विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद रुपया मजबूत बना हुआ है। जानें डॉलर के मुकाबले रुपया, कच्चे तेल की कीमतों का असर आरबीआई का इंटरवेंशन और भारत के पॉजिटिव ट्रेड बैलेंस से मुद्रा को सहारा मिला। इस हफ्ते का रुपया और शेयर बाजार अपडेट यहां पढ़ें।

भारत का रुपया इस हफ्ते विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद लगातार मजबूत दिखा। इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 89.05 पर कारोबार कर रहा था जो पिछले बंद स्तर से 11 पैसे अधिक है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत होकर 89.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इसके ठीक पहले शुक्रवार को रुपया तीन साल के निचले स्तर 89.66 पर पहुंच गया था।
भले ही विदेशी निवेशक भारत से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं और शेयर बाजार सुस्त धारणा के कारण दबाव में है बावजूद इसके रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत रहा। डॉलर में मजबूती और विदेशी पूंजी की निकासी के बावजूद घरेलू मुद्रा को सहारा मिल रहा है। रुपया सोमवार को तेजी के साथ बंद होने के बाद मंगलवार को भी शुरुआती कारोबार में बढ़त दिखा रहा था।
रुपए की मजबूती में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का बड़ा हाथ रहा। इंटरनेशनल मार्केट में खाड़ी देशों का ब्रेंट क्रूड 63.16 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 0.33 फीसदी कम है। तेल की कम कीमतों से भारत का व्यापारिक संतुलन बेहतर बना और रुपए को सहारा मिला।
डॉलर की मजबूती के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत रही। सेंसेक्स 46.99 अंक गिरकर 84,853.72 पर और निफ्टी 10.35 अंक गिरकर 25,949.15 पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 4,171.75 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
रुपए की मजबूती में आरबीआई का इंटरवेंशन और दुनिया के कई देशों के साथ भारत का पॉजिटिव ट्रेड बैलेंस भी अहम भूमिका निभा रहा है। इन कारकों के कारण विदेशी बिकवाली और शेयर बाजार की गिरावट के बावजूद रुपया लगातार मजबूती दिखा रहा है।