टाटा संस की लिस्टिंग का रास्ता काफी हद तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले पर निर्भर करता है। अगर RBI टाटा संस को अपर लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत करता है तो नियमों के मुताबिक कंपनी के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी हो सकता है।

भारत के सबसे बड़े और भरोसेमंद बिजनेस समूहों में शामिल टाटा ग्रुप को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के IPO को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से इसकी लिस्टिंग को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन अब टाटा ट्रस्ट्स के वरिष्ठ ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन के बयान ने इन चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। उनके समर्थन के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में टाटा संस शेयर बाजार में उतर सकती है जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।
टाटा संस की लिस्टिंग का रास्ता काफी हद तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले पर निर्भर करता है। अगर RBI टाटा संस को अपर लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत करता है तो नियमों के मुताबिक कंपनी के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी हो सकता है। इसी वजह से वेणु श्रीनिवासन का बयान अहम माना जा रहा है। अब निवेशकों और बाजार की नजर RBI के फैसले पर टिकी हुई है।
अगर टाटा संस का IPO आता है तो यह छोटे निवेशकों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी एक बड़ा निवेश अवसर बन सकता है। आज के समय में महिलाएं तेजी से निवेश और वित्तीय फैसलों में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में टाटा जैसी मजबूत और भरोसेमंद कंपनी का IPO महिलाओं के लिए लंबे समय का सुरक्षित निवेश विकल्प बन सकता है। खासकर वे महिलाएं जो पहली बार शेयर बाजार में कदम रखना चाहती हैं उनके लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
टाटा संस में करीब 18 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला शापूरजी पालोनजी ग्रुप लंबे समय से अपनी हिस्सेदारी को कैश करने की कोशिश में है। अगर IPO आता है तो इस ग्रुप को अपनी हिस्सेदारी बेचकर कर्ज कम करने का मौका मिल सकता है। यही वजह है कि SP ग्रुप लंबे समय से टाटा संस की लिस्टिंग की मांग करता रहा है।
टाटा संस के IPO से कंपनी को भी कई फायदे मिल सकते हैं। शेयर बाजार में लिस्ट होने से कंपनी को नया फंड जुटाने का मौका मिलेगा, जिससे वह अपने कारोबार को और तेजी से बढ़ा सकेगी। इसके साथ ही पारदर्शिता बढ़ेगी और कंपनी की सही वैल्यू सामने आएगी। इससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
हालांकि टाटा ट्रस्ट्स के अंदर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग मानते हैं कि लिस्टिंग से कंपनी को फायदा होगा और सभी शेयरधारकों को बेहतर अवसर मिलेगा। वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि कंपनी को निजी ही रखा जाए ताकि नियंत्रण और विरासत बनी रहे।
अब पूरी स्थिति RBI के फैसले पर निर्भर है। अगर टाटा संस को अपर लेयर NBFC में रखा जाता है तो IPO की राह लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में टाटा संस का IPO बाजार में बड़ा आकर्षण बन सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह सिर्फ शेयर बाजार के लिए ही नहीं बल्कि नए निवेशकों और खासकर महिलाओं के लिए भी निवेश का एक मजबूत और भरोसेमंद अवसर साबित हो सकता है।