किसानों और ग्रामीणों की लगेगी लॉटरी! हो रही है बड़ी तैयारी

Budget 2026-27: Budget 2026-27 में किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए बड़े ऐलान किए जाने की संभावना है। सरकार ग्रामीण रोजगार, आवास और सड़क योजनाओं पर फोकस बढ़ाने की तैयारी कर रही है। MGNREGS और PMAY-G जैसी योजनाओं में डबल-डिजिट बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Budget 2026-27
ग्रामीणों के लिए सरकार का बड़ा प्लान
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Jan 2026 01:42 PM
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आने वाला बजट 2026-27 ग्रामीण भारत के लिए कई मायनों में खास साबित हो सकता है। सरकार इस बार शहरी विकास के साथ-साथ गांवों और किसानों पर अपना फोकस और मजबूत करने की तैयारी में है। बढ़ती महंगाई, कमजोर ग्रामीण मांग और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए सरकार की रणनीति साफ नजर आ रही है। गांवों में पैसा पहुंचेगा, काम बढ़ेगा और उसी के साथ देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। संकेत मिल रहे हैं कि बजट में ग्रामीण रोजगार, आवास और सड़क योजनाओं के लिए दो अंकों की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में संभावित बड़ा इजाफा

वर्तमान वित्तीय वर्ष में ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 1.88 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था जो पिछले साल के मुकाबले करीब 8 फीसदी ज्यादा था। अब 2026-27 के बजट में इस हिस्से को और मजबूत करने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ग्रामीण इलाकों के लिए प्रमुख योजनाओं में डबल-डिजिट ग्रोथ देने पर विचार कर रही है ताकि गांवों में निवेश बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिले।

रोजगार योजना में बदलाव की तैयारी

ग्रामीण रोजगार को लेकर सरकार एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ती नजर आ रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी MGNREGS की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना लाने का प्रस्ताव है। इस नई योजना के तहत 2026-27 में 95,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है। नए कानून के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी के लिए मौजूदा साल के संशोधित अनुमान के मुकाबले करीब 11 फीसदी ज्यादा बजट दिए जाने की संभावना है जिससे ग्रामीण मजदूरों की आमदनी बढ़ाने पर जोर रहेगा।

ग्रामीण आवास और सड़कों पर खास ध्यान

सरकार का मानना है कि ग्रामीण आवास और सड़क जैसी योजनाओं का अर्थव्यवस्था पर हाई मल्टीप्लायर प्रभाव पड़ता है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए 54,832 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। इन दोनों योजनाओं में 2026-27 में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। गांवों में पक्के घर और बेहतर सड़कें न सिर्फ जीवन स्तर सुधारती हैं बल्कि स्थानीय रोजगार और मांग को भी बढ़ावा देती हैं।

मौजूदा साल में क्यों कम रहा खर्च?

रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष में कुछ योजनाओं में खर्च उम्मीद से कम रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्राम सड़क योजना में संशोधित अनुमान के तहत बजट में कटौती की जा सकती है, क्योंकि नए चरण के लिए पात्र लाभार्थियों की पहचान में ज्यादा समय लग गया। इसी वजह से घरों के निर्माण और सड़क परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित हुई।

3 करोड़ घरों का लक्ष्य और आगे की जरूरत

कैबिनेट ने 2024 में देशभर में पांच साल में 3 करोड़ नए घर बनाने के लिए 3.06 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी थी। इनमें से 2 करोड़ घर ग्रामीण इलाकों में PMAY-G के तहत बनाए जाने हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 3.51 मिलियन घर पूरे करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब तक करीब 1.8 मिलियन घर ही बन पाए हैं। हालांकि, लाभार्थियों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है और आने वाले महीनों में निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है जिसके लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत पड़ेगी।

