2026 का सबसे बड़ा सीक्रेट, कुछ ही वक्त में बन जाएंगे करोड़ों के मालिक!

SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए छोटे-छोटे निवेश से लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाया जा सकता है। अगर आप 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं तो सिर्फ 1,000 रुपये प्रति माह की SIP से भी 60 साल तक 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार हो सकता है।

SIP
SIP से 1 करोड़ कैसे बनाएं
locationभारत
userअसमीना
calendar25 Feb 2026 11:39 AM
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रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड बनाने की सोच बहुत से लोगों के दिमाग में रहती है लेकिन अक्सर लोग यह सोचकर हतोत्साहित हो जाते हैं कि इतनी बड़ी रकम जमा कैसे होगी। असल में सबसे बड़ा रहस्य रकम नहीं बल्कि समय और अनुशासन है। SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए आप छोटे-छोटे निवेश से भी लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। अगर आप 25, 30 या 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं तो अलग-अलग रणनीतियों से 1 करोड़ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

25 साल में निवेश शुरू करें?

अगर आप 25 साल की उम्र में SIP शुरू करते हैं और हर महीने सिर्फ 1,000 रुपये लगाते हैं तो 60 साल की उम्र तक लगभग 1 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। मान लीजिए कि आपको औसतन 15 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है। छोटे निवेश के बावजूद कंपाउंडिंग का जादू काम करता है और आपके फंड में साल दर साल रिटर्न जुड़ता जाता है। यहां समय का फायदा साफ दिखाई देता है जल्दी शुरुआत करने वालों को छोटी रकम से भी बड़ा फायदा मिलता है।

30 साल की उम्र में शुरुआत

अगर आप 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं तो आपके पास सिर्फ 30 साल का समय बचता है। पहले की तुलना में समय कम होने से हर महीने की SIP राशि बढ़ जाती है। इस उदाहरण में लगभग 2,000 रुपये प्रति माह निवेश करने से 60 साल की उम्र तक 1 करोड़ का फंड तैयार हो सकता है। यह दिखाता है कि निवेश में समय की अहमियत कितनी बड़ी है। जितनी देर करेंगे मासिक निवेश उतना ही बढ़ाना पड़ेगा।

40 साल में निवेश शुरू करें

40 साल की उम्र में अगर आप SIP शुरू करें तो आपके पास केवल 20 साल का समय होता है। इसी कारण हर महीने लगभग 7,500 रुपये निवेश करना पड़ सकते हैं ताकि 60 साल तक 1 करोड़ रुपये जुटाए जा सकें। रिटर्न का अनुमान वही रहता है लेकिन समय घटने से लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाता है। इसका मतलब साफ है कि जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे उतना आसान होगा लक्ष्य हासिल करना।

स्टेप-अप SIP से मदद मिल सकती है

अगर शुरुआती दौर में निवेश करना संभव नहीं था तो स्टेप-अप SIP अपनाया जा सकता है। इसमें शुरुआती निवेश बड़ी रकम से किया जाता है और हर साल थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी की जाती है। उदाहरण के लिए 45 साल की उम्र में 10,000 रुपये से SIP शुरू करके हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करें। 15 साल में लगभग 1 करोड़ का फंड तैयार किया जा सकता है बशर्ते औसत रिटर्न 15 प्रतिशत मिले। यह तरीका कम समय में लक्ष्य पाने का असरदार उपाय है।

SIP क्यों है सबसे आसान तरीका?

