सोना और चांदी के दाम फिसले, जान लें 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का नया रेट

सोना और चांदी की कीमतों में मंगलवार को अचानक गिरावट देखने को मिली। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,300 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया। चांदी का भाव भी 1 किलो पर 2,100 रुपये से ज्यादा फिसला। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल टेंशन और डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बयान प्रमुख कारण रहे।

Gold Silver
24 कैरेट गोल्ड रेट कितना है?
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 11:55 AM
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सोना और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही थी लेकिन मंगलवार को अचानक बाजार का रुख बदल गया। खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेज गिरावट दर्ज की गई। जहां सोना 1300 रुपये से ज्यादा फिसल गया वहीं चांदी 2100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई। ग्लोबल टेंशन और टैरिफ से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिसका असर सीधे सोना-चांदी के भाव पर पड़ा। आइए जानते हैं कि आज कितनी गिरावट आई और हाई लेवल से अब तक दाम कितने टूट चुके हैं।

MCX पर खुलते ही टूटा गोल्ड रेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,61,598 रुपये के मुकाबले गिरकर 1,60,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस हिसाब से 24 कैरेट सोना करीब 1,303 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। कुछ ही दिनों पहले तक सोना लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब इसमें तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है।

हाई से अब तक कितना टूटा सोना?

अगर ऑल टाइम हाई की बात करें तो 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। अब मौजूदा कीमत से तुलना करें तो सोना अपने हाई से 32,801 रुपये तक फिसल चुका है। यानी जो लोग ऊंचे भाव पर खरीदारी कर बैठे थे, उन्हें बड़ा झटका लगा है।

चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव 2,65,333 रुपये प्रति किलो के पिछले बंद से टूटकर 2,63,183 रुपये पर आ गया। इस तरह 1 किलो चांदी करीब 2,150 रुपये सस्ती हो गई।

हाई से ₹1.56 लाख सस्ती हो चुकी है चांदी

चांदी ने भी 29 जनवरी को अपना ऑल टाइम हाई छुआ था। उस दिन कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। अब मौजूदा स्तर पर देखें तो चांदी अपने हाई से 1,56,865 रुपये तक सस्ती हो चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है।

गिरावट की वजह क्या है?

कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब ग्लोबल स्तर पर टैरिफ और ट्रेड वॉर को लेकर फिर से चर्चा तेज हुई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के टैरिफ से जुड़े बयानों के बाद बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।

हालांकि सोना-चांदी को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली होना भी स्वाभाविक है। यही वजह है कि रिकॉर्ड हाई छूने के बाद अब इनमें करेक्शन दिख रहा है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है। सोना-चांदी लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अब भी मजबूत माने जाते हैं, लेकिन ऊंचे स्तर से आई इतनी बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि निवेश सोच-समझकर करना चाहिए।

(नोट- सोना-चांदी या फिर गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

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अचानक क्यों धड़ाम हुआ बाजार? जानिए गिरावट के पीछे की बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 800 अंक टूट गया और निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, रुपये की कमजोरी, कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाया।

Stock Market Crash
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locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 11:28 AM
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शेयर बाजार में आज (24 फरवरी) जोरदार गिरावट देखने को मिली। दो दिनों की तेजी के बाद बाजार का मूड अचानक बदल गया और निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 800 अंक तक टूट गया जबकि निफ्टी 25,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, कमजोर ग्लोबल संकेत, रुपये की कमजोरी और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने मिलकर बाजार पर दबाव बना दिया। करीब 10:15 बजे सेंसेक्स 790 अंकों की गिरावट के साथ 82,500 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी लगभग 230 अंक टूटकर 25,500 के नीचे पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी आधा प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। चलिए जानते हैं कि आखिर बाजार क्यों धड़ाम हुआ।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3% तक टूट गया। दरअसल, अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसका नया टूल पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को कम लागत में अपडेट कर सकता है। इससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से आईटी कंपनियों की कमाई पर दबाव आ सकता है। इसी चिंता में आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली हुई।

रुपये में कमजोरी पड़ना

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 90.96 के स्तर तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाता है। हालांकि एफआईआई की खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक संभली लेकिन करेंसी में कमजोरी का असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों में सुस्ती

