Noida News: 'बड़ा' राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है दादरी के शिक्षा माफिया को
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:41 PM
Noida / Dadri: नोएडा/दादरी। स्कूलों के नाम पर शिक्षा की दुकान चलाने वाले शिक्षा माफियाओं को 'बड़ाÓ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि एक सप्ताह से अधिक हो जाने के बाद भी पुलिस जालसाजी करने वाले शिक्षा माफियाओं को छू तक नहीं पा रही है। ज्ञात रहे कि गौतमबुद्धनगर जिले की दादरी तहसील क्षेत्र में आमका रोड पर स्थित सनराइज एकेडमी तथा उसी तहसील के वैदपुरा गांव में स्थित इंस्पायर इंटरनेशनल स्कूल को फर्जी एनओसी के जरिए चलाया जा रहा है। इतना ही नहीं, इन दोनों स्कूलों के कर्ताधर्ताओं ने सरकारी व्यवस्था का मजाक बनाते हुए फर्जी दस्तावेज तक तैयार कर रखे हैं। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के सहारे सीबीएसई से मान्यता भी प्राप्त कर ली गई है।
सनराइज एकेडमी के प्रबंधक सुभाष सिंह ने सीबीएसई की मान्यता लेने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशालय में आवेदन किया था, किन्तु उनके दस्तावेजों में अनेक खामियां थीं। इसी प्रकार इंस्पायर इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक गोपाल नागर ने भी आवेदन किया था। उनके दस्तावेज भी आधे-अधूरे थे। आधे-अधूरे दस्तावेजों के आधार पर निदेशालय कोई एनओसी जारी नहीं करता है। इन दोनों स्कूलों के संचालकों ने फर्जी एनओसी तैयार करके सीबीएसई में मान्यता के लिए आवेदन किया और मान्यता प्राप्त कर ली।
मेरठ के लालकुर्ती थाने में दर्ज रिपोर्ट में साफ आरोप है कि सुभाष सिंह व गोपाल नागर ने फर्जी कागजों के जरिए सीबीएसई जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान से स्कूल की मान्यता हासिल कर ली है। लालकुर्ती थाने की पुलिस ने धारा- 420/467 व 468 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर रखी है।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुए एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। दोनों ही स्कूल आज भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। आरोपी स्कूल संचालक खुलेआम घूम रहे हैं। इस विषय में पूछे जाने पर मेरठ के पुलिस अधीक्षक (नगर) विनीत भटनागर ने बताया कि पुलिस मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।
चेतना मंच को मिली पुष्ट जानकारी के अनुसार इन शिक्षा माफियाओं को 'बड़ा' राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। वे संरक्षक इतने प्रभावशाली हैं कि उन्होंने शिक्षा विभाग की शिकायत पर गौतमबुद्धनगर जिले में एफआईआर तक दर्ज नहीं होने दी। दरअसल संयुक्त शिक्षा निदेशक ओंकार शुक्ला ने इस मामले की तहरीर पहले गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी थाने में दी थी। कारण यह था कि दोनों ही आरोपी जालसाज दादरी थाना क्षेत्र में ही स्कूल के नाम पर शिक्षा की दुकान चला रहे हैं। उनके राजनीतिक आकाओं ने दादरी में रिपोर्ट दर्ज ही नहीं होने दी। थक-हार कर शिक्षा विभाग ने मेरठ में रिपोर्ट दर्ज करायी है। मेरठ की पुलिस पर भी लगातार राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है।