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इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबर रही। इससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को सपोर्ट किया। तेल की कीमतें कम होने से भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था को राहत मिलती है।

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भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। कई हफ्तों से जारी गिरावट के बाद बाजार में अचानक आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत कर दिया। वैश्विक संकेतों में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को नई रफ्तार दी। यही वजह रही कि सेंसेक्स और निफ्टी ने पिछले पांच साल का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन दर्ज किया।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबर रही। इससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता आई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को सपोर्ट किया। तेल की कीमतें कम होने से भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था को राहत मिलती है जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिखाई देता है। इन सकारात्मक संकेतों के चलते बुधवार को बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स 2,946 अंकों की बढ़त के साथ 77,562 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भी बाजार में तेजी जारी रही और सेंसेक्स 919 अंक चढ़कर 77,550 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी में भी इस हफ्ते शानदार तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को निफ्टी 276 अंक बढ़कर 24,051 के स्तर पर बंद हुआ। यह 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने का संकेत है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी ने निफ्टी को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा मिडकैप और बैंकिंग इंडेक्स में भी लगभग 8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
पिछले छह हफ्तों से शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी लेकिन इस हफ्ते बाजार ने शानदार वापसी की और करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। यह पिछले पांच साल का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने कम कीमत पर खरीदारी का मौका देखा जिससे बाजार में तेजी आई।
सेक्टोरल स्तर पर रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इन सेक्टरों में डबल डिजिट रिटर्न दर्ज किया गया। हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने इन सेक्टरों में जोरदार खरीदारी की जिससे इन शेयरों में तेजी आई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी इन सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।
इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस हफ्ते करीब 28.85 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। कुल मार्केट कैप बढ़कर 451.22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बढ़त इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा बाजार में फिर मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
इस तेजी में कई बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो और एक्सिस बैंक के शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स को ऊपर ले जाने में अहम योगदान दिया।
जहां ज्यादातर शेयर तेजी के साथ बंद हुए वहीं कुछ शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इसके अलावा इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर भी कमजोर रहे। आईटी शेयरों में कमजोरी के बावजूद बाजार में कुल मिलाकर मजबूती बनी रही।
बीएसई में कुल 4,449 शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें से 3,362 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं 944 शेयरों में गिरावट रही और 143 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए। इसके अलावा 110 शेयरों ने नया 52 हफ्ते का उच्च स्तर छुआ जबकि 20 शेयरों ने नया निचला स्तर बनाया। यह आंकड़े बताते हैं कि बाजार में व्यापक स्तर पर तेजी देखने को मिली है। बाजार की यह मजबूती निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अगर वैश्विक संकेत इसी तरह मजबूत बने रहे तो आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
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