से IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को सरकारी कार्यों के लिए डी-एम्पेनल्ड कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अगली सूचना तक राज्य सरकार इन बैंकों में कोई सरकारी फंड जमा नहीं करेगी न निवेश करेगी और न ही इनके माध्यम से वित्तीय लेन-देन करेगी। सरकार के इस फैसले ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है और बाजार में नकारात्मक संकेत भेजे हैं।

आगे क्या रहेगा असर?

इस घोटाले का असर सिर्फ शेयर कीमत तक सीमित नहीं है। इससे बैंक की साख, निवेशकों का भरोसा और भविष्य की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति, रिकवरी की स्थिति और नियामकीय कार्रवाई यह तय करेगी कि बैंक इस संकट से कितनी जल्दी उबर पाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

चांदी में आई रॉकेट जैसी तेजी, सोना भी फुर्र-फुर्र भागा, जानें आज का ताजा रेट

सोना और चांदी की कीमतों में फिर से जोरदार तेजी देखने को मिली है। एमसीएक्स पर कारोबार खुलते ही चांदी करीब 15,000 रुपये प्रति किलो और सोना 3,700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछल गया है। हालांकि बड़ी तेजी के बावजूद दोनों धातुएं अपने लाइफटाइम हाई से अब भी काफी नीचे कारोबार कर रही हैं।

Gold Rate
आज का सोने का ताजा भाव क्या है?
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Feb 2026 11:00 AM
bookmark

बीते कुछ हफ्तों में सोना-चांदी की कीमतों ने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दी हैं। हालिया गिरावट के दौरान जिन्होंने खरीदारी टाल दी थी उनके लिए बाजार ने फिर से चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। सप्ताह की शुरुआत होते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) यानी MCX पर सोना और चांदी दोनों ने जोरदार छलांग लगाई। कीमतों में आई इस तेजी ने साफ संकेत दिया है कि कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है।

चांदी ने दिखाई रॉकेट जैसी तेजी

सोमवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव खुलते ही लगभग 15,176 रुपये प्रति किलोग्राम उछलकर 2,68,120 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह 2,52,944 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। यानी एक ही झटके में करीब 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। दिलचस्प बात यह है कि बीते सप्ताह भी चांदी की कीमतों में मजबूत उछाल देखने को मिला था जहां यह लगभग 8,584 रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। लगातार दो हफ्तों की तेजी ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है और ट्रेडर्स के बीच उत्साह बढ़ाया है।

लाइफटाइम हाई से अब भी काफी नीचे

हालांकि मौजूदा उछाल काफी प्रभावशाली है लेकिन अगर आंकड़ों को ध्यान से देखें तो चांदी अभी भी अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार 4 लाख रुपये के पार पहुंचकर 4,20,048 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक गई थी। इसके बाद बाजार में तेज गिरावट आई और भाव करीब 2.25 लाख रुपये तक टूट गए थे। वर्तमान तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1,51,928 रुपये प्रति किलो सस्ती है। इसका मतलब है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अभी भी संभावनाएं बनी हुई हैं।

सोने में भी आई दमदार छलांग

चांदी के साथ-साथ सोना भी सोमवार को मजबूती के साथ खुला। 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,56,876 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर 1,60,600 रुपये पर पहुंच गया। यानी इसमें 3,724 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। सोने की इस तेजी ने बाजार में फिर से बुलिश संकेत दिए हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव जैसी वजहें इस तेजी के पीछे मानी जा रही हैं।

हाई से कितना सस्ता है सोना?

सोना भी अपने 29 जनवरी के लाइफटाइम हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। मौजूदा स्तर पर यह अपने उच्चतम भाव से लगभग 32,496 रुपये सस्ता है। यानी हालिया उछाल के बावजूद इसमें रिकवरी की अभी गुंजाइश बाकी है।

बाजार की मौजूदा चाल बताती है कि सोना-चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है। जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से सोच रहे हैं उनके लिए गिरावट के बाद का यह दौर अवसर साबित हो सकता है। वहीं शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की जरूरत है।

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

संबंधित खबरें