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ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी, ट्रैवल बुकिंग और बिल पेमेंट जैसी कई जरूरतों के लिए लोग आसानी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि खर्च का भुगतान तुरंत नहीं करना पड़ता। बैंक आपको एक तय समय देता है जिसके बाद बिल भरना होता है।

पिछले कुछ वर्षों में Credit Card का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। पहले लोग सिर्फ बड़े खर्चों के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते थे लेकिन अब छोटे-छोटे पेमेंट भी कार्ड से होने लगे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी, ट्रैवल बुकिंग और बिल पेमेंट जैसी कई जरूरतों के लिए लोग आसानी से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि खर्च का भुगतान तुरंत नहीं करना पड़ता। बैंक आपको एक तय समय देता है जिसके बाद बिल भरना होता है। इसके अलावा कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और डिस्काउंट जैसी सुविधाएं भी लोगों को आकर्षित करती हैं।
कई बार क्रेडिट कार्ड सुविधा देने के बजाय परेशानी बढ़ाने लगता है। खासतौर पर तब जब खर्च जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगे। अगर आपके पास कई कार्ड हैं और आप उनका इस्तेमाल भी नहीं कर रहे हैं तो ऐसे कार्ड सिर्फ अतिरिक्त बोझ बन जाते हैं। कई कार्ड्स पर सालाना फीस और दूसरे चार्ज भी लगते रहते हैं। कुछ लोग सिर्फ ऑफर्स देखकर नए कार्ड लेते जाते हैं लेकिन बाद में उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बेकार पड़े कार्ड को बंद करना समझदारी माना जाता है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ना कई लोगों को अच्छा लगता है लेकिन कई बार यही आदत ज्यादा खर्च की वजह बन जाती है। जब कार्ड में बड़ी लिमिट दिखती है तो लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं। धीरे-धीरे यह खर्च EMI और भारी बिल में बदल जाता है। अगर आपको लग रहा है कि कार्ड की वजह से आपका खर्च कंट्रोल से बाहर जा रहा है तो कुछ कार्ड बंद करने पर विचार किया जा सकता है।
कुछ क्रेडिट कार्ड्स पर सालाना फीस काफी ज्यादा होती है। शुरुआत में मिलने वाले ऑफर्स अच्छे लगते हैं लेकिन बाद में वही कार्ड महंगा पड़ने लगता है। अगर किसी दूसरे बैंक का कार्ड कम फीस में वही सुविधाएं दे रहा है तो पुराने महंगे कार्ड को बंद करना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि कार्ड बंद करने से पहले यह जरूर देख लें कि उससे मिलने वाले फायदे आपके काम के हैं या नहीं।
क्रेडिट कार्ड बंद करने का असर आपके Credit Score पर भी पड़ सकता है। दरअसल, पुराना कार्ड बंद होने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है। इससे क्रेडिट उपयोग अनुपात बढ़ सकता है और स्कोर थोड़ा नीचे आ सकता है। अगर आपने बहुत पुराना कार्ड बंद कर दिया तो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री भी छोटी हो सकती है। यही वजह है कि बिना सोचे-समझे कार्ड बंद करना सही नहीं माना जाता।
अगर आप क्रेडिट कार्ड बंद करना चाहते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले कार्ड का पूरा बकाया भुगतान कर दें। कई लोग कार्ड बंद तो कर देते हैं लेकिन छोटी रकम बाकी रह जाती है, जिससे बाद में पेनाल्टी लग सकती है। इसके अलावा कार्ड पर जमा रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक का इस्तेमाल पहले ही कर लें। कार्ड बंद होने के बाद अक्सर ये फायदे खत्म हो जाते हैं।
कई लोग खर्च कम करने के लिए एक साथ कई कार्ड बंद कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता। इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर अचानक बड़ा असर पड़ सकता है। बेहतर यही होता है कि जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे फैसला लिया जाए। अगर कोई कार्ड बहुत पुराना है और उसका रिकॉर्ड अच्छा है तो उसे बंद करने से बचना चाहिए।
जब आपका कार्ड बंद हो जाए तो उसके बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें। कई बार बैंक की तरफ से अपडेट देर से होता है या कार्ड एक्टिव ही दिखता रहता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में लोन लेने में परेशानी आ सकती है। इसलिए कार्ड बंद होने की पुष्टि लेना और रिपोर्ट चेक करना बेहद जरूरी माना जाता है।
क्रेडिट कार्ड खुद में खराब चीज नहीं है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह काफी काम की सुविधा साबित हो सकता है। जरूरी बात सिर्फ इतनी है कि खर्च अपनी आय के हिसाब से हो और बिल समय पर भरा जाए। अगर कार्ड आपके खर्च को कंट्रोल में रखने के बजाय बढ़ा रहा है तभी उसे बंद करने के बारे में सोचना चाहिए।
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