वर्कमेट्स कोर2क्लाउड आईपीओ (Workmates Core2Cloud IPO) इन दिनों शेयर बाजार में चर्चा का सबसे हॉट टॉपिक बना हुआ है। कोलकाता की यह क्लाउड सर्विस कंपनी 69.84 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है और निवेशकों का रुझान इस ओर तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी का आईपीओ 11 नवंबर को खुला था और आज (13 नवंबर) बंद हो जाएगा।

कोलकाता की क्लाउड सर्विस कंपनी वर्कमेट्स कोर2क्लाउड (Workmates Core2Cloud Solutions) का आईपीओ इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। यह आईपीओ 11 नवंबर को खुला था और आज (13 नवंबर) तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। दो ही दिनों में इस इश्यू ने निवेशकों का भरोसा जीत लिया है और इसका सब्सक्रिप्शन तेजी से बढ़ा है।
पहले दिन जहां इसे 1.63 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था वहीं दूसरे दिन आते-आते यह आंकड़ा 8.40 गुना तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि रिटेल इन्वेस्टर्स ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई। रिटेल कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 10.19 गुना तक पहुंच गया जबकि एनआईआई कैटेगरी 13.58 गुना और क्यूआईबी कैटेगरी 1.48 गुना तक भरी गई। अब तीसरे और आखिरी दिन इसमें और तेजी देखने की पूरी उम्मीद है।
अगर बात करें वर्कमेट्स कोर2क्लाउड के जीएमपी (GMP) की तो मार्केट में यह 51 रुपये प्रीमियम पर चल रहा है जो इश्यू प्राइस से करीब 25% ज्यादा है। शुरुआत में जीएमपी 36 रुपये था लेकिन इश्यू खुलते ही मांग इतनी बढ़ी कि अब प्रीमियम अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसका मतलब साफ है निवेशक कंपनी की ग्रोथ और क्लाउड टेक्नोलॉजी में उसकी पोजिशन को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। अब थोड़ा स्ट्रक्चर और पैसे के इस्तेमाल की बात करते हैं। कंपनी कुल 69.84 करोड़ रुपये जुटा रही है जिसमें से 59.34 करोड़ फ्रेश इक्विटी इश्यू है और 10.50 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए उठाए जा रहे हैं। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी तीन मुख्य कामों में करेगी। करीब 8.6 करोड़ का कर्ज चुकाने में 29.2 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों में और बाकी सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए।
आईपीओ का प्राइस बैंड 200 से 204 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। अगर कोई रिटेल इन्वेस्टर इसमें हिस्सा लेना चाहता है तो उसे कम से कम 1,200 शेयरों (दो लॉट) के लिए अप्लाई करना होगा। वहीं हाई नेट वर्थ इन्वेस्टर्स के लिए यह लिमिट 1,800 शेयरों की है जिसकी कीमत करीब 3.67 लाख रुपये होगी। वर्कमेट्स कोर2क्लाउड भारत की उन कुछ कंपनियों में से है जो क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से अपना नाम बना रही हैं। कंपनी की सर्विसेज में क्लाउड माइग्रेशन, देवऑप्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स, एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी और ब्लॉकचेन शामिल हैं। अब तक कंपनी 200 से ज्यादा क्लाइंट्स के लिए 350 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है। ये क्लाइंट्स बैंकिंग, हेल्थकेयर, रिटेल, मीडिया और ई-कॉमर्स जैसे अलग-अलग सेक्टर से जुड़े हुए हैं।
कंपनी की खासियत यह है कि यह अपने ग्राहकों को एंड-टू-एंड क्लाउड लाइफसाइकिल मैनेजमेंट, ऑटोमेशन सर्विसेज और SAP इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट ऑन AWS जैसी हाई-क्लास सुविधाएं देती है। इसकी मदद से बड़ी कंपनियां अपने बिजनेस को आसानी से क्लाउड प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर पा रही हैं। अगर इसके आर्थिक प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले दो सालों में शानदार ग्रोथ दिखाई है। वित्त वर्ष 2024 में जहां कंपनी की आय 53.5 करोड़ रुपये थी, वहीं 2025 में यह दोगुनी होकर 108.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मुनाफे में भी 160% की बढ़ोतरी देखने को मिली और नेट प्रॉफिट 13.9 करोड़ रुपये हो गया। इसी भरोसे को देखते हुए कई एंकर निवेशकों ने भी इस पर भरोसा जताया है। आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले यानी 10 नवंबर को कंपनी ने एंकर बुक के जरिए 19.58 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी हिस्सा लिया जो कंपनी की मजबूत फंडामेंटल्स को दर्शाता है।
अगर कुल मिलाकर देखें तो वर्कमेट्स कोर2क्लाउड आईपीओ ने मार्केट में पॉजिटिव माहौल बना दिया है। जीएमपी का बढ़ता प्रीमियम और सब्सक्रिप्शन का शानदार रिस्पॉन्स बताता है कि निवेशक इस कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में भरोसा जता रहे हैं। अब सबकी नजरें 18 नवंबर पर हैं जब इसका लिस्टिंग डे है और मार्केट में चर्चा तो यही है कि लिस्टिंग पर स्माइल आने की पूरी उम्मीद है।