IPO निवेशकों की लगेगी लॉटरी? 5 कंपनियां करेंगी मार्केट में एंट्री

शेयर बाजार में 12 जनवरी से IPO की जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। इस हफ्ते 6 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं जबकि 5 कंपनियों के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होंगे। Amagi Media Labs और Bharat Coking Coal जैसे बड़े नाम निवेशकों के बीच चर्चा में हैं।

IPO Listing
Upcoming IPOs
locationभारत
userअसमीना
calendar10 Jan 2026 12:43 PM
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शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए जनवरी का दूसरा हफ्ता बेहद खास रहने वाला है। 12 जनवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में IPO मार्केट में जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान कुल 6 नए पब्लिक इश्यू खुलेंगे जबकि पहले से खुले 2 IPO निवेश के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं, इसी हफ्ते 5 कंपनियों के शेयर शेयर बाजार में लिस्ट होकर निवेशकों की नजरों में रहेंगे। खास बात यह है कि इस बार मेनबोर्ड से लेकर SME सेगमेंट तक निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं जिससे हर तरह के निवेशक के लिए मौके बनते नजर आ रहे हैं।

नए खुलने वाले IPO

12 जनवरी से शुरू होने जा रहे सप्ताह में सबसे पहले Avana Electrosystems IPO खुलेगा। यह ₹35.22 करोड़ का SME इश्यू है, जिसमें निवेश 12 जनवरी से 14 जनवरी तक किया जा सकेगा। इसका प्राइस बैंड ₹56 से ₹59 प्रति शेयर तय किया गया है और लॉट साइज 2000 शेयर का है। IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर 19 जनवरी को NSE SME पर लिस्ट होने की उम्मीद है। इसी दिन Narmadesh Brass Industries IPO भी खुलेगा जिसके जरिए कंपनी ₹44.87 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें निवेशक ₹515 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकेंगे। लॉट साइज 240 शेयर का रखा गया है और IPO के 15 जनवरी को बंद होने के बाद 20 जनवरी को BSE SME पर लिस्टिंग संभव है।

Amagi Media Labs IPO पर रहेगी खास नजर

इस सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण Amagi Media Labs IPO रहेगा। यह मेनबोर्ड सेगमेंट का ₹1788.62 करोड़ का पब्लिक इश्यू है, जो 13 जनवरी को खुलेगा और 16 जनवरी को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹343 से ₹361 प्रति शेयर तय किया गया है जबकि लॉट साइज 41 शेयर का है। कंपनी के शेयर 21 जनवरी को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं। बड़े साइज और मजबूत बिजनेस मॉडल के चलते इस IPO पर निवेशकों की खास नजर रहने वाली है।

13 जनवरी को खुलने वाले अन्य IPO

13 जनवरी से INDO SMC IPO और GRE Renew Enertech IPO भी निवेश के लिए खुलेंगे। INDO SMC का इश्यू साइज ₹91.95 करोड़ है जिसमें ₹141 से ₹149 प्रति शेयर के भाव पर और 1000 शेयर के लॉट में निवेश किया जा सकेगा। इसकी लिस्टिंग 21 जनवरी को BSE SME पर होने की संभावना है। वहीं GRE Renew Enertech IPO का साइज ₹39.56 करोड़ है। इसमें ₹100 से ₹105 के प्राइस बैंड और 1200 शेयर के लॉट में बोली लगाई जा सकेगी। IPO बंद होने के बाद इसके शेयर भी 21 जनवरी को BSE SME पर लिस्ट हो सकते हैं।

Armour Security IPO भी करेगा एंट्री

इसके अलावा Armour Security IPO 14 जनवरी को खुलेगा और 19 जनवरी को बंद होगा। ₹26.51 करोड़ के इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹55 से ₹57 प्रति शेयर है और लॉट साइज 2000 शेयर रखा गया है। कंपनी के शेयर 22 जनवरी को NSE SME पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

पहले से खुले IPO जिनमें अभी मौका है

इस सप्ताह पहले से खुले दो IPO भी निवेश के लिए उपलब्ध रहेंगे। Defrail Technologies IPO ₹13.77 करोड़ का SME इश्यू है, जो 9 जनवरी को खुला था और 13 जनवरी को बंद हो जाएगा। अभी तक इसे करीब 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। इसकी लिस्टिंग 16 जनवरी को BSE SME पर होने की संभावना है। वहीं Bharat Coking Coal IPO, जो कोल इंडिया की सब्सिडियरी है, निवेशकों के बीच जबरदस्त डिमांड में है। ₹1071.11 करोड़ के इस मेनबोर्ड इश्यू को पहले ही दिन 8 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। यह IPO 13 जनवरी को बंद होगा और इसके शेयर 16 जनवरी को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

