IPO Investors Alert! इस हफ्ते बाजार में मचेगा धमाल, आएंगे 7 बड़े अपडेट

Upcoming IPO : 9 फरवरी से शुरू हो रहे सप्ताह में IPO निवेशकों के लिए बड़ा मौका है। इस हफ्ते 3 नए IPO खुलेंगे और 4 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। मेनबोर्ड और SME सेगमेंट के सभी IPO की पूरी जानकारी यहां दी गई है। प्राइस बैंड, लॉट साइज, ओपन-क्लोज डेट और लिस्टिंग डेट की सटीक डिटेल जानें।

IPO This Week
Upcoming IPO This Week
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Feb 2026 12:31 PM
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शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए फरवरी का दूसरा हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। 9 फरवरी से शुरू हो रहे सप्ताह में कुल 3 नए IPO खुलने जा रहे हैं जबकि 4 कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाले हैं। इनमें मेनबोर्ड और SME सेगमेंट दोनों शामिल हैं। अगर आप IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो यह हफ्ता आपके लिए कई मौके लेकर आया है। नीचे हम आपको सभी IPO और लिस्टिंग की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट का बड़ा IPO

इस सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण मेनबोर्ड सेगमेंट का ₹2833.90 करोड़ का IPO है। यह पब्लिक इश्यू 9 फरवरी को खुलेगा और 11 फरवरी को बंद होगा। निवेशक इसमें ₹857 से ₹900 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में बोली लगा सकते हैं। इस IPO का लॉट साइज 16 शेयर रखा गया है। अगर सब कुछ तय शेड्यूल के मुताबिक रहा तो कंपनी के शेयर 16 फरवरी को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

Aye Finance IPO

Aye Finance IPO भी इसी सप्ताह निवेशकों के लिए खुल रहा है। यह ₹1010 करोड़ का पब्लिक इश्यू है जो 9 फरवरी से 11 फरवरी तक ओपन रहेगा। इसमें निवेश के लिए ₹122 से ₹129 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और लॉट साइज 116 शेयर है। IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर 16 फरवरी को BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है।

Marushika Technology IPO

SME निवेशकों के लिए Marushika Technology IPO एक नया विकल्प बनकर सामने आ रहा है। कंपनी इस IPO के जरिए ₹26.97 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू 12 फरवरी को खुलेगा और 16 फरवरी को बंद होगा। निवेशक इसमें ₹111 से ₹117 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में बोली लगा सकते हैं। इसका लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी के शेयर 19 फरवरी को NSE SME पर लिस्ट हो सकते हैं।

पहले से खुले IPO जिन पर अभी भी दांव लगाया जा सकता है

इस समय बाजार में दो IPO पहले से खुले हुए हैं। Biopol Chemicals IPO 6 फरवरी को खुला था और 10 फरवरी को बंद होगा। अब तक इसे करीब 13% सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी ₹31.26 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹102-₹108 प्रति शेयर के भाव पर और 1200 शेयर के लॉट में निवेश किया जा सकता है। इसके शेयर 13 फरवरी को NSE SME पर लिस्ट होने की उम्मीद है। वहीं, PAN HR Solutions IPO भी 6 फरवरी को खुला था और 10 फरवरी को बंद होगा। यह IPO पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका है। इसका प्राइस बैंड ₹74–₹78 प्रति शेयर और लॉट साइज 1600 शेयर है। कंपनी के शेयर 13 फरवरी को BSE SME पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस हफ्ते लिस्ट होने वाली कंपनियां

निवेशकों की नजर अब लिस्टिंग पर भी टिकी हुई है। 11 फरवरी को NSE SME पर Grover Jewells और Brandman Retail की लिस्टिंग होने वाली है। इसके अलावा 13 फरवरी को NSE SME पर Biopol Chemicals और BSE SME पर PAN HR Solutions के शेयर बाजार में एंट्री करने की उम्मीद है।

(Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतान मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

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सर्विस सेक्टर बना भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़, अब छोटे निवेश में शुरू करें खुद का व्यवसाय