SIP की सबसे बड़ी खूबी है अनुशासन। हर महीने तय तारीख को निवेश अपने आप होता है जिससे बाजार की तेजी-मंदी का डर कम हो जाता है। दूसरा फायदा है रुपया कॉस्ट एवरेजिंग। जब बाजार गिरता है तो ज्यादा यूनिट मिलती हैं और जब चढ़ता है तो कम। तीसरी ताकत है कंपाउंडिंग जो लंबे समय में छोटे निवेश को बड़े फंड में बदल देती है।

रिटर्न की हकीकत भी समझें

यह याद रखना जरूरी है कि 15 प्रतिशत रिटर्न कोई गारंटी नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी रिटर्न ज्यादा हो सकता है कभी कम। इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को समझें। साथ ही जैसे-जैसे रिटायरमेंट नजदीक आए धीरे-धीरे कुछ पैसा सुरक्षित विकल्पों में शिफ्ट करना समझदारी होगी।

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IPO के पहले दिन निवेशकों को झटका, लोअर सर्किट में फंसा Yashhtej Industries शेयर

Yashhtej Industries (India) का IPO 25 फरवरी को BSE SME पर लिस्ट हुआ और निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ। शेयर 110 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 88 रुपये पर लिस्ट हुआ जो लगभग 20 प्रतिशत कम है। लिस्टिंग के तुरंत बाद इसमें और गिरावट आई और 83.60 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया।

Yashhtej Industries IPO
Yashhtej Industries IPO Listing Today
locationभारत
userअसमीना
calendar25 Feb 2026 10:59 AM
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शेयर बाजार में हर IPO से निवेशकों को उम्मीद रहती है कि लिस्टिंग के दिन अच्छा मुनाफा मिलेगा लेकिन 25 फरवरी को यशतेज इंडस्ट्रीज (इंडिया) की लिस्टिंग ने निवेशकों को निराश कर दिया। शेयर की शुरुआत ही कमजोर रही और देखते ही देखते यह लोअर सर्किट में फंस गया। जिन निवेशकों ने 110 रुपये के इश्यू प्राइस पर पैसा लगाया था उन्हें पहले ही दिन नुकसान झेलना पड़ा।

लिस्टिंग पर क्या हुआ?

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 88 रुपये पर हुई जो इश्यू प्राइस से करीब 20 प्रतिशत कम था। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर में और गिरावट आई और यह 83.60 रुपये पर पहुंच गया। यहां 5 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया और शेयर वहीं लॉक हो गया यानी पहले ही दिन निवेशकों का भरोसा हिलता दिखा।

IPO को कैसा मिला रिस्पॉन्स?

कंपनी का 88.88 करोड़ रुपये का IPO 18 फरवरी को खुला था और 20 फरवरी को बंद हुआ। इस इश्यू को कुल 1.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। रिटेल निवेशकों ने ठीक-ठाक दिलचस्पी दिखाई और उनका हिस्सा 2.35 गुना भरा। लेकिन नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की तरफ से मांग कमजोर रही और उनका हिस्सा सिर्फ 0.39 गुना ही सब्सक्राइब हुआ। यही वजह मानी जा रही है कि लिस्टिंग कमजोर रही।

क्या करती है कंपनी?

साल 2018 में शुरू हुई यह कंपनी सोयाबीन से सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्रोसेस के जरिए सोयाबीन क्रूड ऑयल बनाने और प्रोसेस करने का काम करती है। साथ ही यह सोयाबीन डी-ऑयल्ड केक भी बनाती है। कंपनी B2B सेगमेंट में काम करती है यानी इसका माल सीधे रिफाइनिंग कंपनियों को सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कंपनी ने सोलर पावर जनरेशन सेक्टर में भी कदम रखा है जिससे वह अपने बिजनेस को थोड़ा विविध बनाने की कोशिश कर रही है।

IPO के पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट कामों में करेगी। यानी कंपनी इस पैसे से अपने बिजनेस को बढ़ाने और मजबूत करने की योजना बना रही है।

अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कंपनी की कुल आय 191.22 करोड़ रुपये रही और शुद्ध मुनाफा 7.25 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी पर 37.47 करोड़ रुपये का कर्ज भी था। पूरे वित्त वर्ष 2025 की बात करें तो कंपनी की कुल आय 324.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 11.57 करोड़ रुपये रहा। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी मुनाफे में है लेकिन कर्ज और बाजार की स्थितियां निवेशकों की चिंता का कारण बन सकती हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

