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महान क्रांतिकारी और अमर शहीद राजा राव उमराव सिंह गुर्जर की 195वीं जयंती शुक्रवार को दादरी में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और स्थानीय संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया।

Noida News : महान क्रांतिकारी और अमर शहीद राजा राव उमराव सिंह गुर्जर की 195वीं जयंती शुक्रवार को दादरी में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और स्थानीय संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया। राजा राव उमराव सिंह गुर्जर का जन्म 30 मई 1832 को दादरी रियासत के गांव कठैड़ा में हुआ था। उन्हें 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में क्षेत्रीय क्रांतिकारियों का नेतृत्व करने और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।Noida News
स्थानीय इतिहास और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार, राजा राव उमराव सिंह गुर्जर और उनके परिवार ने 1857 के विद्रोह में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। बताया जाता है कि उस समय उन्होंने क्षेत्र के हजारों क्रांतिकारियों को संगठित कर अंग्रेजी शासन के खिलाफ मजबूत आंदोलन खड़ा किया था। इस आंदोलन के दौरान दादरी क्षेत्र में ब्रिटिश हुकूमत को कड़ी चुनौती मिली और स्वतंत्रता की भावना को मजबूती मिली। उनके योगदान को क्षेत्रीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाता हैNoida News
दादरी में स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर गुर्जर विद्या सभा के सचिव एडवोकेट राम शरण नागर सहित कई गणमान्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान और देशभक्ति को नमन करते हुए उन्हें भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज सार्वजनिक पुस्तकालय परिसर स्थित मिहिर भोज इंटर कॉलेज में भी जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि राजा राव उमराव सिंह गुर्जर जैसे क्रांतिकारियों का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस मौके पर विद्या सभा के अधीक्षक उदयपाल तौंगड़, पुस्तकालय अध्यक्ष पुष्पा नागर, रोहित कुमार, मास्टर ब्रह्म पाल नागर, बेग राज सिंह और पत्रकार उदय सिंह अवाना सहित कई लोग मौजूद रहेNoida News
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजा राव उमराव सिंह गुर्जर का योगदान केवल दादरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने 1857 की क्रांति में पूरे क्षेत्र को जागरूक करने और संघर्ष की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी जयंती के अवसर पर लोगों ने संकल्प लिया कि उनकी विरासत और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा ताकि देशभक्ति की भावना सदैव जीवित रहे।Noida News
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