आने वाले समय में सर्विस सेक्टर का भविष्य काफी उज्ज्वल है। कम निवेश में अधिक प्रॉफिट और बढ़ती मांग के चलते युवा और नए उद्यमी इस क्षेत्र की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। सर्विस बिजनेस के जरिए उद्यमी अपार सफलता हासिल कर सकते हैं।

Service Business  bhaarat
ग्राहकों की समस्याओं का हल है सर्विस बिज़नेस (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar07 Feb 2026 10:51 AM
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Service Business : आज के दौर में हर व्यक्ति अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखता है, लेकिन 'कौन सा बिजनेस किया जाए?' यह सवाल सबसे बड़ी पेंचीदी बन जाती है। व्यवसाय शुरू करना तो आसान है, लेकिन उसे सफल बनाना उतना ही कठिन होता है। ऐसे में 'सर्विस बिजनेस' (Service Business) एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरा है, जो न केवल शानदार मुनाफा दिला सकता है, बल्कि बड़ी सफलता भी सुनिश्चित करता है।

सर्विस सेक्टर भारत की जीडीपी का प्रमुख हिस्सा है और इसने विदेशी निवेश, निर्यात और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाई है। इसमें व्यापार, होटल, परिवहन, बीमा और सामाजिक सेवाएं शामिल हैं। आइए जानते हैं कि यह बिजनेस क्यों खास है और इसके फायदे क्या हैं।

क्या है सर्विस बिजनेस?

सर्विस बिजनेस वह व्यावसायिक गतिविधि है, जिसमें उद्यमी अपने ग्राहकों को कोई भौतिक उत्पाद नहीं, बल्कि सेवा प्रदान करता है। इसके तहत कंसल्टिंग, एकाउंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन, क्लीनिंग, हॉस्पिटैलिटी और मेंटेनेंस जैसी गतिविधियां आती हैं।

सर्विस बिजनेस के प्रमुख फायदे

  • कम निवेश और कम समय: पारंपरिक बिजनेस की तुलना में इसे कम पूंजी और कम समय में शुरू किया जा सकता है, क्योंकि इसमें मुख्य रूप से सेवा ही बिक्री का माध्यम होती है।
  • लचीलापन (Flexibility): यह बिजनेस काफी फ्लेक्सिबल होता है। उद्यमी अपनी मर्जी के अनुसार कहीं से भी और जब चाहे काम कर सकता है। इसमें 9 से 5 की नौकरी जैसी बंधन नहीं होती।
  • आसान अपग्रेडेशन: अगर ग्राहकों को कोई कमी नजर आती है, तो उनके फीडबैक के आधार पर सेवाओं में तत्काल बदलाव और सुधार किया जा सकता है।
  • ग्राहकों के साथ गहरा संबंध: सर्विस बिजनेस में आप ग्राहकों की समस्याओं को सीधे समझ सकते हैं और उनकी जरूरतों के हिसाब से अपनी सेवाएं पेश कर सकते हैं।
  • बदलती जीवनशैली का फायदा: आय बढ़ने और जीवनशैली में बदलाव के साथ लोग वे काम जो पहले खुद करते थे, अब उसके लिए सर्विस प्रोवाइडर को हायर कर रहे हैं। यह रुझान आगे भी जारी रहेगा।
  •  साल भर चलने वाला बिजनेस: ट्रैवल एजेंसी, गाइड या टिफिन सर्विस जैसे व्यवसाय साल के 12 महीने चल सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता हेल्थ क्लब और होम-मेड फूड सर्विस को बढ़ावा दे रही है।
  • तकनीकी और पेशेवर सेवाएं: कंप्यूटर, कार और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की मरम्मत, टैक्स प्रिपेयर्स, काउंसलर और कानूनी सलाहकार की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
  • पर्यावरण के प्रति जागरूकता: वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सरकारी प्रोत्साहन के साथ बिजनेस की अपार संभावनाएं हैं।

भविष्य के प्रति सकारात्मक संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सर्विस सेक्टर का भविष्य काफी उज्ज्वल है। कम निवेश में अधिक प्रॉफिट और बढ़ती मांग के चलते युवा और नए उद्यमी इस क्षेत्र की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। सर्विस बिजनेस के जरिए उद्यमी अपार सफलता हासिल कर सकते हैं। Service Business

