क्या महंगी कीमत, सीमित विकल्प और टेरॉन आर-लाइन जैसी दूसरी प्रीमियम एसयूवी इसकी वजह बनीं ? जानिए टिगुआन आर-लाइन के बंद होने की पूरी कहानी, इसकी कीमत, इंजन, फीचर्स और भारत में फॉक्सवैगन के मौजूदा एसयूवी पोर्टफोलियो से जुड़ी अहम जानकारी।

Business News : भारत के प्रीमियम कार बाजार से एक और लग्जरी एसयूवी की विदाई हो गई है। जर्मनी की मशहूर वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) ने भारतीय बाजार में अपनी फ्लैगशिप एसयूवी टिगुआन आर-लाइन (Tiguan R-Line) को बंद कर दिया है। खास बात यह है कि जिस कार को कंपनी ने बड़े अरमानों के साथ भारतीय बाजार में उतारा था, उसे दो साल का सफर पूरा होने से पहले ही बाजार से हटाना पड़ा है। कंपनी ने इस मॉडल को अपनी आधिकारिक वेबसाइट से भी हटा दिया है। करीब 47 लाख रुपये की कीमत वाली इस प्रीमियम एसयूवी को भारतीय बाजार में ज्यादा समय तक ग्राहकों का साथ नहीं मिल सका। आखिर ऐसा क्या हुआ कि शानदार फीचर्स, दमदार इंजन और लग्जरी पहचान वाली इस कार को कंपनी ने भारतीय बाजार से बाहर करने का फैसला कर लिया? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
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फॉक्सवैगन टिगुआन आर-लाइन को भारत में अप्रैल 2025 में लॉन्च किया गया था। यह कंपनी की प्रीमियम पांच सीटों वाली एसयूवी थी। इसे पूरी तरह निर्मित यूनिट (CBU यानी Completely Built Unit) के रूप में विदेश से भारत लाया जाता था। 7 नवंबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने इस कार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया है। हालांकि, फॉक्सवैगन की ओर से इसे बंद करने के संबंध में औपचारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे कंपनी की वेबसाइट से हटाए जाने और भारतीय बाजार में इसकी बिक्री बंद होने के संकेत के रूप में देखना उचित होगा।
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फॉक्सवैगन टिगुआन आर-लाइन भारतीय बाजार में 47.11 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर उपलब्ध थी। इस कीमत पर यह एसयूवी देश के प्रीमियम कार बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन इसी कीमत के आसपास कंपनी की एक दूसरी बड़ी एसयूवी टेरॉन आर-लाइन भी मौजूद है। फॉक्सवैगन टेरॉन आर-लाइन की कीमत करीब 47.74 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। टेरॉन आर-लाइन तीन रो वाली बड़ी एसयूवी है, जिसमें सात लोगों के बैठने की सुविधा मिलती है। इसे भारत में CKD यानी विदेश से पार्ट्स लाकर स्थानीय स्तर पर असेंबल करने के तरीके से उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में ग्राहकों के सामने थोड़ी अधिक कीमत पर ज्यादा बड़ी और व्यावहारिक एसयूवी खरीदने का विकल्प मौजूद था।
फॉक्सवैगन टिगुआन आर-लाइन सिर्फ दिखने में ही प्रीमियम नहीं थी, बल्कि इसके इंजन और परफॉर्मेंस की खूबियां भी इसे खास बनाती थीं। इसमें मिलने वाले प्रमुख तकनीकी फीचर्स इस प्रकार थे:
इसका ऑल व्हील ड्राइव सिस्टम इसे खराब रास्तों और अलग-अलग ड्राइविंग परिस्थितियों में बेहतर नियंत्रण देने में मदद करता था।
फॉक्सवैगन ने टिगुआन आर-लाइन को आधुनिक तकनीक और आरामदायक सुविधाओं के साथ पेश किया था। इसमें 15 इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन और 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया था। इसके अलावा कार में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं थीं:
हालांकि, इस प्रीमियम एसयूवी में वेंटिलेटेड और पावर्ड फ्रंट सीटों जैसी कुछ सुविधाएं नहीं थीं। प्रीमियम कीमत के बावजूद कुछ ग्राहकों के लिए यह कमी भी मायने रख सकती थी।
टिगुआन आर-लाइन के भारतीय बाजार से हटने के बाद फॉक्सवैगन के एसयूवी पोर्टफोलियो में प्रमुख रूप से दो मॉडल रह गए हैं।
1. फॉक्सवैगन टाइगुन (Volkswagen Taigun)
यह कंपनी की अपेक्षाकृत किफायती मिड-साइज एसयूवी है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस और स्कोडा कुशाक जैसी कारों से होता है।
2. फॉक्सवैगन टेरॉन आर-लाइन (Volkswagen Tayron R-Line)
यह कंपनी की बड़ी और प्रीमियम एसयूवी है। इसमें तीन रो वाली सीटिंग मिलती है और यह उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश की गई है, जो ज्यादा जगह और प्रीमियम सुविधाएं चाहते हैं।
टिगुआन आर-लाइन का भारतीय बाजार से बाहर होना ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या भारत में महंगी आयातित एसयूवी के लिए कारोबार करना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है? दरअसल, भारत में प्रीमियम कार खरीदने वाले ग्राहक केवल ब्रांड और इंजन की ताकत नहीं देखते। वे कीमत, फीचर्स, स्थानीय उपलब्धता, सर्विस नेटवर्क, रीसेल वैल्यू और कार के आकार जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देते हैं। टिगुआन आर-लाइन के मामले में कंपनी के पास टेरॉन आर-लाइन जैसा एक बड़ा विकल्प भी था। दोनों की कीमतों में बहुत अधिक अंतर नहीं था। ऐसे में ग्राहकों के लिए बड़ी एसयूवी का विकल्प आकर्षक हो सकता था। हालांकि, कंपनी ने टिगुआन आर-लाइन को हटाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए इसकी विदाई को केवल कम बिक्री या ग्राहकों की बेरुखी का नतीजा बताना अभी उचित नहीं होगा।
फॉक्सवैगन जैसी वैश्विक वाहन निर्माता कंपनियों के लिए भारतीय बाजार बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन यहां कारोबार करने के लिए उत्पाद की कीमत, स्थानीय असेंबली, ग्राहकों की पसंद और प्रतिस्पर्धी कंपनियों की रणनीति को ध्यान में रखना पड़ता है। टिगुआन आर-लाइन की विदाई के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फॉक्सवैगन भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम एसयूवी रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाती है। :
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