
Delhi News : देश की राजधानी दिल्ली में एक महिला को अपनी पांच साल की मासूम बेटी से रेप करने का आरोप दूसरे व्यक्ति पर थोपना भारी पड़ गया। कोर्ट ने महिला को ऐसी सजा सुनाई, जिसे सुनकर न केवल उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई, बल्कि होश भी उड़ गए। कोर्ट ने महिला को झूठी शिकायत कराने का दोषी मानते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं।
दरअसल, दिल्ली की एक महिला का कुछ लोगों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद के चलते महिला ने आरोपियों पर अपनी पांच साल की बेटी से रेप करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने पांच साल की बच्ची से रेप के मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की। मामला कोर्ट में पहुंचा।
दिल्ली की एक अदालत की कोर्ट ने जब मामले की सुनवाई की और गवाहों की सुनी तो मामला पूरी तरह से झूठा निकला। महिला ने अपनी आपसी रंजिश के लिए अपनी पांच साल की बेटी का सहारा लिया और अपने विरोधियों को रेप के झूठ के मामले में फंसाया। कोर्ट ने महिला को झूठी शिकायत दर्ज कराने का दोषी ठहराते हुए 1 लाख रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने लड़की की मां के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि उसने गुस्से में आकर और खुद को रोज-रोज के झगड़ों से बचाने के लिए झूठी शिकायत की है।
17 नवंबर को दिए गए आदेश में कोर्ट ने कहा कि महिला को संपत्ति विवाद के निपटारे के लिए झूठी शिकायत पर यह झूठा मामला दर्ज करवाने और POCSO अधिनियम के प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए पाया गया है, जिससे आरोपी व्यक्तियों को अपमान और बदनामी का सामना करना पड़ा। उसने आपराधिक न्याय प्रणाली का भी दुरुपयोग करने की कोशिश की।