लिस्टिंग पर 20 प्रतिशत की गिरावट साफ संकेत देती है कि बाजार ने इस IPO को बहुत मजबूत रिस्पॉन्स नहीं दिया। ऐसे में जिन निवेशकों ने लिस्टिंग गेन की उम्मीद से पैसा लगाया था उन्हें झटका लगा है। आगे शेयर की चाल कंपनी के प्रदर्शन और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Gold-Silver Price Update: किस शहर में सबसे ज्यादा रेट? यहां है पूरी लिस्ट

25 फरवरी को सोने की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 1,61,940 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है जबकि 22 कैरेट सोना 1,48,460 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।

Gold Price Today
सोने-चांदी का लेटेस्ट रेट
locationभारत
userअसमीना
calendar25 Feb 2026 10:31 AM
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सर्राफा बाजार में आज फिर हलचल देखने को मिली है। 25 फरवरी की सुबह सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई है जबकि चांदी के दाम थोड़े फिसल गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की कमजोरी के बावजूद भारत में सोने की कीमतें बढ़ी हैं। इसकी वजह घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी और रुपये की कमजोरी को माना जा रहा है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो ये ताजा भाव आपके काम के हैं।

दिल्ली में सोने का ताजा भाव

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर ₹1,61,940 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,48,460 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। एक दिन पहले भी बाजार में तेजी देखी गई थी और सोने का भाव 400 रुपये तक चढ़ गया था। लगातार बढ़ती कीमतें यह दिखाती हैं कि मांग अभी मजबूत बनी हुई है।

मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में क्या है रेट?

मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,61,790 प्रति 10 ग्राम के भाव से बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,310 प्रति 10 ग्राम है। इन शहरों में भी कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और बाजार में स्थिरता के साथ तेजी का रुख दिख रहा है।

पुणे और बेंगलुरु का बाजार

पुणे और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें लगभग मुंबई के बराबर ही हैं। यहां 24 कैरेट सोना ₹1,61,790 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,48,310 प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है। बड़े शहरों में दामों में ज्यादा अंतर नहीं दिख रहा जिससे साफ है कि बाजार पूरे देश में एक जैसा ट्रेंड फॉलो कर रहा है।

अन्य शहरों में कीमतों की स्थिति

जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना ₹1,61,940 प्रति 10 ग्राम है जबकि 22 कैरेट का भाव ₹1,48,460 है। अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट सोना ₹1,61,420 और 22 कैरेट ₹1,48,360 पर बिक रहा है। हैदराबाद में 24 कैरेट ₹1,61,790 और 22 कैरेट ₹1,48,310 पर बना हुआ है। कुल मिलाकर अलग-अलग शहरों में मामूली अंतर के साथ सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।

चांदी के दाम में गिरावट

सोने के उलट चांदी की कीमत में गिरावट आई है। 25 फरवरी की सुबह चांदी का भाव घटकर ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम पर आ गया है। इससे पहले यह ₹2,72,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर थी। हालांकि जनवरी में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा भी पार किया था जिससे पता चलता है कि इसमें उतार-चढ़ाव काफी तेज रहता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 5,157.16 डॉलर प्रति औंस पर है जबकि चांदी 88.19 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। जानकारों का कहना है कि रुपये में कमजोरी और घरेलू मांग बढ़ने से भारत में सोने की कीमतों को सहारा मिल रहा है।

आगे क्या करें?

अगर आप निवेश या शादी के लिए सोना खरीदने का सोच रहे हैं तो कीमतें फिलहाल ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में समझदारी यही है कि बाजार पर नजर रखें और जरूरत के हिसाब से खरीदारी करें। वहीं चांदी में आई गिरावट कुछ लोगों के लिए अवसर भी बन सकती है।

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