ग्रामीण सड़कों से जुड़े नए प्लान

ग्रामीण सड़कों के मोर्चे पर भी सरकार बड़े प्लान के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के लिए सितंबर 2024 में पांच साल का 70,125 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया गया था। नए चरण में शामिल होने वाले गांवों की सूची तैयार करने में देरी के कारण इस साल खर्च कम रहा लेकिन अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत काम में तेजी आने की संभावना है।

ग्रामीण बजट से बढ़ेगी मांग और विकास

ग्रामीण इलाकों में बढ़ता सरकारी खर्च स्थायी संपत्तियों के निर्माण में मदद करेगा, जिससे अंदरूनी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। रोजगार योजनाओं से ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ेगी वहीं आवास और सड़क परियोजनाएं लंबे समय तक आर्थिक विकास को सहारा देंगी। कुल मिलाकर कहें तो बजट 2026-27 ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद और नए अवसर लेकर आ सकता है।

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तीन दिन में हिला शेयर बाजार, डूब गए ₹15 लाख करोड़, वजह चौंकाने वाली

Stock Market Crash: आज शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए हैं। महज तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों को करीब ₹15 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है।

Share Market Crash
क्रैश हुआ शेयर बाजार
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Jan 2026 01:13 PM
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भारतीय शेयर बाजार इस समय भारी दबाव में नजर आ रहा है। जिस आशंका को लेकर निवेशक पिछले कुछ दिनों से चिंतित थे वही अब हकीकत बन चुकी है। लगातार तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई पर बड़ा असर पड़ा है। महज तीन दिनों के भीतर बाजार से करीब ₹15 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो चुकी है। इस गिरावट ने न केवल निवेशकों का भरोसा हिलाया है बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है।

सुस्त शुरुआत के बाद अचानक टूटा बाजार

बुधवार को शेयर बाजार ने भले ही मामूली उतार-चढ़ाव के साथ शुरुआत की हो लेकिन यह सुस्ती ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 82,180 से फिसलकर 81,794 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 82,282 तक पहुंच भी गया। हालांकि, यह तेजी क्षणिक साबित हुई और देखते ही देखते सेंसेक्स करीब 1100 अंकों की भारी गिरावट के साथ 81,124 के स्तर तक आ गया। निफ्टी-50 की हालत भी कुछ अलग नहीं रही। यह इंडेक्स 25,141 पर खुलने के बाद 25,277 के स्तर तक गया लेकिन वहां से फिसलकर 24,919 तक टूट गया। दिन के हाई लेवल से निफ्टी करीब 358 अंकों की गिरावट दर्ज करता दिखा।

तीन दिनों में निवेशकों को लगा तगड़ा झटका

लगातार गिरते बाजार ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार को बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 465.68 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था, जो मंगलवार को और गिरकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी सिर्फ एक दिन में ही 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा हो गई। बुधवार को यह गिरावट और गहरी हो गई और खबर लिखे जाने तक बीएसई का मार्केट कैप करीब 4.53 लाख करोड़ रुपये और घट चुका था। तीन कारोबारी दिनों में कुल मिलाकर निवेशकों को करीब ₹15 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।

बड़े से लेकर छोटे शेयरों तक बिकवाली का असर

इस गिरावट की मार हर सेगमेंट पर पड़ी है। लार्जकैप शेयरों में ICICI Bank, L&T, Trent और BEL जैसे दिग्गज स्टॉक्स दबाव में नजर आए। वहीं मिडकैप सेगमेंट में Kalyan Jewellers, Paytm और Coforge जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। स्मॉलकैप शेयरों की बात करें तो यहां हालात और भी खराब रहे। FronSP, Rama Steel और INOX Green जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली जिससे छोटे निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा।

वैश्विक तनाव बना गिरावट की बड़ी वजह

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति ने दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल बना दिया है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का रुख, आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी और इसके जवाब में यूरोप के सख्त रुख ने वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। यदि ये टैरिफ लागू होते हैं तो यूरोप की ओर से जवाबी कार्रवाई तय मानी जा रही है जिसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास पर पड़ेगा।

भारत समेत दुनिया भर के बाजारों पर असर

वैश्विक स्तर पर बढ़ती इस अनिश्चितता का असर सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। एशियाई बाजारों में कमजोरी के संकेत पहले ही मिल चुके थे जिसने भारतीय बाजार के लिए निगेटिव माहौल तैयार कर दिया। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टैरिफ और व्यापार युद्ध को लेकर स्थिति साफ नहीं होती तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

आगे क्या करें निवेशक?

