दिल्ली में 60 लाख गाड़ियों पर संकट, पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन
Delhi News
दिल्ली
RP Raghuvanshi
21 May 2025 09:37 PM
Delhi News : दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण और सुप्रीम कोर्ट व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई 2025 से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी जैसी ईंधन सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यह आदेश सीधे तौर पर राजधानी में चल रहे 60 लाख से अधिक पुराने वाहनों को प्रभावित करेगा।
दिल्ली सरकार ने पूरी कर ली तैयारी
इस फैसले को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। राजधानी के लगभग 400 पेट्रोल पंपों और 160 सीएनजी स्टेशनों पर हाईटेक ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर यह जानकारी हासिल करेंगे कि वह वाहन कितने वर्ष पुराना है। यदि कोई वाहन तय सीमा से अधिक पुराना पाया गया, तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा और उसका डाटा तत्काल परिवहन विभाग के पास भेजा जाएगा।
न रहे सेंधमारी या चूक की संभावना
दिल्ली परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर कोई वाहन इन कैमरों या अन्य निगरानी प्रणालियों के जरिए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन की जब्ती, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया इस तरह से डिजाइन की गई है कि किसी भी तरह की सेंधमारी या चूक की संभावना न रहे।
अधिकारियों और डीलर्स के बीच बैठक की योजना
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह निर्देश दिए हैं कि 1 जुलाई से राजधानी में अपनी उम्र पूरी कर चुके किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाए। इसी के तहत यह तकनीकी व्यवस्था की जा रही है, ताकि यह नियम धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरे वाहन नंबर पढ़कर यह तय करेंगे कि वह गाड़ी नियमों के अनुरूप है या नहीं। हालांकि, पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने इस व्यवस्था में एक समस्या बताई है कि कई बार जब तक कैमरा नंबर प्लेट स्कैन करता है तब तक कर्मचारी ईंधन भर चुके होते हैं। इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए अधिकारियों और डीलर्स के बीच बैठक की योजना है।
वाहन मालिकों को NOC लेना आवश्यक
दिल्ली परिवहन विभाग ने पुराने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे या तो अपने वाहन को एनसीआर क्षेत्र से बाहर ले जाएं या उसे किसी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) में स्क्रैप कराएं। इसके लिए वाहन मालिकों को अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना आवश्यक होगा, जो विभाग द्वारा जारी किया जाएगा।
हजारों वाहनों को किया गया जब्त
वर्तमान में दिल्ली में पुराने वाहनों की संख्या 61 लाख से अधिक बताई जा रही है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पुराने वाहनों की संख्या क्रमशः 27.5 लाख, 12.7 लाख और 6.2 लाख है। दिल्ली सरकार के अनुसार, 2023 में 22,397 और 2024 में 39,273 वाहनों को जब्त किया गया है, जिससे सरकार की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदूषण को कम करने के लिए उठाया गया ये कदम
यह सख्त कदम प्रदूषण को कम करने और दिल्ली की वायु गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास है। लेकिन इसके साथ-साथ यह लाखों वाहन मालिकों के लिए एक चेतावनी भी है कि समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें, वरना उनका वाहन सड़कों पर चलने लायक नहीं रहेगा और ना ही उन्हें ईंधन मिलेगा।