शुक्रवार की सुबह शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा। खुलते ही सेंसेक्स 550 अंकों तक गिर गया और निफ्टी 24600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे खिसक गया। विदेशी बाजारों के कमजोर संकेत और निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली गिरावट के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

शुक्रवार की सुबह शेयर बाजार ने निवेशकों को निराश कर दिया। जैसे ही कारोबार शुरू हुआ बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई देने लगा। शुरुआती मिनटों में ही प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे खिसक गए और निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार की चाल को कमजोर बना दिया। नतीजा यह हुआ कि सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई।
सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex में बड़ी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को मजबूत स्तर पर बंद होने वाला सेंसेक्स शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला और कुछ ही समय में करीब 550 अंकों तक फिसल गया। इसे तकनीकी भाषा में गैप-डाउन ओपनिंग कहा जाता है जो यह दिखाता है कि बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों में बेचने का रुझान बढ़ चुका था। शुरुआती कारोबार में यह गिरावट लगातार जारी रही और बाजार लाल निशान में बना रहा।
इसी तरह Nifty 50 ने भी निवेशकों को निराश किया। पिछले सत्र में मजबूत बंद होने के बावजूद निफ्टी ने शुक्रवार को कमजोरी के साथ शुरुआत की और जल्दी ही 24,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। यह स्तर तकनीकी रूप से काफी अहम माना जाता है इसलिए इसके नीचे जाने से बाजार में कमजोरी का संकेत और भी स्पष्ट हो गया।
इस गिरावट में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। ICICI Bank में करीब 2.6% तक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा InterGlobe Aviation, Larsen & Toubro, UltraTech Cement और Tata Steel जैसे बड़े शेयरों में भी अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही HDFC Bank, Maruti Suzuki, Adani Ports और Bajaj Finance जैसे दिग्गज शेयर भी दबाव में नजर आए।
हालांकि बाजार में चारों तरफ गिरावट के माहौल के बीच आईटी सेक्टर ने थोड़ी राहत जरूर दी। HCLTech, Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा Reliance Industries और Bharat Electronics Limited जैसे शेयरों ने भी बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की मुनाफावसूली इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण हैं। पिछले कुछ दिनों से बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा बुक करना सही समझा। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार के मूड को प्रभावित कर रही है।
बाजार की इस गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराने की बजाय सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत होती है। विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक बाजार की छोटी-मोटी गिरावट से परेशान न हों और अपने निवेश को संतुलित तरीके से बनाए रखें।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। चेतना मंच अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।