देश के कई बड़े न्यायालयों को मिली बम धमकी, जांच में जुटी पुलिस

Bomb Threat: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कोर्ट परिसर में यह धमकियां भेजी गईं। ई‑मेल मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड तुरंत कार्रवाई में जुट गए। न्यायालय परिसरों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया।

Bomb Threat
न्यायालयों को बम धमकी
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 03:55 AM
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आज भारत के अलग‑अलग हिस्सों में न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए बम धमकी भरे संदेश मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस हर दिशा में जांच कर रही हैं। इतना ही नहीं न्यायालय परिसरों के आसपास तलाशी अभियान भी चलाया गया।

धमकियों का सिलसिला जारी

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के न्यायालयों को ई‑मेल के जरिए धमकी भरे संदेश मिले हैं। इन संदेशों में कहा गया था कि यदि बताया गया समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालयों को बम से उड़ाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान कहीं भी कोई बम या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।

उत्तर प्रदेश में फिर अफरातफरी

उत्तर प्रदेश के कई न्यायालयों को धमकी भरे ई‑मेल मिलने से न्यायालय परिसर में अफरातफरी मची। अमरोहा जिला न्यायालय को 10 दिनों में दूसरी बार धमकी का ई‑मेल मिला जिससे न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी आतंकित हो गए। पुलिस और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंचे और परिसर के अलावा आसपास के इलाके की तलाशी ली गई। इस दौरान भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

बंगाल और झारखंड में भी चेतावनी

पश्चिम बंगाल में आसनसोल और सिउड़ी समेत कई जिला अदालतों को भी बम धमकी भरे ई‑मेल मिले जिससे वहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और तलाशी अभियान चलाया। इसी तरह झारखंड के धनबाद सिविल कोर्ट को भी धमकी भरा ई‑मेल मिला जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराकर खोज‑बीन शुरू की गई।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बढ़ाई गईराजस्थान उच्च न्यायालय को भी ई‑मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी प्राप्त हुई। पुलिस, बम निरोधक और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया, न्यायालय परिसर का तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इसी तरह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और बलौदाबाजार जिला कोर्ट को भी धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच की जा रही है।

धमकियां फर्जी निकलीं

इन सभी घटनाओं में यह बात सामने आई है कि बम धमकियां फर्जी थीं और कोई भी वास्तविक विस्फोटक या खतरनाक सामग्री नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियां साइबर सेल के साथ मिलकर ई‑मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का रिस्पॉन्स

हर मिल रही ई‑मेल को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को तुरंत सक्रिय किया जा रहा है। न्यायालय परिसरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है, तलाशी ली जाती है और हर चीज का विस्तार से निरीक्षण किया जाता है ताकि किसी भी खतरे से पहले ही बचा जा सके।

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बृहन्मुंबई नगर निगम का ऐतिहासिक बजट 80 हजार करोड़ के पार, कई राज्यों से बड़ा

81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस रिकॉर्ड बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे मुंबई की सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था, जलनिकासी और बुनियादी सेवाओं में ठोस सुधार देखने को मिलेगा। आने वाले वर्षों में मुंबई की तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव है।

Mumbai BMC Budget 2026
मुंबई नगर निगम का बजट कई राज्यों से बड़ा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 09:26 PM
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Mumbai BMC Budget 2026 : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक बड़ी वित्तीय खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। यह पहली बार है जब बीएमसी का बजट 80 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में 8.77 प्रतिशत अधिक है।

बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी द्वारा प्रस्तुत इस बजट में पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए 48,164.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 11.59 प्रतिशत अधिक है। वहीं राजस्व व्यय (रेवेन्यू एक्सपेंडिचर) 32,698.44 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है, जो संशोधित अनुमान से लगभग 15.71 प्रतिशत ज्यादा है। नगर निगम ने वर्ष 2026-27 के लिए 51,510.94 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया है, जो सालाना आधार पर 19.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रॉपर्टी टैक्स से 7,000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 6,200 करोड़ रुपये था।

