ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, Rentomojo अपने IPO के जरिए 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत 2,83,99,567 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।

भारत में तेजी से बढ़ती रेंटल और सब्सक्रिप्शन आधारित सेवाओं के बीच अब एक और बड़ी कंपनी शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। फर्नीचर और घरेलू अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी Rentomojo ने अपना IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कंपनी ने बाजार नियामक SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर दिलचस्पी बढ़ गई है, क्योंकि रेंटल-आधारित बिजनेस मॉडल को लेकर पिछले कुछ सालों में अच्छा ग्रोथ ट्रेंड देखने को मिला है।
ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, Rentomojo अपने IPO के जरिए 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत 2,83,99,567 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इस IPO के जरिए कंपनी का मकसद अपने बिजनेस को विस्तार देना और वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। कंपनी की स्थापना गीतांश बामानिया ने की थी और आज यह एक टेक्नोलॉजी आधारित D2C प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रही है।
Rentomojo का बिजनेस मॉडल तेजी से बढ़ते रेंटल मार्केट पर आधारित है। कंपनी पूरे भारत में फर्नीचर और घरेलू अप्लायंसेज को किराए पर देने की सुविधा देती है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, Rentomojo ऑनलाइन रेंटल सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है। वित्त वर्ष 2025 में सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू के आधार पर कंपनी की अनुमानित मार्केट हिस्सेदारी 42 से 47 प्रतिशत रही है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर इस IPO पर बनी हुई है।
Rentomojo में कई बड़े निवेशकों का पैसा लगा हुआ है, जिनमें एक्सेल, एडलवाइस, वैल्यूक्वेस्ट और चिराटे वेंचर्स जैसे नाम शामिल हैं। ऑफर-फॉर-सेल के तहत प्रमोटर गीतांश बामानिया के साथ ये निवेशक भी अपने कुछ शेयर बेचेंगे। इससे निवेशकों को कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा।
कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 21.51 प्रतिशत है। वहीं 73.66 प्रतिशत शेयर आम शेयरधारकों के पास हैं। इसके अलावा 4.83 प्रतिशत हिस्सेदारी कर्मचारी ट्रस्टों के पास है। कंपनी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एक्सेल इंडिया IV के पास है, जिसके पास 20.92 प्रतिशत शेयर हैं। इसके अलावा एडलवाइस डिस्कवरी फंड, चिराटे वेंचर्स और वैल्यूक्वेस्ट भी प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं।
Rentomojo IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपने कर्ज को कम करने और बिजनेस विस्तार के लिए करेगी। कंपनी अपने वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस का भुगतान भी इसी रकम से करेगी। इसके अलावा आम कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी फंड का उपयोग किया जाएगा।
30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 22 शहरों में 2.27 लाख से ज्यादा एक्टिव सब्सक्राइबर थे। कंपनी के 21 वेयरहाउस हैं, जो इसके ऑपरेशंस को मजबूत बनाते हैं। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 265.96 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 176.6 करोड़ रुपये और मुनाफा 61.3 करोड़ रुपये रहा।
जनवरी 2026 तक कंपनी पर कुल 179.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड कर्ज था। IPO के जरिए जुटाई गई रकम से कंपनी इस कर्ज को कम करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और भविष्य में विस्तार के लिए रास्ता आसान होगा।
Rentomojo IPO के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। आने वाले समय में कंपनी IPO की तारीख और प्राइस बैंड से जुड़ी जानकारी भी जारी कर सकती है। Rentomojo का IPO ऐसे समय में आ रहा है जब रेंटल और सब्सक्रिप्शन आधारित सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह IPO निवेशकों के लिए एक दिलचस्प अवसर बन सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।