मौजूदा हालात में विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश रणनीति पर टिके रहना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जा रहा है। बाजार की यह गिरावट डर जरूर पैदा करती है लेकिन अनुभवी निवेशकों के लिए यह सही शेयरों में निवेश का मौका भी बन सकती है।

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

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गोल्ड की ‘हाई-हाई’ सिल्वर की भी ‘बल्ले-बल्ले, देखें आज के रेट

खबर लिखे जाने तक यहां 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 1,57,400 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी में भी तेज बढ़त दर्ज हुई और 6,250 रुपये की तेजी के साथ इसका भाव 3,29,580 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

आज के रेट सोना-चांदी दोनों में बल्ले-बल्ले
आज के रेट: सोना-चांदी दोनों में बल्ले-बल्ले
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Jan 2026 11:05 AM
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Gold-Silver Price : शेयर बाजार आज सीमित दायरे में ठहरा दिखा, लेकिन कमोडिटी मार्केट में तेजी का काफी दमदार माहौल है। एमसीएक्स पर सोना बुधवार को ऑल-टाइम हाई छूता नजर आया, और खबर लिखे जाने तक वायदा कारोबार में इसके दाम करीब 3% उछले रहे। चांदी ने भी रफ्तार पकड़ी और लगभग 1,600 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। उधर घरेलू स्पॉट बाजार में भी चमक बरकरार रही सोना करीब 3.10% चढ़कर 4,550 रुपये महंगा हुआ, जिससे 24 कैरेट 10 ग्राम का भाव बढ़कर 1,55,780 रुपये पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी जोरदार उछाल दिखाया और स्पॉट में करीब 1,990 रुपये बढ़कर 3,25,910 रुपये के स्तर पर जा पहुंची।

दिल्ली- मुंबई दोनों में भाव चढ़े

दिल्ली और मुंबई दोनों ही बड़े बाजारों में आज सोना-चांदी ने तेजी का दमदार संकेत दिया। बुलियन मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में सोने के दामों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला और 10 ग्राम सोना 6,430 रुपये की छलांग लगाकर (करीब 4.28%) 1,57,130 रुपये के पार निकल गया। चांदी भी पीछे नहीं रही दिल्ली में इसका भाव करीब 2% चढ़कर 3,29,020 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। उधर आर्थिक राजधानी मुंबई में भी रुझान लगभग यही रहा। खबर लिखे जाने तक यहां 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 1,57,400 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी में भी तेज बढ़त दर्ज हुई और 6,250 रुपये की तेजी के साथ इसका भाव 3,29,580 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

फ्यूचर्स मार्केट में सोना-चांदी दोनों चमके

एमसीएक्स (Multi Commodity Exchange) पर आज सोना रिकॉर्ड जोन में बना हुआ है और ऑल-टाइम हाई के आसपास कारोबार कर रहा है। 5 फरवरी को एक्सपायर होने वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में तेज खरीदारी दिखी, जिसके चलते भाव करीब 4.17% चढ़े। खबर लिखे जाने तक सोना 6,272 रुपये की मजबूती के साथ 1,56,837 रुपये का स्तर पार कर गया। चांदी ने भी इसी ट्रेंड को फॉलो किया और एमसीएक्स पर ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गई। 5 मार्च एक्सपायरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में उछाल के साथ कीमत 7,214 रुपये बढ़कर 3,30,886 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची। Gold-Silver Price

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