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पिछले कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद सोमवार सुबह चांदी के भाव में मामूली गिरावट आई लेकिन कुल मिलाकर कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली में 20 अप्रैल का रेट रविवार के मुकाबले 100 रुपये प्रति किलो कम रहा जबकि महीने की शुरुआत की तुलना में दाम अभी भी काफी ऊपर हैं।

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार *20 अप्रैल) को चांदी के दाम में हल्की नरमी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में उत्तर भारत के कई बड़े शहरों में चांदी का भाव करीब 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रहा। Goodreturns के मुताबिक, भारत में आज चांदी का औसत भाव 275 रुपये प्रति ग्राम और 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम है जबकि दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में यह करीब 2,74,900 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। अक्षय तृतीया के आसपास सोना-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है इसलिए त्योहार के बाद बाजार में छोटे उतार-चढ़ाव पर भी लोगों की नजर रहती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद सोमवार सुबह चांदी के भाव में मामूली गिरावट आई लेकिन कुल मिलाकर कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली में 20 अप्रैल का रेट रविवार के मुकाबले 100 रुपये प्रति किलो कम रहा जबकि महीने की शुरुआत की तुलना में दाम अभी भी काफी ऊपर हैं।
दिल्ली, लखनऊ और उत्तर भारत के कई बड़े बाजारों में चांदी का दाम लगभग एक जैसा बना रहा। दिल्ली में चांदी 2,74,900 रुपये प्रति किलो रही और लखनऊ में भी यही रेट दर्ज किया गया। इस वजह से यूपी और आसपास के बाजारों में खरीदारी करने वालों को लगभग एक ही स्तर का भाव देखने को मिला। राष्ट्रीय औसत भी करीब 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रहा जिससे साफ है कि उत्तर भारत में आज का रुझान हल्की गिरावट के बावजूद मजबूत बना हुआ है। बिहार के बाजारों में भी आम तौर पर उत्तर भारत जैसा ही रेट देखने को मिलता है। ऐसे में पटना और दूसरे प्रमुख शहरों में चांदी का भाव इसी दायरे के आसपास रहने की संभावना रही। आपके दिए गए शहरों की सूची में दिल्ली, यूपी और उत्तर भारत के दूसरे प्रमुख केंद्र 2,74,900 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार करते दिखे इसलिए बिहार के पाठकों के लिए भी यही रेंज व्यावहारिक संदर्भ मानी जा सकती है।
उत्तर भारत के मुकाबले दक्षिण भारत में चांदी थोड़ी महंगी रही। चेन्नई में आज चांदी का रेट 2,80,000 रुपये प्रति किलो के करीब रहा, जबकि हैदराबाद में 10 ग्राम का रेट 2,300 रुपये बताया गया जो किलो के हिसाब से उत्तर भारत से ऊपर बैठता है। इससे साफ है कि अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स, ज्वेलरी ट्रेड और सप्लाई के कारण रेट में फर्क बना रहता है। इसी वजह से अक्सर देखा जाता है कि दक्षिण भारतीय शहरों में चांदी का भाव उत्तर भारत से कुछ हजार रुपये ज्यादा रहता है। जो लोग निवेश या शादी-ब्याह के लिए बड़ी मात्रा में चांदी खरीदते हैं उनके लिए यह अंतर काफी मायने रखता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देखना चाहिए।
सोमवार की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला। कॉमेक्स पर चांदी करीब 1.55 फीसदी गिरकर 80.57 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। इसी दौरान सोने में भी कमजोरी दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जैसे कारणों का असर कीमती धातुओं पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की गिरावट का असर घरेलू बाजार की सोच पर भी पड़ता है। हालांकि भारतीय बाजार में हर बार वही चाल नहीं दिखती क्योंकि यहां रुपये-डॉलर का भाव, स्थानीय मांग और वायदा बाजार का रुख भी असर डालता है। फिर भी ग्लोबल मार्केट की नरमी ने सोमवार को चांदी की तेजी पर थोड़ा ब्रेक जरूर लगाया।
घरेलू वायदा बाजार यानी MCX में पिछला बंद भाव भी काफी अहम माना जाता है क्योंकि इससे अगले दिन के रुख का अंदाजा लगता है। शुक्रवार के सत्र में MCX पर चांदी 0.36 फीसदी चढ़कर 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इसके बाद सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण बाजार में हल्की नरमी का माहौल बना। यही वजह है कि भले ही फिजिकल मार्केट में गिरावट बहुत बड़ी नहीं रही लेकिन निवेशकों और खरीदारों की नजर आज के मूड पर टिकी रही। त्योहारों के मौसम में हल्की गिरावट भी कई लोगों के लिए खरीदारी का मौका बन जाती है।
आज की चाल को देखें तो चांदी में बड़ी टूट नहीं आई है बल्कि यह एक हल्का सुधार जैसा नजर आता है। दाम अब भी ऊंचे स्तर पर हैं और महीने की शुरुआत से तुलना करें तो कीमतों में अच्छा उछाल बना हुआ है। ऐसे में जो लोग निवेश के लिए खरीदारी करना चाहते हैं वे बाजार को थोड़ी और बारीकी से देख सकते हैं। वहीं जिन लोगों को शादी, पूजा या घरेलू जरूरत के लिए चांदी लेनी है, उनके लिए यह समय पूरी तरह खराब भी नहीं कहा जा सकता।
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