कई राज्यों से बड़ा बीएमसी का बजट

बीएमसी का बजट देश के कई छोटे और मध्यम राज्यों के कुल बजट से भी अधिक है। उदाहरण के तौर पर गोवा का 2025-26 का बजट 28,162 करोड़ रुपये रहा। अरुणाचल प्रदेश का बजट 39,842 करोड़ रुपये था, जबकि हिमाचल प्रदेश ने 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सिक्किम का बजट 16,196 करोड़ रुपये और त्रिपुरा का बजट 31,412 करोड़ रुपये रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि अकेले मुंबई नगर निगम का बजट कई राज्यों के कुल बजट से कहीं अधिक है।

बुनियादी ढांचे पर रहेगा फोकस

अगले वित्त वर्ष में बीएमसी का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास पर रहेगा। विभिन्न मदों के तहत 30,069.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें सुधार योजनाएं, शिक्षा, जल आपूर्ति, सीवरेज और वृक्ष प्राधिकरण शामिल हैं। करीब 13,990 करोड़ रुपये कोस्टल रोड, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) और अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे। विशेष परियोजनाओं के लिए 4,104.39 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जबकि 13,765.74 करोड़ रुपये इंटरनल टेम्पररी ट्रांसफर के लिए निर्धारित किए गए हैं।

क्या बदलेगी मुंबई की सूरत?

81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस रिकॉर्ड बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे मुंबई की सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था, जलनिकासी और बुनियादी सेवाओं में ठोस सुधार देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया गया, तो आने वाले वर्षों में मुंबई की तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बजट की घोषणाएं जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं और आम नागरिकों को इसका कितना लाभ मिलता है। Mumbai BMC Budget 2026

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सीबीआई का बड़ा एक्शन, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में 3 गिरफ्तार, 6 राज्यों में छापेमारी

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह ऑपरेशन 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी साइबर ठगी के बड़े गिरोहों की कमर तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। एजेंसी ने कहा कि संगठित साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Digital Arrest
साइबर ठगों पर सीबीआई की कार्रवाई (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 07:53 PM
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Digital Arrest : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड' के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने छह राज्यों में एक साथ छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर केरल के एक वरिष्ठ नागरिक से करीब ₹1.86 करोड़ की ठगी का आरोप है।

छह राज्यों में एक साथ छापेमारी

जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई गोवा, बेंगलुरु (कर्नाटक), पलक्कड़ (केरल), नागपुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और दिल्ली में की गई। इस दौरान सीबीआई ने कई डिजिटल डिवाइस, डेबिट कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक और पैसों के लेन-देन की गहन जांच के बाद ही इस अंतरराज्यीय गिरोह का पता चला। शुरुआती जांच में इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं।

ऐसे था गिरोह का मॉड्यूलस ओपेरंडी

जांच में सामने आया कि यह गिरोह दो प्रमुख तरीकों से अपना काम करता था:

  1. म्यूल बैंक अकाउंट: ठगी की रकम को फर्जी या किराए के बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किया जाता था, ताकि पुलिस को पता न चल सके।
  2. फर्जी सिम कार्ड: आरोपी लोगों को 5G सिम अपग्रेड का लालच देकर उनके KYC डॉक्युमेंट हासिल करते थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वे फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करते थे और फिर इन्हें ठगी में इस्तेमाल करते थे।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका

सीबीआई ने इस कनेक्शन से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • ब्लेसिन जैकब अब्राहम: यह गोवा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि यह म्यूल अकाउंट ऑपरेटर के रूप में काम करता था और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में अहम भूमिका निभाता था।
  • मोहम्मद मुश्ताक: यह नागपुर से गिरफ्तार हुआ है। आरोपी शेल कंपनी चलाता था और अपराध की रकम को अपनी कंपनी के खाते में रिसीव करता था।
  • मोहम्मद जुनैद: यह बेंगलुरु से पकड़ा गया है। आरोप है कि यह 5G अपग्रेड के नाम पर लोगों को ठगकर उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी सिम कार्ड दिलवाने का काम करता था।

सीबीआई का बयान

बता दें कि सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह ऑपरेशन 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी साइबर ठगी के बड़े गिरोहों की कमर तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। एजेंसी ने कहा कि संगठित साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि डिजिटल सिस्टम पर आम जनता का भरोसा बना रहे। फिलहाल, जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े देश और विदेश के अन्य सभी लोगों की पहचान कर रही है। Digital Arrest

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