विज्ञापन
Stock Market Today: लगातार तीसरे दिन आई इस गिरावट ने छोटे निवेशकों से लेकर बड़े खिलाड़ियों तक सभी को सतर्क कर दिया है। वैश्विक हालात, महंगा कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इन सबने मिलकर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी बाजार लाल निशान में खुला और कुछ ही मिनटों में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। लगातार तीसरे दिन आई इस गिरावट ने छोटे निवेशकों से लेकर बड़े खिलाड़ियों तक सभी को सतर्क कर दिया है। वैश्विक हालात, महंगा कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इन सबने मिलकर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
आज (24 अप्रैल) बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही। BSE Sensex 77,483 के आसपास खुला लेकिन कुछ ही देर में 554 अंक तक टूटकर करीब 77,110 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी गिरावट के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में और नीचे फिसल गया। यह साफ संकेत है कि बाजार में फिलहाल दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
बाजार खुलते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। गुरुवार को मार्केट बंद होने पर कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 4.66 लाख करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को कुछ ही देर में घटकर करीब 4.64 लाख करोड़ रुपये रह गया यानि सिर्फ शुरुआती कारोबार में ही करीब 2.14 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। यह गिरावट दिखाती है कि बाजार में घबराहट का माहौल है और निवेशक तेजी से पैसा निकाल रहे हैं।
इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं जो कुछ इस प्रकार है-
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है जो बाजार को प्रभावित करता है।
दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से अनिश्चितता बढ़ी है। इसका असर सीधे निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है।
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है।
एशियाई और यूरोपीय बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है।
अगर गुरुवार की बात करें तो उस दिन भी बाजार में भारी गिरावट देखी गई थी। BSE Sensex 850 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था जबकि Nifty 50 भी 200 अंकों से ज्यादा गिरा था। इस दौरान कच्चे तेल की कीमत में तेजी और वैश्विक संकेतों की कमजोरी पहले से ही बाजार को दबाव में डाल चुकी थी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी और वैश्विक तनाव कम नहीं होगा तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट मौके की तरह भी देखी जा सकती है लेकिन शॉर्ट टर्म में सावधानी बरतना जरूरी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
विज्ञापन