बाजार खुलते ही अचानक तेज गिरावट देखने को मिली जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। कुछ ही सेकंड में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हो गया और लगभग हर सेक्टर के शेयर दबाव में नजर आए।

गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी भारी साबित हुई। बाजार खुलते ही अचानक तेज गिरावट देखने को मिली जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई। कुछ ही सेकंड में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हो गया और लगभग हर सेक्टर के शेयर दबाव में नजर आए। वैश्विक हालात और पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा जिसके कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही शुरुआती कारोबार में तेजी से नीचे आ गए।
जैसे ही सुबह ट्रेडिंग शुरू हुई, बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई देने लगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से करीब 494 अंक गिरकर खुला। हालांकि गिरावट यहीं नहीं रुकी और कुछ ही मिनटों में यह और गहरी हो गई। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 900 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इसी राह पर चलता दिखा। निफ्टी कमजोर शुरुआत के साथ खुला और कुछ ही देर में 260 से ज्यादा अंक टूटकर नीचे आ गया। बाजार का माहौल ऐसा था कि लगभग हर सेक्टर में लाल निशान देखने को मिला।
इस गिरावट से सिर्फ छोटे शेयर ही नहीं बल्कि बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयर भी बच नहीं पाए। कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल जैसे बड़े नाम भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव दिखा। आईटीसी, इन्फोसिस, टीसीएस और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि कुछ आईटी कंपनियों ने हल्की मजबूती दिखाकर बाजार को थोड़ी राहत देने की कोशिश की।
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर देखने को मिला। इन सेक्टरों के कई बड़े शेयरों में एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। मारुति, एसबीआई, कोटक बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी अच्छी-खासी कमजोरी देखने को मिली। इसके अलावा एयरलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। इंडिगो और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई जिससे बाजार का माहौल और ज्यादा नकारात्मक हो गया।
भारतीय बाजार में आई इस गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को गिरावट का माहौल रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा वहीं हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी दबाव में रहे। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
बाजार में इस तरह की अचानक गिरावट अक्सर वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट का नतीजा होती है। ऐसे समय में विशेषज्ञ आमतौर पर निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचने की सलाह देते हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का हिस्सा होता है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय धैर्य रखने का होता है।
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