Stock Market Crash: आज शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए हैं। महज तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों को करीब ₹15 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है।

भारतीय शेयर बाजार इस समय भारी दबाव में नजर आ रहा है। जिस आशंका को लेकर निवेशक पिछले कुछ दिनों से चिंतित थे वही अब हकीकत बन चुकी है। लगातार तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई पर बड़ा असर पड़ा है। महज तीन दिनों के भीतर बाजार से करीब ₹15 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो चुकी है। इस गिरावट ने न केवल निवेशकों का भरोसा हिलाया है बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है।
बुधवार को शेयर बाजार ने भले ही मामूली उतार-चढ़ाव के साथ शुरुआत की हो लेकिन यह सुस्ती ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 82,180 से फिसलकर 81,794 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 82,282 तक पहुंच भी गया। हालांकि, यह तेजी क्षणिक साबित हुई और देखते ही देखते सेंसेक्स करीब 1100 अंकों की भारी गिरावट के साथ 81,124 के स्तर तक आ गया। निफ्टी-50 की हालत भी कुछ अलग नहीं रही। यह इंडेक्स 25,141 पर खुलने के बाद 25,277 के स्तर तक गया लेकिन वहां से फिसलकर 24,919 तक टूट गया। दिन के हाई लेवल से निफ्टी करीब 358 अंकों की गिरावट दर्ज करता दिखा।
लगातार गिरते बाजार ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार को बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 465.68 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जो मंगलवार को और गिरकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी सिर्फ एक दिन में ही 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा हो गई। बुधवार को यह गिरावट और गहरी हो गई और खबर लिखे जाने तक बीएसई का मार्केट कैप करीब 4.53 लाख करोड़ रुपये और घट चुका था। तीन कारोबारी दिनों में कुल मिलाकर निवेशकों को करीब ₹15 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।
इस गिरावट की मार हर सेगमेंट पर पड़ी है। लार्जकैप शेयरों में ICICI Bank, L&T, Trent और BEL जैसे दिग्गज स्टॉक्स दबाव में नजर आए। वहीं मिडकैप सेगमेंट में Kalyan Jewellers, Paytm और Coforge जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। स्मॉलकैप शेयरों की बात करें तो यहां हालात और भी खराब रहे। FronSP, Rama Steel और INOX Green जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली जिससे छोटे निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति ने दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल बना दिया है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का रुख, आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी और इसके जवाब में यूरोप के सख्त रुख ने वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। यदि ये टैरिफ लागू होते हैं तो यूरोप की ओर से जवाबी कार्रवाई तय मानी जा रही है जिसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास पर पड़ेगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती इस अनिश्चितता का असर सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। एशियाई बाजारों में कमजोरी के संकेत पहले ही मिल चुके थे जिसने भारतीय बाजार के लिए निगेटिव माहौल तैयार कर दिया। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टैरिफ और व्यापार युद्ध को लेकर स्थिति साफ नहीं होती तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मौजूदा हालात में विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश रणनीति पर टिके रहना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जा रहा है। बाजार की यह गिरावट डर जरूर पैदा करती है लेकिन अनुभवी निवेशकों के लिए यह सही शेयरों में निवेश का मौका भी बन सकती है।
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)