टिप्को इंजीनियरिंग के शेयरों की बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर ₹89.25 पर एंट्री हुई। यह इश्यू प्राइस ₹89 से सिर्फ 0.28 प्रतिशत अधिक था। यानी निवेशकों को लिस्टिंग के समय बहुत छोटा मुनाफा मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में गिरावट भी देखने को मिली।

इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाने वाली टिप्को इंजीनियरिंग के शेयरों ने शेयर बाजार में साधारण शुरुआत की है। कंपनी के शेयर ₹89 के इश्यू प्राइस के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ लिस्ट हुए जिससे निवेशकों को ज्यादा उत्साहजनक रिटर्न नहीं मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली जिससे आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशक फिलहाल ना फायदे में हैं और ना नुकसान में। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह लिस्टिंग इस बात का संकेत भी है कि हर आईपीओ में लिस्टिंग गेन की उम्मीद करना जरूरी नहीं होता। ऐसे में कंपनी के फंडामेंटल और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी हो जाता है।
टिप्को इंजीनियरिंग के शेयरों की बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर ₹89.25 पर एंट्री हुई। यह इश्यू प्राइस ₹89 से सिर्फ 0.28 प्रतिशत अधिक था। यानी निवेशकों को लिस्टिंग के समय बहुत छोटा मुनाफा मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में गिरावट भी देखने को मिली और यह ₹89 के आसपास आ गया। इससे निवेशकों का उत्साह थोड़ा कम हुआ। जिन निवेशकों को बड़ी उम्मीद थी उन्हें शुरुआत में निराशा हाथ लगी।
टिप्को इंजीनियरिंग का आईपीओ 23 से 25 मार्च के बीच खुला था। इस आईपीओ का कुल साइज ₹61 करोड़ था। निवेशकों की तरफ से इस आईपीओ को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। आईपीओ कुल मिलाकर 1.70 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 3.20 गुना भरा जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने 2.12 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं खुदरा निवेशकों का हिस्सा सिर्फ 0.66 गुना ही भर पाया, जो कि कमजोर मांग का संकेत माना जाता है।
कंपनी ने आईपीओ के जरिए करीब ₹61 करोड़ जुटाए हैं। इसमें ₹48 करोड़ नए शेयर जारी कर जुटाए गए हैं, जबकि कुछ हिस्से की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत हुई है। कंपनी ने बताया है कि जुटाए गए पैसों में से ₹30 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा ₹7.66 करोड़ कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। बची हुई रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
कंपनी क्या काम करती है। टिप्को इंजीनियरिंग की स्थापना सितंबर 2021 में हुई थी। कंपनी अलग-अलग उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल मशीनरी बनाती और सप्लाई करती है। इसके ग्राहक पेंट, केमिकल, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई सेक्टरों से जुड़े हैं। कंपनी बीड मिल्स, डिस्पर्सर्स, होमोजेनाइजर्स और अन्य मिक्सिंग मशीनें बनाती है। इसके उत्पाद मिल सीरीज, डिस्पेंसर सीरीज और होमोजेनाइजर सीरीज में आते हैं। इस तरह कंपनी कई उद्योगों की जरूरतों को पूरा करती है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ सालों में मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का मुनाफा ₹2.56 करोड़ था जो 2024 में बढ़कर ₹8.45 करोड़ हो गया। इसके बाद 2025 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹15.61 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की कुल आय में भी तेज वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय ₹133.37 करोड़ तक पहुंच गई। वित्त वर्ष 2026 में अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी को ₹13.19 करोड़ का मुनाफा और ₹86.25 करोड़ की आय मिली है।
हालांकि लिस्टिंग पर बड़ा मुनाफा नहीं मिला, लेकिन कंपनी के बढ़ते कारोबार और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन से लंबे समय के निवेशकों को उम्मीद मिल सकती है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के कारोबार, जोखिम और बाजार की स्थिति को समझकर ही फैसला लेना चाहिए। फिलहाल टिप्को इंजीनियरिंग की लिस्टिंग भले ही साधारण रही हो लेकिन आगे कंपनी के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।