Samsung Galaxy S26 Series Review, डिजाइन, परफॉर्मेंस और AI फीचर्स का पूरा अपडेट

Samsung S26: Samsung ने अपनी नई फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज लॉन्च कर दी है। इसमें Galaxy S26, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 Ultra शामिल हैं। इस सीरीज में एजेंटिक AI, 2nm Exynos चिपसेट और प्राइवेसी डिस्प्ले जैसी खासियतें हैं। Galaxy S26 Ultra अब तक का सबसे पतला Ultra फोन है।

Samsung S26
Samsung Galaxy S26
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 06:15 AM
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Samsung ने अपनी नई फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में Galaxy S26, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 Ultra शामिल हैं। कंपनी ने इस बार अपने स्मार्टफोन में AI एक्सपीरियंस, कैमरा और परफॉर्मेंस पर खास ध्यान दिया है। Samsung का मकसद यह है कि फोन यूज़र की रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाएं और तकनीक को सहज अनुभव में बदलें।

स्मार्टफोन अब और ज्यादा स्मार्ट

Galaxy S26 सीरीज में एजेंटिक AI फीचर दिया गया है। इसका मतलब है कि फोन यूज़र की आदतों को सीखकर मदद करेगा। यूजर को बार-बार कोई काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया Now Nudge फीचर सही समय पर जरूरी सुझाव देता है और कम नोटिफिकेशन में काम की बातें याद दिलाता है। इसके अलावा Now Brief और Circle to Search जैसे टूल्स मल्टी-ऐप काम को आसान बनाते हैं। Bixby भी अब अधिक स्मार्ट हो गया है और यूजर सामान्य भाषा में कमांड देकर फोन कंट्रोल कर सकते हैं।

Galaxy S26 Ultra

Galaxy S26 Ultra अब तक का सबसे पतला Ultra फोन है जिसकी मोटाई केवल 7.9mm है। इसमें नई Privacy Display दी गई है जो पब्लिक जगहों पर स्क्रीन को दूसरों की नजर से सुरक्षित रखती है। यह नॉर्मल प्राइवेसी ग्लास से अलग है क्योंकि इसमें हार्डवेयर लेवल प्राइवेसी का इस्तेमाल हुआ है। यूजर सेटिंग्स में जाकर डिस्प्ले के किसी भी हिस्से को हाइड कर सकते हैं जिससे मेट्रो, कैफे या ऑफिस में फोन का इस्तेमाल सुरक्षित और आरामदायक हो जाता है।

भारत में कीमत और वेरिएंट्स

Galaxy S26 Ultra भारत में तीन वेरिएंट में उपलब्ध है। 256GB स्टोरेज और 12GB RAM वाले मॉडल की कीमत ₹1,39,999 है जबकि 512GB + 12GB RAM का वेरिएंट ₹1,59,999 में मिलेगा। टॉप वेरिएंट जिसमें 1TB स्टोरेज और 16GB RAM है उसकी कीमत ₹1,89,999 रखी गई है। Galaxy S26 Plus दो वेरिएंट में आता है और Galaxy S26 के बेस वेरिएंट की कीमत ₹87,999 है। इसके अलावा Samsung ने Galaxy Buds4 और Buds4 Pro भी लॉन्च किए हैं जिनकी कीमत ₹16,999 और ₹22,999 रखी गई है।

परफॉर्मेंस और चार्जिंग में बड़ा अपग्रेड

Galaxy S26 Ultra में नया Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है जबकि Galaxy S26 और S26 Plus में दुनिया का पहला 2nm Exynos 2600 चिपसेट शामिल है। यह चिपसेट स्पीड और मल्टीटास्किंग को बेहतर बनाता है। फोन Super Fast Charging 3.0 सपोर्ट करता है और कंपनी के मुताबिक 30 मिनट में बैटरी 75% तक चार्ज हो जाती है।