नए सप्ताह में शेयर बाजार में लिस्ट होंगी 5 कंपनियां

लिस्टिंग के लिहाज से भी यह सप्ताह काफी अहम रहेगा। 13 जनवरी को Gabion Technologies के शेयर BSE SME पर लिस्ट होंगे। 14 जनवरी को Victory Electric Vehicles NSE SME पर और Yajur Fibres BSE SME पर एंट्री कर सकते हैं। इसके बाद 16 जनवरी को Bharat Coking Coal के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है। इसी दिन Defrail Technologies के शेयर भी BSE SME पर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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HDFC लोन रेट्स में बदलाव, अब EMI चुकाना होगा आसान

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक ने नए साल में होम और कार लोन की EMI में बड़ी राहत दी है। MCLR दरों में हुई यह छोटी सी कटौती आपके लिए बड़ा फायदा ला सकती है और इस बदलाव का असर जानना अब जरूरी हो गया है।

HDFC
एचडीएफसी का तोहफा
locationभारत
userअसमीना
calendar09 Jan 2026 12:04 PM
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एचडीएफसी बैंक ने नए साल की शुरुआत अपने ग्राहकों के लिए खास तोहफे के साथ की है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कमी की घोषणा की है, जिससे होम और कार लोन लेने वाले ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा। बैंक ने चुनिंदा लोन टेन्योर पर 5 बेसिस पॉइंट (BPS) तक की कटौती की है यानी छोटे प्रतिशत बिंदु जो आपके EMI को कम करने में मदद करेंगे। यह कदम नए साल में ग्राहकों के लिए एक आर्थिक राहत की तरह है।

नई MCLR दरें लागू

एचडीएफसी बैंक की नई MCLR दरें 7 जनवरी 2026 से लागू हो गई हैं। ओवरनाइट और एक महीने की MCLR दर 8.30% से घटकर 8.25% हो गई हैं जबकि तीन महीने की दर 8.35% से 8.30% और एक साल की दर 8.45% से 8.40% कर दी गई है। दो और तीन साल की दरें क्रमशः 8.50% और 8.55% पर स्थिर बनी हुई हैं। इस बदलाव के बाद होम और कार लोन पर EMI में कमी आएगी।

MCLR क्या है?  

MCLR यानी Marginal Cost of Funds-based Lending Rate वह न्यूनतम ब्याज दर है जो बैंक किसी विशेष लोन पर वसूल सकता है। सरल शब्दों में कहें तो यह दर लोन पर लगने वाली कम से कम ब्याज दर तय करती है। RBI ने 2016 में MCLR की शुरुआत की थी ताकि ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ सके और लोन लेने वालों को सही जानकारी मिल सके। HDFC बैंक की वर्तमान आधार दर 8.90% है जो कि बैंक की लोन दरों का बेसलाइन है। MCLR में कमी का मतलब है कि अब ग्राहक कम ब्याज देंगे और उनके EMI में तुरंत राहत मिलेगी।

FD पर भी ब्याज दरें जारी

एचडीएफसी बैंक ने अपनी सावधि जमा (FD) पर भी ब्याज दरें जारी की हैं। आम नागरिकों के लिए FD दरें 2.75% से 6.45% तक और सीनियर सिटीजन्स के लिए 3.25% से 6.95% तक हैं। उच्चतम ब्याज दरें 18 महीने से लेकर 3 साल से कम की FD पर लागू होती हैं। ये नई दरें 17 दिसंबर, 2025 से प्रभावी हैं और बैंक की पारदर्शिता और ग्राहकों को बेहतर विकल्प देने की नीति को दर्शाती हैं।

ले सकते हैं बेहतर वित्तीय निर्णय

नए साल में HDFC बैंक की MCLR में यह कमी ग्राहकों के लिए सीधी आर्थिक राहत है। होम और कार लोन लेने वाले अब कम ब्याज पर EMI चुकाएंगे और लोन की कुल लागत घट जाएगी। बैंक की पारदर्शी और लाभकारी ब्याज दर नीति से ग्राहक बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकते हैं। अगर आप नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो HDFC बैंक की नई MCLR दरें आपके लिए एक बहुत बड़ा अवसर साबित हो सकती हैं।

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चीन को आईना दिखाने की बड़ी तैयारी, भारत करेगा साइलैंट अटैक!