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लोन लेने वाले ध्यान दें! पहले RBI का बड़ा फैसला जान लें

RBI Monetary Policy 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। इस फैसले से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI में तुरंत राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को झटका लगा है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने FY27 के लिए महंगाई के अनुमान को बढ़ाया है।

RBI
RBI Monetary Policy 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Feb 2026 11:36 AM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक (Monetary Policy Meeting) हमेशा आम लोगों, निवेशकों और लोन लेने वालों के लिए बेहद अहम होती है। खासतौर पर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले लोग रेपो रेट में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं क्योंकि इससे EMI कम होने की संभावना बनती है लेकिन फरवरी 2026 की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में RBI ने इन उम्मीदों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है।

रेपो रेट क्या रहा और RBI ने क्या फैसला लिया?

RBI ने ताजा मॉनेटरी पॉलिसी के बाद साफ किया है कि रेपो रेट में इस बार कोई कटौती नहीं की जाएगी। मौजूदा रेपो रेट 5.25% ही रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि बैंकों के लिए RBI से कर्ज लेना सस्ता नहीं हुआ है और इसलिए आम लोगों की EMI में भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब लोग ब्याज दरों में और कमी की उम्मीद कर रहे थे।

महंगाई को लेकर RBI क्यों है सतर्क?

भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने FY27 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 4% और दूसरी तिमाही के लिए 4.2% कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि महंगाई और तेजी से काबू में आएगी लेकिन नए आंकड़े थोड़ा अलग संकेत दे रहे हैं। इसी वजह से RBI ने ब्याज दरों में बदलाव न करने का फैसला किया है। RBI का मानना है कि महंगाई पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखना अभी प्राथमिकता है।

RBI गवर्नर ने क्या कहा?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पॉलिसी के बाद कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है। हाल के समय में हुए कई अहम सौदों और नीतिगत फैसलों से देश की ग्रोथ का आउटलुक पॉजिटिव नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि RBI फिलहाल संतुलित रुख अपनाना चाहता है ताकि महंगाई और विकास दोनों के बीच सही तालमेल बना रहे।

रेपो रेट कटौती की उम्मीद क्यों कम थी?

एक्सपर्ट्स पहले से ही मान रहे थे कि फरवरी 2026 की मीटिंग में रेपो रेट में कटौती की संभावना कम है। इसकी बड़ी वजह केंद्रीय बजट 2026 रहा जिसमें सरकार ने कैपेक्स को 12% तक बढ़ाने और राजकोषीय घाटे को 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, वैश्विक माहौल भी थोड़ा बेहतर हुआ है। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिए हैं और भारत-EU FTA से ट्रेड और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन सभी पॉजिटिव संकेतों के बीच RBI ने ब्याज दरों को स्थिर रखना ही बेहतर समझा।

बीते एक साल में कितनी बार घटा था रेपो रेट?

अगर पिछले साल की बात करें तो RBI ने आम लोगों को अच्छी-खासी राहत दी थी। फरवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल चार बार रेपो रेट में कटौती की गई थी जिससे कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कमी आई। फरवरी और अप्रैल 2025 में 0.25-0.25% की कटौती हुई, जून 2025 में 0.50% की बड़ी कटौती की गई और अगस्त-अक्टूबर में रोक के बाद दिसंबर 2025 में फिर 0.25% की कटौती की गई थी। इसी वजह से लोन की EMI में बड़ा फर्क देखने को मिला था।

आम लोगों और EMI पर इसका क्या असर होगा?

रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव न होने से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI फिलहाल उसी स्तर पर बनी रहेगी। जिन लोगों को उम्मीद थी कि EMI और कम होगी उन्हें थोड़ी निराशा जरूर हो सकती है। हालांकि, RBI का यह फैसला महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से जरूरी माना जा रहा है।

आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?

अगर आने वाले महीनों में महंगाई के आंकड़े बेहतर रहते हैं और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो भविष्य में RBI ब्याज दरों में कटौती पर दोबारा विचार कर सकता है। फिलहाल RBI का फोकस सतर्क नीति अपनाने और अर्थव्यवस्था को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने पर है।

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