Startup IPO 2026: 2026 में भारत के स्टार्टअप IPO बाजार में बड़ा धमाका होने वाला है जहां PhonePe, Zepto, OYO, Boat और कई नई पीढ़ी की कंपनियां शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं, और इन IPOs के जरिए 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जाने की उम्मीद है।

साल 2026 में भारत का शेयर बाजार एक नए इतिहास की ओर बढ़ रहा है। साल 2026 सिर्फ बड़े कॉरपोरेट्स का नहीं बल्कि नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स का साल साबित होने वाला है। जिन कंपनियों को लोगों ने मोबाइल ऐप से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक में इस्तेमाल किया अब वही कंपनियां निवेशकों के लिए कमाई का बड़ा मौका लेकर आ रही हैं। PhonePe, Zepto, Oyo, Boat, Infra.Market और Shadowfax जैसी दिग्गज स्टार्टअप्स IPO के जरिए बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि ये कंपनियां मिलकर 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटा सकती हैं जिससे शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी।
साल 2026 को स्टार्टअप IPO का गोल्डन ईयर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि बीते कुछ सालों में नई पीढ़ी की कंपनियों ने अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत किया है। अब ये कंपनियां सिर्फ ग्रोथ ही नहीं बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी और स्टेबल रेवेन्यू पर भी फोकस कर रही हैं। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा इन पर पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है।
पिछले साल शेयर बाजार में लिस्ट हुई नई पीढ़ी की कंपनियों ने लगभग 36,000 करोड़ रुपये IPO से जुटाए थे। इसमें एथर एनर्जी, लेंसकार्ट, मीशो, ग्रोव, फिजिक्सवाला और पाइन लैब्स जैसी कंपनियां शामिल थीं। इन IPOs से फाउंडर्स, शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिला। कई कंपनियों का लिस्टिंग के बाद प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे यह साफ हो गया कि अब स्टार्टअप सेक्टर ज्यादा मैच्योर हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2021, 2024 और 2025 में लिस्ट हुई कई कंपनियों ने लगातार अच्छा वित्तीय प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों की इनकम कॉल्स और रिजल्ट रिपोर्ट्स आने वाले IPOs के लिए बाजार का सेंटीमेंट तय करेंगी। अब IPO की प्राइसिंग भी ज्यादा संतुलित हो गई है जिससे पब्लिक इन्वेस्टर्स को लॉन्ग टर्म ग्रोथ में शामिल होने का बेहतर मौका मिल रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार फरवरी बजट के बाद IPO मार्केट में तेजी आ सकती है। हालांकि, इसका असर अमेरिका-भारत ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमतें और ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स पर निर्भर करेगा। साथ ही रिलायंस जियो और SBI फंड्स जैसे बड़े IPOs बाजार की तरलता को प्रभावित कर सकते हैं।
घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक IPO बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं। बीमा कंपनियां और पेंशन फंड्स भी अब ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब केवल ग्रोथ नहीं, बल्कि स्पष्ट प्रॉफिट मॉडल और मजबूत गवर्नेंस वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यानी माहौल पॉजिटिव जरूर है लेकिन निवेश ज्यादा सोच-समझकर किया जाएगा।
क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए गोपनीय आवेदन किया है और सितंबर तिमाही में लिस्टिंग की योजना है। Oyo तीसरी बार IPO लाने की तैयारी में है और लगभग 6,650 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब प्रॉफिट में है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं PhonePe लगभग 13,000–14,000 करोड़ रुपये के IPO के साथ शेयर बाजार में उतर सकती है जो 2026 के सबसे बड़े टेक IPOs में से एक होगा।
पिछले साल IPO के जरिए लगभग 18,000 करोड़ रुपये का एग्जिट शुरुआती निवेशकों और फाउंडर्स को मिला। इसके अलावा, करीब 8,700 करोड़ रुपये के ESOPs भी लिक्विड हुए जिससे कर्मचारियों की भी जबरदस्त कमाई हुई। इससे साफ है कि आने वाले IPOs सिर्फ निवेशकों के लिए ही नहीं बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।