सुबह के कारोबार में बाजार का रुख कमजोर नजर आया और ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हालांकि इस गिरावट के बीच एक सेक्टर ने हल्की मजबूती दिखाई जिससे बाजार को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन कुल मिलाकर बाजार का माहौल दबाव में ही बना रहा।

मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए झटके के साथ हुई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार पर दबाव बना दिया। इसका असर यह हुआ कि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूट गया और निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही मिनटों में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज हुई। सुबह के कारोबार में बाजार का रुख कमजोर नजर आया और ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। हालांकि इस गिरावट के बीच एक सेक्टर ने हल्की मजबूती दिखाई जिससे बाजार को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन कुल मिलाकर बाजार का माहौल दबाव में ही बना रहा।
बाजार में आई गिरावट का असर सीधे निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। एक दिन पहले तक बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,27,51,243.57 करोड़ रुपये था जो आज घटकर 4,23,27,220.10 करोड़ रुपये रह गया। इसका मतलब है कि कुछ ही समय में निवेशकों की करीब 4.24 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति कम हो गई। बाजार में इस तरह की तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली जिससे बाजार की कमजोरी और बढ़ गई।
आज के कारोबार में ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में नजर आए। ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली और यह करीब 2 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और फार्मा सेक्टर भी दबाव में रहे और इनमें लगभग 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इस गिरावट के बीच मेटल सेक्टर ने हल्की मजबूती दिखाई। निफ्टी मेटल इंडेक्स में करीब 0.25 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली जिससे बाजार में थोड़ी संतुलन की स्थिति बनी रही।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 824 अंकों तक गिरकर 73,282 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स करीब 699 अंकों की गिरावट के साथ 73,407 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी गिरावट के साथ खुला और करीब 248 अंकों तक टूट गया। बाद में निफ्टी में भी थोड़ी रिकवरी आई और यह करीब 217 अंकों की कमजोरी के साथ 22,750 के आसपास कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सिर्फ तीन शेयर ही हरे निशान में नजर आए। इनमें बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और आईटीसी शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर इंडिगो, एटर्नल और महिंद्रा एंड महिंद्रा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर रहा और ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
बीएसई पर आज 2600 से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ जिसमें गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़ी हुई रही। कुछ शेयरों में मजबूती जरूर दिखी लेकिन बाजार का कुल रुख कमजोर ही रहा। बाजार में आई इस गिरावट से यह साफ है कि वैश्विक संकेत फिलहाल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। निवेशकों की नजर अब आने वाले दिनों पर है। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है लेकिन फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।