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आज बाजार में किसी भी तरह की खरीद-बिक्री नहीं होगी। ट्रेडिंग की छुट्टी के कारण इस सप्ताह कारोबार के दिन कम हो गए हैं जिससे निवेशकों को अपने निवेश और ट्रेडिंग रणनीति पर पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए गुरुवार का दिन अलग रहने वाला है। रामनवमी के अवसर पर देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। ऐसे में आज बाजार में किसी भी तरह की खरीद-बिक्री नहीं होगी। ट्रेडिंग की छुट्टी के कारण इस सप्ताह कारोबार के दिन कम हो गए हैं जिससे निवेशकों को अपने निवेश और ट्रेडिंग रणनीति पर पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर पर छोटे ट्रेडिंग सप्ताह में बाजार की चाल तेज और उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है।
गुरुवार 26 मार्च 2026 को रामनवमी के मौके पर शेयर बाजार में कोई कारोबार नहीं होगा। बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर इक्विटी, डेरिवेटिव, करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। ऐसे में निवेशकों को अगले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को ही बाजार में गतिविधि देखने को मिलेगी। छुट्टी के कारण इस सप्ताह बाजार में कारोबार के दिनों की संख्या घट गई है जिससे निवेशकों को अपने निवेश फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए सिर्फ यह सप्ताह ही छोटा नहीं रहेगा, बल्कि आने वाला सप्ताह भी सीमित ट्रेडिंग दिनों वाला रहेगा। अगले सप्ताह मंगलवार 31 मार्च को महावीर जयंती और शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के चलते शेयर बाजार बंद रहेगा। इस वजह से पूरे सप्ताह में केवल तीन दिन ही कारोबार होगा। इससे निवेशकों को लंबा वीकेंड मिलेगा लेकिन साथ ही बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना भी बढ़ सकती है।
साल 2026 में शेयर बाजार कुल 16 दिनों तक बंद रहने वाला है। इनमें से कुछ छुट्टियां पहले ही बीत चुकी हैं जबकि आगे कई महत्वपूर्ण अवसरों पर बाजार बंद रहेगा।
आने वाले महीनों में प्रमुख छुट्टियां इस प्रकार हैं-
14 अप्रैल : अंबेडकर जयंती
1 मई : महाराष्ट्र दिवस
28 मई : बकरीद
जून : मुहर्रम
सितंबर : गणेश चतुर्थी
अक्टूबर : गांधी जयंती और दशहरा
नवंबर : दिवाली और गुरु नानक जयंती
दिसंबर : क्रिसमस
इन छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को अपनी रणनीति पहले से तैयार रखने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि छुट्टियों के बीच बाजार में सकारात्मक रुख भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स में करीब 800 अंकों की तेजी दर्ज की गई जबकि निफ्टी 23,100 के स्तर के पार पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद यह उछाल निवेशकों के लिए राहत भरा साबित हुआ है। कई सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली जिससे बाजार का माहौल मजबूत हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात में सुधार के संकेत मिलने से बाजार को समर्थन मिल रहा है। खासतौर पर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव में नरमी की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और बाजार की दिशा को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।
छोटे ट्रेडिंग सप्ताह और वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में तेजी का फायदा उठाने के साथ जोखिम को भी ध्यान में रखना जरूरी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें और बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव को अवसर के रूप में देखें।
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