Stock Market: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण सेंसेक्स करीब 450 अंकों की गिरावट के साथ फिसला जबकि निफ्टी 25,300 के अहम स्तर से नीचे आ गया। मेटल सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली।

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (30 जनवरी) को जबरदस्त हड़कंप देखने को मिला। कमजोर ग्लोबल संकेतों और एशियाई बाजारों में गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में फिसल गए और मेटल सेक्टर में भारी बिकवाली ने हालात और बिगाड़ दिए। शुरुआती कारोबार ने साफ कर दिया कि आज का दिन निवेशकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि निफ्टी 25,300 के अहम स्तर को संभाल नहीं पाया। निफ्टी 167.25 अंक यानी 0.66 फीसदी गिरकर 25,251.65 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं बीएसई सेंसेक्स भी 489.29 अंक यानी करीब 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 82,077.08 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार की यह कमजोरी निवेशकों के भरोसे को झटका देने वाली रही।
बाजार की चाल यानी मार्केट ब्रेड्थ भी आज बेहद कमजोर रही। एनएसई पर जहां केवल 748 शेयरों में तेजी देखने को मिली वहीं 1,610 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद होते दिखे। करीब 183 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। नेस्ले, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स और सन फार्मा जैसे कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश जरूर की लेकिन भारी बिकवाली के आगे ये कोशिश नाकाफी साबित हुई।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा नुकसान मेटल सेक्टर को हुआ। मेटल शेयरों में आई भयंकर बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। नेशनल एल्युमीनियम (NALCO) के शेयर 5.85 फीसदी टूटकर 403.75 रुपये पर आ गए। वहीं वेदांता लिमिटेड 5.25 फीसदी की गिरावट के साथ 726.15 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
हिंदुस्तान जिंक के शेयर 5 फीसदी से ज्यादा टूट गए जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 4.46 फीसदी और एनएमडीसी 4.27 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। टाटा स्टील, जिंदल स्टील एंड पावर और सेल (SAIL) जैसे दिग्गज शेयरों में भी 2 से 3 फीसदी तक की कमजोरी देखने को मिली। साफ है कि मेटल इंडेक्स आज बाजार का सबसे बड़ा लूजर बनकर उभरा।
नेशनल एल्युमीनियम, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, हिंडाल्को, एनएमडीसी, टाटा स्टील, जिंदल स्टील और सेल जैसे शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे मेटल सेक्टर पर दबाव और बढ़ गया। जहां शेयर बाजार में हाहाकार मचा रहा वहीं भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले हल्की मजबूती दिखाई। शुक्रवार को रुपया 91.92 प्रति डॉलर पर खुला जबकि पिछले सत्र में यह 91.95 पर बंद हुआ था। हालांकि, रुपये की यह मजबूती शेयर बाजार की गिरावट को रोकने में नाकाम रही।
भारतीय बाजार की कमजोरी के पीछे ग्लोबल संकेत बड़ी वजह बने। गिफ्ट निफ्टी में सुबह ही 156 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। जापान का निक्केई 179 अंक फिसला जबकि ताइवान का बाजार 377 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग हल्की तेजी में रहा लेकिन इसका असर भारतीय बाजार पर नहीं दिखा।
मेटल के साथ-साथ ऑटो और आईटी सेक्टर पर भी दबाव बना रहा। गुरुवार को बाजार में जो थोड़ी राहत देखने को मिली थी वह शुक्रवार को पूरी तरह खत्म हो गई। फिलहाल निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और ज्यादातर लोग ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं।
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