घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 384 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,961 के स्तर पर रहा। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार को सहारा दिया।

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव भरा माहौल रहा, लेकिन अंत में सेंसेक्स 384 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र था जब बाजार में तेजी दर्ज की गई। निफ्टी इस दिन 23,961 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि आईटी सूचकांक एकमात्र ऐसा प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा जिसमें गिरावट देखी गई। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही और सेंसेक्स 288 अंक चढ़कर 77,185.35 तथा निफ्टी 77.25 अंक बढ़कर 23,890.85 पर पहुंच गया था। दोपहर के समय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहा, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 में 0.68 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 में 0.92 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में हिताची एनर्जी, मुथूट फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी पावर ने बढ़त हासिल की।
बाजार की इस बढ़त के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की गई खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी को मुख्य कारण माना गया है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव नतीजों पर टिकी रही। हालांकि, एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई, जहां जापान का निक्केई 225 3.03 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.49 प्रतिशत तक गिर गया था।
ब्रेंट क्रूड का जनवरी वायदा करीब 103.20 डॉलर प्रति बैरल रहा, जिसमें 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई। यह गिरावट अमेरिका-ईरान और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव कम होने की संभावना के कारण हुई। वहीं दूसरी ओर, सोने के वायदा बाजार में 0.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की रणनीति में बदलाव दिखा।
सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों का असर शेयरों पर साफ दिखा, जहां सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के मजबूत नतीजों के बाद उसके शेयरों में करीब 2.27 प्रतिशत की तेजी आई। सुब्रोस ने भी अपने प्रदर्शन की जानकारी देते हुए शुद्ध मुनाफे में 9.6 प्रतिशत और राजस्व में 36.3 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की। इसी बीच, डाबर इंडिया, बायोकॉन, अपोलो हॉस्पिटल्स, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और जायडस लाइफसाइंसेज जैसी कंपनियों के नतीजे भी आने वाले थे। बाजार में निवेश की गतिविधियों के बीच वेदांत पॉली फैब्स का 56.68 करोड़ रुपये का आईपीओ बुधवार को अंतिम दिन खुला रहा। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार अमेरिकी चुनाव के परिणामों, कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों और कंपनियों के तिमाही नतीजों के प्रति संवेदनशील रहेगा।
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