
Delhi News (मनोज गोयल गुडियानिया) : दिल्ली के श्री नरसिंह सेवा सदन पीतमपुरा में राष्ट्रीय "पंचगव्य- आयुर्वेद चिकित्सा सेमिनार" का आयोजन विश्व की सबसे बड़ी गौशाला श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्याय के सस्थापक गौ ऋषि स्वामी श्री दत्त शरणानंद महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।
सेमिनार में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस), भारत सरकार के महानिदेशक डॉ. आर. एन. आचार्य ने संबोधित करते हुए कहा कि पंचगव्य आयुर्वेद का सार है। पंचगव्य से सभी रोगों का इलाज संभव है। आज विश्व की सबसे बड़ी जरूरत पंचगव्य है। एंटीबायोटिक्स ने शरीर पर काम करना बंद कर दिया है। जहां पहले एक गोली दी जाती थी आज एक साथ तीन तीन देनी पड़ती हैं।
राष्ट्रीय सेमिनार को डॉक्टर मनुभाई गौड़, निदेशक सीबीपी आयुर्वेद चरक संस्थान दिल्ली, पंचगव्य विद्यापीठम कांचीपुरम के संस्थापक डॉ. निरंजन वर्मा, विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुरेंद्र चौधरी, सेवा शिक्षण संस्थान हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष वैद्य राजेश कपूर, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक एवं विजिटिंग फैकल्टी कैलिफोर्निया आयुर्वेद कॉलेज डॉ. अखिलेश शर्मा, सीसीआरएएस नई दिल्ली के अनुसंधान अधिकारी डॉ. विनोद लवनिया, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के डॉ. प्रशांत गुप्ता एवं डॉ. सुभाष साहू सरीखे देश के शीर्ष आयुर्वेद विशेषज्ञ, पंचगव्य चिकित्सा शास्त्री, जो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से उच्च शिक्षित-प्रशिक्षित हैं, ने पंचगव्य मानव जीवन के लिए कितना उपयोगी और कल्याणकारी विषय पर विस्तार से वर्णन किया।
वक्ताओं ने कहा कि गोमाता से प्राप्त पंचगव्य मानव कल्याण और स्वास्थ्य में औषधीय गुणों का खजाना है। यह गोमाता का मनुष्य को वरदान है। पंचगव्य देसी गाय से प्राप्त पांच चीजों का सम्मिश्रण है। इसमें गोदुग्ध (दूध), गोदधी (दही-छाछ), गोमेह (गोबर), गोघृत (घी) व गोमूत्र (मूत्र) शामिल हैं। पंचगव्य से विभिन्न प्रकार की जटिल और असाध्य समझे जाने वाली बीमारियों का पूर्ण निदान किया जा सकता है। इसके समुचित उपयोग से शरीर की रोगनिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।
गोमूत्र ही पृथ्वी का सर्वोत्तम स्वास्थ्य टॉनिक है जो एन्टी बायोटिक है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखता है। कैंसर, डेंगू, स्वाइन फ्लू, डायबिटीज और अनेक बीमारियों का समाधान पंचगव्य में निहित है। कृषि में किस तरह से यह उपयोगी है। इन सभी महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर पंचगव्य चिकित्सा और आयुर्वेद के विशेषज्ञ ने चर्चा की। अपनी ज्ञान संपदा, शोध तथा अनुभवों से लाभान्वित किया। आयोजन के मीडिया समन्वयक मनोज गोयल गुडियानिया ने बताया कि आयोजन बहुत ही गरिमापूर्ण एवम ज्ञानवर्धक रहा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ समाजसेवी एवं गौ भक्त डॉ. नरेश शर्मा सेमीनार के आयोजन के मुख्य उद्देश्य गोमाता की सेवा और रक्षा विषय के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने मंच के माध्यम से सरकार से पंचगव्य में एमडी एवं पीएचडी कोर्स शुरू करवाने की मांग भी की। इससे पूर्व आए हुए सभी अतिथियों का पटका एवं गौ माता का स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जीसीसीआई के पुरीश श्रीवास्तव, गोधाम पथमेड़ा के वैद्य श्याम सिंह राजपुरोहित, भारतीय धरोहर एवं कामधेनु ट्रस्ट सरीखी भारत प्रसिद्ध संस्थाओं का सराहनीय सहयोग रहा।
इस अवसर पर दयानंद सरस्वती महाराज, रविंद्रचार्य महाराज, बलदेवदास महाराज, गोपेश महाराज, विठ्ठल कृष्ण महाराज, सीताराम महाराज, गौसेवा आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्रवण गर्ग, पूर्व चेयरमैन भानीराम मंगला, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन बालकिशन अग्रवाल, रघुनाथ सिंह राजपुरोहित, आलोक सिंघल, कार्यक्रम के मीडिया समन्वयक मनोज गोयल गुडियानिया, वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल, संजय गर्ग, अशोक अग्रवाल, यशपाल गुप्ता, निमित गुप्ता, प्रदीप बंसल युमना मिशन, कामधेनु परिवार के आईसी बंसल आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। Delhi News