अखिलेश यादव की यह रैली गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मीहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित हो रही है। कार्यक्रम के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे अखिलेश यादव यहां पहुंचेंगे। रैली से पहले वे गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और उसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज गौतम बुद्ध नगर के दादरी में बड़ी जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। यह रैली सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम नहीं मानी जा रही बल्कि इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा की ताकत बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी इस रैली के जरिए पश्चिमी यूपी में अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव की यह रैली गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मीहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित हो रही है। कार्यक्रम के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे अखिलेश यादव यहां पहुंचेंगे। रैली से पहले वे गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और उसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए करीब 100 मीटर लंबा पंडाल तैयार किया गया है और हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। इस रैली का आयोजन ऐसे समय पर किया जा रहा है जब पश्चिमी यूपी की राजनीति में सभी दल सक्रिय हो गए हैं। समाजवादी पार्टी दादरी से पश्चिमी यूपी के कई जिलों को संदेश देना चाहती है कि पार्टी इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समाजवादी पार्टी इस रैली के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत देना चाहती है। पार्टी नेताओं का दावा है कि गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इस रैली में पहुंचेंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पश्चिमी यूपी चुनावी दृष्टि से बेहद अहम क्षेत्र है। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी यहां लगातार सक्रियता बढ़ा रही है और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
रैली को सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। पूर्व मंत्री जावेद आब्दी, जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। गांव और बूथ स्तर पर बैठकों के जरिए भीड़ जुटाने की कोशिश की गई है। पार्टी इस रैली के जरिए सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने की भी तैयारी में है। खास बात यह भी है कि यह रैली उसी स्थान पर हो रही है जहां 2022 विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर विवाद हुआ था। ऐसे में इस जगह का चयन भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी 2022 और 2024 के चुनावी अनुभव के आधार पर नई रणनीति तैयार कर रही है। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा ने राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन किया था जिसका असर पश्चिमी यूपी में देखने को मिला था। हालांकि, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे इलाकों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर समाजवादी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर जीत हासिल की। इसी अनुभव के आधार पर पार्टी अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि दादरी की यह रैली 2027 विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की दिशा में अहम कदम है। समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ नए सामाजिक समीकरण बनाने पर भी जोर दे रही है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अखिलेश यादव की यह रैली पश्चिमी यूपी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस रैली का चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।