कैमरा और वीडियो फीचर्स

Galaxy S26 Ultra में कैमरा सिस्टम को बड़े पैमाने पर अपडेट किया गया है। यह 30fps पर 8K वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है और लो लाइट में भी क्लियर फोटो और वीडियो देता है। Nightography Video फीचर पहले से बेहतर किया गया है। 200 मेगापिक्सल का वाइड और 50 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस, साथ में दो और लेंस, शानदार तस्वीरें लेने में मदद करते हैं। ऑटो फ्रेमिंग और Super Steady फीचर्स वीडियो रिकॉर्डिंग को आसान और स्थिर बनाते हैं। सेल्फी कैमरा भी अलग-अलग लाइटिंग में नैचुरल कलर देता है।

AI टूल्स और फोटो एडिटिंग

Galaxy S26 सीरीज में Gallery Prompt Option भी है। इसका मतलब है कि फोटो एडिटिंग सीधे गैलरी में किया जा सकता है। आप ऑब्जेक्ट रिमूव, फिल्टर और अन्य एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। AI के जरिए मल्टी-ऐप इंटरैक्शन, Gemini और Perplexity जैसे टूल्स का सपोर्ट मिलता है। यह फीचर्स फोटो और वीडियो एडिटिंग को नए स्तर पर ले जाते हैं।

सिक्योरिटी और लॉन्ग टर्म अपडेट

Samsung ने इस सीरीज़ में सिक्योरिटी पर खास ध्यान दिया है। Private Album फीचर के जरिए फोटो और वीडियो अलग से लॉक किए जा सकते हैं। कंपनी ने वादा किया है कि Galaxy S26 सीरीज को 7 साल तक OS और सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे जिससे फोन लंबे समय तक नया जैसा काम करता रहेगा।

डिजाइन और कलर ऑप्शन

Galaxy S26 सीरीज प्रीमियम डिजाइन और कई नए कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। Samsung का कहना है कि यह सिर्फ नया फोन नहीं है बल्कि AI फ्यूचर की दिशा में बड़ा कदम है। यूजर को तकनीक कम महसूस होगी और इसका फायदा अधिक मिलेगा।

Galaxy Buds4 और Buds4 Pro

Galaxy S26 के साथ Samsung ने Galaxy Buds4 और Buds4 Pro भी लॉन्च किए। Buds4 Pro में बेहतर साउंड क्वालिटी के लिए बड़ा वूफर दिया गया है। Noise Cancellation और कॉल क्वालिटी बेहतर हैं। दोनों बड्स में AI फीचर्स हैं जिससे कॉल और म्यूजिक अनुभव अधिक स्मूद और क्लियर होता है।

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चांदी ने एक साल में लगाई लंबी छलांग, गोल्ड को भी पछाड़ा

Silver Price 2026 में चांदी ने एक साल में 276% की छलांग लगाई। हाल ही में कीमतों में करेक्शन भी आया है। Geojit की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक सप्लाई डिफिसिट और मजबूत निवेश मांग कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं। ज्वैलरी मांग में गिरावट के बावजूद औद्योगिक और फिजिकल निवेश मांग में इजाफा देखने को मिल सकता है।

Silver Rate
ज्वैलरी मांग में गिरावट
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 12:49 AM
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साल 2026 की शुरुआत में चांदी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। जनवरी में इसका भाव 100 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया और कई ऑल टाइम हाई दर्ज किए गए। हालांकि इसके बाद करेक्शन आया और कीमतों में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद सालाना आधार पर चांदी की कीमतों में 276 प्रतिशत तक की मजबूती बनी हुई है।

वैश्विक सप्लाई और डिमांड का हाल

Geojit Investments Limited की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भी चांदी की वैश्विक सप्लाई मांग से कम रहेगी। यह लगातार छठा साल है जब बाजार में डिफिसिट की स्थिति बनी रहेगी। कुल मांग अधिक रहने की वजह से वैश्विक स्तर पर तंगी बनी रह सकती है। माइन प्रोडक्शन में हल्की बढ़ोतरी और रीसाइक्लिंग में 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है लेकिन कुल जरूरत इससे ज्यादा है।

