स्पेशलिटी मेडिसिन्स के शेयर बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर ₹124 पर ही लिस्ट हुए यानी निवेशकों को लिस्टिंग गेन नहीं मिला। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी देखने को मिली और यह तेजी से ऊपर चढ़ गया। कुछ ही समय में शेयर ₹129.50 तक पहुंच गया।

स्पेशलिटी मेडिसिन्स के शेयरों ने आज शेयर बाजार में एंट्री की और शुरुआत भले ही फ्लैट रही लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी देखने को मिली। ₹124 के इश्यू प्राइस पर सूचीबद्ध हुए इस शेयर ने थोड़ी ही देर में ऊपर चढ़ते हुए ₹129.50 का स्तर छू लिया। इस तरह आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही करीब 4.44 फीसदी का मुनाफा मिल गया। हालांकि कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक बढ़ाया है।
स्पेशलिटी मेडिसिन्स के शेयर बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर ₹124 पर ही लिस्ट हुए यानी निवेशकों को लिस्टिंग गेन नहीं मिला। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी देखने को मिली और यह तेजी से ऊपर चढ़ गया। कुछ ही समय में शेयर ₹129.50 तक पहुंच गया जिससे आईपीओ निवेशकों को मुनाफा मिलने लगा। यह तेजी इस बात का संकेत भी है कि बाजार में इस शेयर को लेकर कुछ निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
स्पेशलिटी मेडिसिन्स का ₹29 करोड़ का आईपीओ 20 मार्च से 24 मार्च तक खुला था। इस दौरान आईपीओ को कुल 2.27 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह हिस्सा 96.24 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी 1.88 गुना भरी जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरी तरह नहीं भर पाया और यह 0.85 गुना ही सब्सक्राइब हुआ। इससे साफ है कि बड़े निवेशकों की रुचि ज्यादा रही जबकि रिटेल निवेशकों ने थोड़ा सतर्क रुख अपनाया।
इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने करीब ₹29 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए करेगी। कंपनी आरएंडडी सेंटर बनाने, विदेशी बाजारों में विस्तार, मार्केटिंग और प्रमोशन जैसे कामों पर खर्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए भी इस रकम का उपयोग करेगी। इससे कंपनी के विस्तार और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्पेशलिटी मेडिसिन्स की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। कंपनी महंगी और विशेष इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। ये दवाइयां खासतौर पर गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती हैं। कंपनी के पोर्टफोलियो में टैबलेट, कैप्सूल, क्रीम, इंजेक्शन, आई ड्रॉप, सिरप, इनहेलर और कई अन्य मेडिकल प्रोडक्ट शामिल हैं। कंपनी देश के 20 से ज्यादा राज्यों और दुनिया के 35 से ज्यादा देशों में अपना कारोबार फैला चुकी है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी तेजी से मजबूत होती नजर आ रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 193.86 फीसदी बढ़कर ₹8.61 करोड़ पहुंच गया। वहीं कंपनी की कुल आय 111.64 फीसदी बढ़कर ₹58.54 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2026 में भी कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के दौरान कंपनी ने ₹6.06 करोड़ का मुनाफा और ₹36.93 करोड़ की आय दर्ज की है। कंपनी पर अक्टूबर 2025 तक कुल ₹4.81 करोड़ का कर्ज था जबकि कंपनी के पास ₹30.04 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस मौजूद था। यह कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।
स्पेशलिटी मेडिसिन्स की फ्लैट लिस्टिंग के बावजूद शेयर में आई तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। हालांकि आईपीओ को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था लेकिन कंपनी का कारोबार, विस्तार की योजना और वित्तीय प्रदर्शन इसे आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना दे सकते हैं। हालांकि निवेश से पहले निवेशकों को बाजार की स्थिति और कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।