Lok Sabha : संसदीय समिति ने युद्ध शहीदों के परिजनों की अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये तक बढ़ाने की सिफारिश की
Lok Sabha News : The youth of Northeast who used to hold guns during Congress rule, now have commuters in their hands: Minister
भारत
चेतना मंच
15 Dec 2022 10:04 PM
Lok Sabha : संसद की एक समिति ने युद्ध में हताहत सैनिकों के परिवार के सदस्यों को उचित एवं सम्मानजनक अनुग्रह राशि प्रदान करने की जरूरत को रेखांकित करते हुए सरकार से प्रत्येक श्रेणी की अनुग्रह राशि में 10 लाख रुपये तक बढ़ोतरी करने पर गंभीरता से विचार करने को कहा है।
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लोकसभा में बृहस्पतिवार को पेश ‘सशस्त्र बलों में युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं/उनके परिवारों के लिये कल्याणकारी उपायों का आकलन’ पर रक्षा संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद जुएल ओरांव की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि शहीद सैनिक के परिवार के पात्र सदस्य को उक्त सैनिक की मृत्यु होने पर एकमुश्त अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार समिति को रक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी गई कि यह राशि सैनिक की मृत्यु की विभिन्न श्रेणियों के लिये अलग-अलग है। इसमें कहा गया है कि कर्तव्य का पालन करते हुए दुर्घटनाओं या आतंकवादी, असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा के कृत्यों के कारण होने वाली मृत्यु के मामले में 25 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है । समिति ने कहा कि इसके अलावा सीमा पर झड़पों और आतंकवादियों, उग्रवादियों, चरमपंथियों व जल दस्युओं आदि के खिलाफ कार्रवाई में होने वाली मौत के मामले में 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। युद्ध में दुश्मन के विरूद्ध कार्रवाई के दौरान होने वाली मृत्यु के मामले में 45 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिये जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘समिति का सुविचारित मत है कि यद्यपि सैनिक के जीवन का मूल्यांकन मौद्रिक संदर्भ में नहीं किया जा सकता है, फिर भी वित्तीय अनुदान सैनिक के परिवार के सदस्य को उचित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने में सहायक होता है।’’ इसमें कहा गया है कि यह (अनुग्रह राशि) युवाओं को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती के लिये प्रोत्साहन और प्रेरणा के रूप में कार्य करता है।
समिति ने कहा कि इस अवधारणा और मुद्रास्फीति की बढ़ी हुई दर पर विचार करते हुए सरकार को उपरोक्त श्रेणी की अनुग्रह राशि में 10 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। समिति ने सुझाया, ‘‘ किसी भी श्रेणी में न्यूनतम राशि 35 लाख रुपये और अधिकतम राशि 55 लाख रुपये होगी ।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति को बताया गया है कि पेंशनभोगियों की कुल संख्या का जायजा लेने के लिये मुख्य रक्षा लेखा नियंत्रक (पीसीडीए) प्रयागराज द्वारा अप्रैल के महीने में एक वार्षिक जनगणना करायी जाती है। यह पेंशन वितरण एजेंसियों से डाटा एकत्र करके की जाती है। इसमें भुगतानों के कुछ प्रतिशत की पीसीडीए प्रयागराज द्वारा लेखापरीक्षा की जाती है ताकि लाभ की मात्रा सत्यापित की जा सके। यह बताया गया है कि पीसीडीए प्रयागराज पेंशनभोगियों के आंकड़ों का रख-रखाव करता है।
समिति को यह भी बताया गया कि वे अलग से ‘वीर नारी’ (शहीदों की विधवाओं) का डाटा नहीं रखते हैं। ऐसे में समिति ने सिफारिश की है कि वे शहीदों के परिजनों एवं ‘वीर नारी’ संबंधी आंकड़े रखें।