आखिर ट्रक की गुप्त कैविटी में गांजा छिपाकर तस्करी करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और दिल्ली-एनसीआर में इसकी सप्लाई कहां-कहां होती थी ? बादलपुर पुलिस की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

Dadri News : गौतमबुद्धनगर के दादरी क्षेत्र में बादलपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक, एक कार, चार मोबाइल फोन, नकदी और बैंक कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ट्रक में बनाई गई विशेष गुप्त कैविटी में गांजा छिपाकर ओडिशा के भुवनेश्वर से लाते थे। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र में गांजे की थोक और फुटकर बिक्री कर मुनाफा कमाया जाता था। पुलिस की इस कार्रवाई को दादरी क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। Dadri News
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को स्थानीय खुफिया जानकारी और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने दादरी से लालकुआं की ओर जाने वाली सड़क पर कुड़ी खेड़ा मोड़ के पास तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश पाल, समीर कुमार और रवि कुमार साहनी के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से गांजे की बड़ी खेप बरामद करने के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को भी जब्त किया है। Dadri News

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी रवि कुमार साहनी कथित तौर पर भुवनेश्वर से ट्रक में गांजा लाता था। ट्रक में गांजा छिपाने के लिए एक विशेष गुप्त कैविटी बनाई गई थी, ताकि सामान्य जांच के दौरान नशीले पदार्थ का पता लगाना मुश्किल हो सके। पुलिस का दावा है कि ट्रक में यह गुप्त स्थान करीब दो महीने पहले दिनेश पाल ने बनवाया था। गांजे की खेप दिल्ली पहुंचने के बाद उसे थोक और फुटकर दोनों तरीकों से बेचने की योजना के तहत काम किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश पाल को गिरोह का सरगना बताया गया है। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि दिनेश पाल वर्ष 2021 में गांजे की करीब ढाई क्विंटल बरामदगी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार हुआ था और लगभग 15 महीने जेल में रहा था। हालांकि, मौजूदा मामले में आरोपियों के खिलाफ दर्ज अभियोग की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही उनकी आपराधिक जिम्मेदारी निर्धारित होगी। Dadri News
पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी बिहार के अलग-अलग जिलों के मूल निवासी हैं और दिल्ली में रह रहे थे या वहां से जुड़े काम करते थे।
पुलिस के मुताबिक, दिनेश और रवि वाहन चलाने का काम करते थे, जबकि समीर सब्जी बेचने का काम करता था। Dadri News
पुलिस की ओर से जारी बरामदगी के विवरण के अनुसार:
इस मामले में थाना बादलपुर में मुकदमा अपराध संख्या 317/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29/60 के तहत कार्रवाई की है। Dadri News
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