
पीड़ित अभिषेक भांबी और विनोद भांबी को भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के कोरबा ले जाया गया था। आरोप है कि वहां के ठेकेदार छोटू गुर्जर और मुकेश शर्मा ने चोरी के शक में उनके कपड़े उतरवाए, करंट देकर पीटा और उनके नाखून प्लास से उखाड़ दिए। पीड़ित अभिषेक ने बताया कि जब उसने एडवांस में 20 हजार रुपये मांगे, तो उसे मारने की धमकी दी गई और फिर बर्बरता की गई। वीडियो में लड़का कहता नजर आ रहा है, “मेरे पिताजी को बुला लो,” जिस पर ठेकेदार जवाब देता है, “मर जाएगा तो घर ले जाएंगे।”
वीडियो सामने आने के बावजूद स्थानीय पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने गुलाबपुरा थाना अधिकारी को सूचना दी, तो मदद की बजाय उन्हें अनसुना कर दिया गया। हालांकि अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मेडिकल जांच की बात कही है। कोरबा पुलिस अधीक्षक को भी मामले की जानकारी भेजी गई है।
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं को झकझोरने वाला मुद्दा बन गई है। दलित किशोरों (Dalit Teenagers ) के साथ की गई यह बर्बरता और उस पर पुलिस की निष्क्रियता ने देश में एक बार फिर जातीय और श्रमिक शोषण पर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि पीड़ितों को न्याय कब और कैसे मिलेगा। Dalit Teenagers :