दादरी के जारचा गांव में करीब 100 साल पुराने कब्रिस्तान में पेड़ काटने और घेराबंदी क्षतिग्रस्त करने का आरोप। परवेज आलम ने थाना जारचा पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

दादरी के जारचा गांव में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद का आरोप, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी दावा; परवेज आलम ने थाना जारचा में दी शिकायत
Dadri News : दादरी/जारचा, गौतमबुद्ध नगर। दादरी क्षेत्र के जारचा गांव में लगभग 100 वर्ष पुराने कब्रिस्तान में हरे-भरे पेड़ काटने और सुरक्षा के लिए लगाई गई घेराबंदी को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। इस मामले में जारचा निवासी परवेज आलम ने कुछ लोगों पर कब्रिस्तान में लगे पेड़ काटकर ले जाने, कंटीले तारों और खंभों को नुकसान पहुंचाने तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में थाना जारचा पुलिस को प्रार्थना-पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक, ग्राम जारचा में स्थित यह कब्रिस्तान लगभग 100 वर्ष पुराना है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों को लंबे समय से दफनाया जाता रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कब्रिस्तान में पुरानी और नई कब्रें मौजूद हैं तथा इसकी सुरक्षा के लिए कंटीले तारों और खंभों से घेराबंदी की गई है। परवेज आलम पुत्र स्वर्गीय गुलजार अली ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 10 अक्टूबर 2026 को कुछ लोग कब्रिस्तान में पहुंचे और वहां खड़े हरे-भरे पेड़ों को काटकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि इस दौरान कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए लगाई गई घेराबंदी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
परवेज आलम की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को थाना जारचा के थाना अध्यक्ष को दिए गए प्रार्थना-पत्र में रामकुमार पुत्र करण सिंह, गोपीचंद पुत्र शंभू दयाल, रीना पत्नी गोपीचंद और राजुद्दीन पुत्र शरीफ के नाम दर्ज कराए गए हैं। शिकायत में इनके साथ तीन से चार अज्ञात व्यक्तियों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने मौके पर हुई घटना के बारे में जानकारी लेने और पेड़ काटने तथा घेराबंदी को नुकसान पहुंचाने का विरोध करने का प्रयास किया, तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। उसने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि कब्रिस्तान में पेड़ काटने और घेराबंदी को क्षतिग्रस्त करने की कथित घटना के पीछे जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास हो सकता है। उसने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। परवेज आलम ने यह भी मांग की है कि कब्रिस्तान की भूमि, वहां मौजूद कब्रों, पेड़ों और सुरक्षा घेराबंदी को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
दादरी क्षेत्र के जारचा गांव से जुड़े इस मामले में शिकायतकर्ता ने थाना जारचा पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की जांच करने की मांग की है। अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति सामने आने के बाद मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। Dadri News :
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