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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी बाजार लाल निशान में खुला और भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की भावनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी बाजार लाल निशान में खुला और भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की भावनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स की शुरुआत करीब 350 अंकों की गिरावट के साथ हुई। हालांकि कुछ देर बाद बाजार में हल्की रिकवरी देखी गई और सुबह 9:41 बजे तक सेंसेक्स 143.29 अंकों की गिरावट के साथ 81,319.80 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी लाल निशान में बना रहा।
बाजार में बुधवार को आई तेजी के बाद से अब तक निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था। सोमवार को शेयर बाजार के सेक्टोरल फ्रंट पर मिला-जुला रुझान देखने को मिला, निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा कमजोरी, करीब 1.8% की गिरावट, आईटी इंडेक्स भी 1.07% की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, बैंकिंग, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी नुकसान में रहे। वहीं निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स हरे निशान में खुले, जिससे बाजार को कुछ हद तक संतुलन मिला।
सोमवार को कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक यह करीब 7% टूट चुका था। वहीं, TCS के शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। बीते सप्ताह भारी गिरावट के बाद बजाज फाइनेंशियल सर्विसेज और टाटा मोटर्स में हल्की रिकवरी दर्ज की गई। शुक्रवार को बाजार की भारी गिरावट ने निवेशकों को 6.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया था। वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच, खासतौर पर फाइनेंस सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया था।
टैरिफ और व्यापार से जुड़े वैश्विक तनाव। विदेशी निवेशकों की सतत बिकवाली। आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर में कमजोरी। कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती का असर। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। अगले कुछ दिन बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कॉरपोरेट नतीजों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।