एशियाई बाजारों में सुस्ती और अमेरिका के Wall Street में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रेड टैरिफ को लेकर सख्त बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो दूसरे व्यापार कानूनों के तहत और ज्यादा टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इस बयान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब ग्लोबल माहौल कमजोर होता है तो भारतीय बाजार भी दबाव में आ जाते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude का दाम करीब 1% बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। तेल महंगा होने से व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी निवेशकों की चिंता बढ़ा देती है और बाजार पर नकारात्मक असर डालती है।

वीकली एक्सपायरी का असर

मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी भी थी। एक्सपायरी वाले दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है क्योंकि ट्रेडर्स अपने फ्यूचर्स और ऑप्शंस सौदों को या तो बंद करते हैं या अगले हफ्ते के लिए रोलओवर करते हैं। इस वजह से दिनभर बाजार में तेज हलचल देखने को मिली और गिरावट और गहरी हो गई।

डिस्क्लेमरः चेतना मंच यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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₹590 करोड़ के फ्रॉड ने हिला दिया IDFC First Bank, निवेशकों के लिए खतरे की घंटी

IDFC First Bank के शेयर में ₹590 करोड़ के फ्रॉड की खबर के बाद भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयर 20% टूटकर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक ने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और मामले की जानकारी बैंकिंग रेगुलेटर व पुलिस को दी है।

IDFC First Bank
IDFC First Bank Share Price Today
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Feb 2026 11:25 AM
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प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर से आई एक बड़ी खबर ने सोमवार को बाजार में भूचाल ला दिया। जैसे ही ₹590 करोड़ के कथित घोटाले की जानकारी सार्वजनिक हुई IDFC First Bank के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में ही शेयर करीब 20 प्रतिशत तक टूट गया जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार में घबराहट इतनी ज्यादा थी कि कुछ ही घंटों में बैंक का मार्केट कैप हजारों करोड़ रुपये घट गया।

शेयर में 20% की गिरावट

घोटाले की खबर सामने आते ही बीएसई पर बैंक का शेयर गिरकर 66.85 रुपये तक पहुंच गया। तेज बिकवाली के कारण कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 61,000 करोड़ रुपये रह गया। निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया है क्योंकि मामला सीधे सरकारी खातों और बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी लेन-देन में अनियमितताएं पाई गईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार, फ्रॉड का आकार करीब ₹590 करोड़ हो सकता है। मामला तब सामने आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर दूसरी बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान बैलेंस में असामान्य अंतर दिखाई दिया। आंतरिक जांच में पाया गया कि यह गड़बड़ी सरकारी-लिंक्ड कुछ खास खातों तक सीमित है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह धोखाधड़ी अन्य ग्राहकों के खातों को प्रभावित नहीं करती है।

नियामक और पुलिस को दी गई सूचना

बैंक ने इस मामले की जानकारी बैंकिंग रेगुलेटर को दे दी है और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल 590 करोड़ रुपये का आंकड़ा प्रारंभिक अनुमान है। बैंक का कहना है कि आगे की जांच, क्लेम वैलिडेशन और संभावित रिकवरी के बाद ही अंतिम राशि स्पष्ट हो पाएगी।

4 अधिकारी सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने चार अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक, सिविल और आपराधिक कार्रवाई की बात कही गई है।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

इस घटनाक्रम के बीच Government of Haryana ने तुरंत प्रभाव से IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को सरकारी कार्यों के लिए डी-एम्पेनल्ड कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अगली सूचना तक राज्य सरकार इन बैंकों में कोई सरकारी फंड जमा नहीं करेगी न निवेश करेगी और न ही इनके माध्यम से वित्तीय लेन-देन करेगी। सरकार के इस फैसले ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है और बाजार में नकारात्मक संकेत भेजे हैं।

आगे क्या रहेगा असर?

इस घोटाले का असर सिर्फ शेयर कीमत तक सीमित नहीं है। इससे बैंक की साख, निवेशकों का भरोसा और भविष्य की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति, रिकवरी की स्थिति और नियामकीय कार्रवाई यह तय करेगी कि बैंक इस संकट से कितनी जल्दी उबर पाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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