आज के शेयर बाजार में कल की गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश दिखाई दी। निफ्टी 50 और सेंसेक्स में बढ़त देखने को मिली। बैंकिंग और PSU शेयरों में अच्छी खरीदारी रही। ABB इंडिया और नोवार्टिस इंडिया जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की खरीदारी आई।

कल की तेज गिरावट के बाद आज शेयर बाजार ने थोड़ा संभलने की कोशिश की। सुबह की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ हुई और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। माहौल अभी पूरी तरह निश्चिंत नहीं है, लेकिन घबराहट भी पहले जैसी नहीं दिख रही। निवेशक फिलहाल ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
करीब 10 बजे के आसपास BSE Sensex 147 अंकों से ज्यादा चढ़कर 82,646 के आसपास कारोबार कर रहा था जबकि Nifty 50 60 अंकों की बढ़त के साथ 25,500 के पार पहुंच गया। बैंक निफ्टी में 300 अंकों से ज्यादा की तेजी देखी गई जिससे साफ है कि बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत आधार दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की खरीदारी लौटी, हालांकि IT सेक्टर में अब भी दबाव बना हुआ है। बाजार में बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर रही जो यह दिखाता है कि निवेशक अभी पूरी तरह आक्रामक मूड में नहीं हैं।
आज के कारोबार में कुछ खास शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। तिमाही नतीजों के बाद ABB India का शेयर करीब 5 फीसदी उछल गया, क्योंकि कंपनी की ऑर्डर बुक में 52 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह Siemens में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं हिस्सेदारी बिक्री की खबर के चलते Novartis India का शेयर 16 फीसदी तक चढ़ गया। इसकी पैरेंट कंपनी Novartis AG ने अपनी 71 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए ChrysCapital से करार किया है जिसके बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
ग्लोबल संकेतों की बात करें तो United States में वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स हल्की बढ़त में रहे। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran को न्यूक्लियर कार्यक्रम को लेकर 10 से 15 दिन की डेडलाइन दी है जिससे पश्चिम एशिया में तनाव की आशंका बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास पहुंच गया है, जो बाजार के लिए चिंता की बात है क्योंकि भारत कच्चे तेल के आयात पर काफी हद तक निर्भर है। अगर हालात बिगड़ते हैं तो बाजार में फिर से दबाव बढ़ सकता है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है जो 200 डे मूविंग एवरेज के आसपास है। ऊपर की ओर 25,650 और 25,720 के स्तर रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। अगर बाजार इन स्तरों को पार करता है तो रिकवरी मजबूत मानी जाएगी लेकिन अगर दबाव बढ़ता है तो 25,000 के आसपास फिर से सहारा तलाशना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।