ज्वैलरी और औद्योगिक मांग में बदलाव

जियोजीत की रिपोर्ट बताती है कि साल 2026 में ज्वैलरी मांग में 9 प्रतिशत और सिल्वरवेयर में 17 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल सकती है। सोलर सेक्टर में खपत कम होने की वजह से औद्योगिक मांग में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। हालांकि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और एआई जैसे सेक्टर लंबी अवधि की मांग को सहारा देंगे।

निवेश मांग में वृद्धि

फिजिकल निवेश की मांग इस साल लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 227 मिलियन औंस तक पहुंच सकती है। यह पिछले तीन साल का उच्च स्तर है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी से चांदी के भाव को सपोर्ट मिलेगा और बाजार में स्थिरता आएगी।

MCX और तकनीकी रुख

चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू किए हैं। अमेरिका ने चांदी को क्रिटिकल मिनरल्स सूची में शामिल किया है। इन कदमों से चांदी की रणनीतिक अहमियत बढ़ गई है। इसका असर वैश्विक सप्लाई पर भी पड़ सकता है। MCX में चांदी का 2,55,000 रुपये प्रति किलो का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर कीमत इसके नीचे गिरती है, तो शॉर्ट टर्म में दबाव बढ़ सकता है। वहीं लंदन स्पॉट और MCX सिल्वर रेंज बाउंड रह सकते हैं। लॉन्ग टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है और संभावित ट्रेडिंग रेंज 62 से 100 डॉलर प्रति औंस के बीच मानी गई है।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो

जनवरी में गोल्ड-सिल्वर रेशियो 50 से नीचे चला गया था जो 2012 के बाद पहली बार हुआ। फिलहाल यह करीब 58.83 के आसपास है। कम रेशियो दर्शाता है कि चांदी ने गोल्ड के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। डिजिटलाइजेशन, एआई विस्तार, डेटा सेंटर की मांग और भू-राजनीतिक तनाव जैसी थीम्स चांदी को सहारा दे सकती हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेड की नीति, डॉलर की चाल और वैश्विक लिक्विडिटी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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सरकार ने क्यों छोड़ा ग्रीन शू ऑप्शन, मार्केट में क्या हुआ ऐसा?

IRFC के ऑफर फॉर सेल (OFS) में सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया। अब हिस्सेदारी बिक्री केवल 2% तक सीमित रहेगी। OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन 94.98% सब्सक्रिप्शन दिखाया। शेयर NSE पर फ्लोर प्राइस के आसपास बंद हुआ।

IRFC
IRFC OFS क्या है?
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userअसमीना
calendar26 Feb 2026 12:26 AM
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Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में भारत सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब सरकार सिर्फ 2% हिस्सेदारी ही बेच पाएगी। पहले योजना थी कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 2% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती थी जिससे कुल बिक्री 4% तक जा सकती थी लेकिन अब यह विकल्प बंद कर दिया गया है।

OFS की डिटेल और फ्लोर प्राइस

IRFC OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 25 फरवरी से खुला और रिटेल निवेशक 26 फरवरी से इसमें बोली लगा सकते हैं। पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई और आरक्षित 23.52 करोड़ शेयरों में से करीब 94.98% के लिए बोली लगाई। इन बोलियों की कुल वैल्यू लगभग 2,326 करोड़ रुपये रही।

सरकार की हिस्सेदारी

31 दिसंबर तक सरकार की IRFC में 86.36% हिस्सेदारी थी। कंपनी जनवरी 2021 में 26 रुपये प्रति शेयर के IPO प्राइस पर लिस्ट हुई थी और इसके बाद इसका शेयर ऑल टाइम हाई 229 रुपये तक पहुंचा। यह OFS सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने में मदद करता है।

शेयर का प्रदर्शन

25 फरवरी को IRFC का शेयर NSE पर लगभग 5% गिरकर 104.43 रुपये पर बंद हुआ जो OFS के फ्लोर प्राइस के बहुत करीब है। इसका मतलब है कि निवेशकों की रुचि मजबूत रही लेकिन शेयर का भाव अभी भी फ्लोर प्राइस के आसपास ही रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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