Budget 2026: बजट 2026 में भारत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर बड़ा दांव खेल सकता है। चीन पर इंपोर्ट निर्भरता घटाने और लोकल प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए 23,000 करोड़ रुपये की तैयारी हो रही है। किन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा और यह प्लान कैसे बदल सकता है भारत की तस्वीर, इसका पूरा संकेत यहां है।

Budget 2026
बजट 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar09 Jan 2026 10:50 AM
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भारत सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में ऐसा बड़ा ऐलान कर सकती है जो देश की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने और चीन को सीधी टक्कर देने के लिए सरकार महंगे और हैवी कंपोनेंट्स के लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। इस रणनीति के तहत बजट 2026 में करीब 23,000 करोड़ रुपये के इंसेंटिव पैकेज की घोषणा संभव मानी जा रही है। अगर यह योजना लागू होती है तो भारत का कैपिटल गुड्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर पूरी तरह बदल सकता है।

भारत उठा सकता है बड़ा कदम

सरकार का साफ मकसद है कि भारत को हैवी मशीनरी और एडवांस टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। अभी टनल बोरिंग मशीन, क्रेन, हाइड्रोलिक्स सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट जैसे अहम उपकरणों का बड़ा हिस्सा चीन, जापान, जर्मनी और साउथ कोरिया से आयात किया जाता है। बजट 2026 में प्रस्तावित इंसेंटिव स्कीम इसी निर्भरता को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

किस सेक्टर को मिलेगा कितना पैसा?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, निर्माण उपकरण (Construction Equipment) सेक्टर के लिए सबसे बड़ा पैकेज तैयार किया जा रहा है। इस सेक्टर को 14,000 से 16,000 करोड़ रुपये तक के इंसेंटिव मिलने की संभावना है। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूत ग्लोबल वैल्यू चेन तैयार करने के लिए करीब 7,000 करोड़ रुपये की अलग योजना पर काम चल रहा है। इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य भारत को हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है।

हैवी मशीनरी का स्वदेशीकरण क्यों है जरूरी?

टनल बोरिंग मशीन, क्रेन और अन्य हाई-लेवल निर्माण उपकरण देश के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रीढ़ हैं। बीते वर्षों में चीन द्वारा टनल बोरिंग मशीन के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से भारत के कई बड़े प्रोजेक्ट प्रभावित हुए थे। यही वजह है कि सरकार अब इन मशीनों का लोकल प्रोडक्शन बढ़ाने पर फोकस कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी देश के फैसलों का असर भारत की ग्रोथ पर न पड़े।

कौन-कौन से कंपोनेंट्स होंगे भारत में तैयार?

इस योजना के तहत हाइड्रोलिक्स सिस्टम, अंडरकैरिज, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU), सेंसर और टेलीमैटिक्स जैसे हाई-टेक कंपोनेंट्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। लक्ष्य यह है कि पूरी तरह से बनी मशीनों का आयात कम हो और भारत में ही वैल्यू एडिशन हो। इससे न सिर्फ लागत घटेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

360 डिग्री कैमरा और ADAS पर जोर

ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए प्रस्तावित योजना का फोकस एडवांस टेक्नोलॉजी पर है। एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), 360 डिग्री कैमरे और स्मार्ट सेंसर जैसे मॉडर्न कार फीचर्स को भारत में ही बनाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार इन कंपोनेंट्स के लिए कम से कम 50% घरेलू मूल्यवर्धन के साथ लोकल मैन्युफैक्चरिंग को इंसेंटिव दे सकती है। इससे भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि एक्सपोर्ट के नए रास्ते भी खुलेंगे।

कैपिटल गुड्स और प्रोटोटाइपिंग को भी मिलेगा सपोर्ट

नई जीवीसी योजना के तहत ऑटो पार्ट्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले मोल्ड, पावर टूल्स और अन्य कैपिटल गुड्स की खरीद पर सब्सिडी दी जा सकती है। इसके अलावा, प्रोटोटाइपिंग सेंटर्स की स्थापना को भी सरकारी समर्थन मिलेगा जिससे भारतीय कंपनियां नई टेक्नोलॉजी को तेजी से डेवलप कर सकें।

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