विद्या वायर्स लिमिटेड का IPO खुलते ही पूरी तरह से बुक हो गया। यहां जानिए कंपनी के पास कितनी ग्रोथ प्लान है, IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा, कर्ज चुकाने और नई फैक्ट्री मंम निवेश का पूरा विवरण।

इस हफ्ते शेयर बाजार में उस वक्त जबरदस्त क्रेज देखने को मिला जिस समय वाइंडिंग वायर बनाने वाली पुरानी और भरोसेमंद कंपनी ‘विद्या वायर्स लिमिटेड’ (Vidya Wires Ltd) ने अपना IPO लॉन्च किया। बीते दिन (3 दिसंबर 2025) को ही यह इश्यू खुला और एक घंटे से भी कम समय में पूरी तरह से बुक हो गया। अगर आप भी इस IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो सिर्फ प्रॉफिट की तरफ देखने से पहले यह समझना जरूरी है कि कंपनी के पास ग्रोथ के लिए क्या प्लान है और IPO से जुटाए गए पैसे का कहां इस्तेमाल होने वाले हैं।
विद्या वायर्स इस IPO के जरिए कुल 300 करोड़ रुपये जुटा रही है। इसमें से 274 करोड़ रुपये नए शेयर जारी करने से आएंगे। कंपनी ने बताया है कि, इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा किस तरह से इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि, IPO से जुटाई गई राशि में से 100 करोड़ रुपये पुराने कर्ज को चुकाने में जाएंगे। इसमें कंपनी और उसकी सब्सिडियरी ALCU के कर्ज शामिल हैं। यह एक पॉजिटिव साइन है क्योंकि कम कर्ज मतलब कम ब्याज और ज्यादा मुनाफा। सिर्फ कर्ज ही नहीं कंपनी भविष्य की ग्रोथ पर भी ध्यान दे रही है। करीब 140 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गुजरात के नारसंडा में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने में होगा। यह यूनिट कंपनी की सब्सिडियरी ALCU के तहत तैयार होगी। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कंपनी और बड़े ऑर्डर्स संभाल पाएगी।
विद्या वायर्स इस इंडस्ट्री में 40 साल से अधिक समय से काम कर रही है। बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 5.7% है। वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो कंपनी ने पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2024-25 में मुनाफा (PAT) 59% बढ़कर 40.87 करोड़ रुपये हुआ वहीं रेवेन्यू में भी 25% का इजाफा हुआ। कंपनी के पास पावर ग्रिड और अमेरिकी मार्केट के लिए जरूरी मंजूरियां भी हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी सिर्फ कर्ज चुकाने के लिए ही नहीं बल्कि भविष्य में तेजी से बढ़ने की दिशा में भी काम कर रही है।
विद्या वायर्स ने IPO के लिए 48 से 52 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 288 शेयर हैं। आज सुबह ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 6 रुपये था। इसका मतलब, लिस्टिंग पर अनुमानित कीमत होगी 52 रुपये (कैप प्राइस) + 6 रुपये (GMP) = 58 रुपये। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 11-12% का शुरुआती मुनाफा मिलने की उम्मीद है। पहले GMP थोड़ा ज्यादा था लेकिन अब हल्की गिरावट आई है। फिर भी शुरुआती रिटर्न को एक सुरक्षित शुरुआत माना जा सकता है।
विद्या वायर्स IPO न सिर्फ कर्ज कम करने का मौका दे रहा है बल्कि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ में भी निवेश करने का अवसर है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो यह IPO आपको स्थिर और सुरक्षित रिटर्न दे सकता है। छोटी अवधि में मुनाफा भी आकर्षक है लेकिन निवेश करने से पहले कंपनी की योजनाओं और फाइनेंशियल हेल्थ को ध्यान से समझना जरूरी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह इश्यू 5 दिसम्बर तक खुला रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)