Noida: चिल्ला एलिवेटिड रोड के कार्य में फिर लगे ब्रेक

WhatsApp Image 2022 02 21 at 12.24.34 PM
Noida News
locationभारत
userचेतना मंच
calendar25 Nov 2025 11:37 AM
bookmark
Noida: नोएडा । दिल्ली से नोएडा भंगेल तक लोगों की सुविधा के लिए सिग्नल फ्री एलिवेटिड रोड के निर्माण में फिर ब्रेक लग गया है। इसके पूर्व भी पैसों के भुगतान को लेकर 10 माह तक चिल्ला एलिवेटिड का काम ठप्प रहा था। इसका शिलान्यास 25 जनवरी 2019 को हुआ था। इसको बनाने के लिए यूपी के लोक निर्माण विभाग से अनुबंध हुआ। अनुबंध के तहत इसको बनाने में जो खर्चा आएगा उसको नोएडा प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग 50-50 प्रतिशत मिलकर वहन करेंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके काम का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड करेगा। इसके निर्माण की लागत 605 करोड़ 32 लाख रुपए तय की गई। शिलान्यास होने के बावजूद कई जगह से निर्माण के लिए मंजूरी नहीं मिलने से इसके काम की ठीक ढंग से शुरूआत नहीं हो सकी। ऐसे में करीब एक साल बाद जनवरी 2020 से काम शुरू हो सका। इसका काम सेक्टर-95 दलित प्रेरणा स्थल की पार्किंग के पास शुरू किया गया। दिल्ली-नोएडा के बीच सफर को आसान करने के लिए नोएडा प्राधिकरण दिल्ली के चिल्ला रेगुलेटर-सेक्टर-14ए (नोएडा) से शुरू होकर महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण करा रहा है। शाहदरा ड्रेन के समांतर इसको बनाया जाएगा। अभी तक इसका करीब 13 प्रतिशत काम हो चुका है। अभी तक करीब 140 पाइलिंग का काम हो चुका है। नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2020 जनवरी में इसका निर्माण अपने पैसे से शुरू करा दिया था। नवंबर तक खुद अपने स्तर से करीब 74 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।  लेकिन शासन से कोई पैसा नहीं मिला। शासन ने पैसा नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने बोर्ड में इस मामले को लेकर जाकर शासन से पैसा नहीं आने तक खुद कोई खर्चा करने से इंकार कर दिया। ऐसे में नवंबर 2020 में काम बंद कर दिया। कई महीनों तक इंतजार के बाद भी शासन से कोई पैसा नहीं मिला। पैसे लेने के लिए करीब 13 बार नोएडा प्राधिकरण की ओर से पत्र लिखे। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण फिर से मामले को बोर्ड बैठक में ले गया। बोर्ड बैठक में तय हुआ कि शासन से एक बार फिर से फिर से पैसे लेने के प्रयास किए जाएं और काम शुरू करा दिया जाए। ऐसे में एलिवेटेड रोड का काम करीब 11 महीने बंद तक बंद रहने के बाद अक्तूबर 2021 में फिर से शुरू हुआ। इसके बाद फिर से प्राधिकरण ने पैसे लेने के लिए शासन से संपर्क किया लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला। इस वजह से प्राधिकरण ने फिर से कदम पीछें खींच लिए हैं जिससे काम बंद हो गया है। गौरतलब है कि चिल्ला से महामाया फ्लाईओवर के बीच एलिवेटेड रोड बनाने की योजना करीब 12 साल पुरानी है। लेकिन काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ। इससे पहले एलिवेटेड रोड बनाने की योजना नोएडा प्राधिकरण, यूपी और दिल्ली सरकार के बीच फाइलों में ही घूम रही थी। इस बारे में नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि शासन स्तर से कोई पैसा नहीं मिलने पर काम बंद हो गया है। जल्दी शासन से पैसा मिलने की उम्मीद भी नहीं है। दो बार बंद रहा काम पैसे नहीं मिलने के अलावा इस एलिवेटेड रोड का काम दो बार अन्य वजह से भी बंद रहा। वर्ष 2020 में कोरोना की आई पहली लहर के कारण करीब चार-पांच महीने काम बंद रहा था। फिर उसी साल और फिर 2021 में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एनजीटी के आदेश के कारण भी करीब दो महीने काम बंद पड़ा रहा। 10 मार्च को आचार संहिता खत्म होने पर उसी महीने प्राधिकरण की बोर्ड बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में फिर से चिल्ला एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में ले जाया जाएगा। बोर्ड से मार्ग दर्शन मांगा जाएगा कि क्यों न इसके निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएं।
अगली खबर पढ़ें

Noida: आज हवा-हवाई हुई कांग्रेस की 'शक्ति यात्रा

Congress party Logo
locationभारत
userचेतना मंच
calendar02 Dec 2025 04:01 AM
bookmark
Noida: नोएडा । कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव तथा उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश आज नोएडा विधानसभा क्षेत्र में हवा हवाई नजर आए। चुनाव तक प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' के नारे को मोहरा बनाकर जमकर चुनाव प्रचार किया गया, लेकिन चुनाव बाद इस नारे की आज हवा निकल गई। दरअसल कांग्रेस हाईकमान ने हर विधानसभा क्षेत्र में आज महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए शक्ति यात्रा के नाम से महिलाओं की पदयात्रा निकालने के निर्देश दिए थे। निर्देश में स्पष्ट कहा गया था कि गुलाबी रंग का 50 या 100 मीटर लंबा झंडा लेकर सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस की महिलाएं विशाल पदयात्रा निकालेंगी। उनके साथ पुरुष पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी इस पदयात्रा में शामिल होंगे। पदयात्रा में सभी महिलाओं को गुलाबी रंग के गुब्बारे लेकर चलने के निर्देश दिए गए हैं। पदयात्रा के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित करने के भी निर्देश दिए गए थे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) दिनेश कुमार सिंह ने इस बाबत 17 फरवरी को ही सभी जिला व महानगर अध्यक्षों को एक सर्कुलर भी भेज दिया था। लेकिन पार्टी का यह निर्देश आज नोएडा में हवा-हवाई साबित हुआ। यह आलम तब है जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र से 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' के नारे को बुलंद करने के उद्देश्य से पंखुड़ी पाठक यादव को यहां से प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन आज प्रत्याशी भी प्रियंका गांधी के इस निर्देश का पालन करने में फिसड्डी नजर आई। इस बाबत जब नोएडा महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष रामकुमार तंवर से पूछा गया तो उनका जवाब था कि उन्हें अभी तक इस सर्कुलर की कोई जानकारी नहीं है। जानकारी मिलते ही बता दिया जाएगा।
अगली खबर पढ़ें

Noida: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने नोएडा की सीईओ को किया तलब

New 4 1 1
locationभारत
userचेतना मंच
calendar02 Dec 2025 02:10 AM
bookmark
Noida: नोएडा ।राष्ट्रीय  पिछड़ा वर्ग आयोग ने छलेरा बांगर के एक गरीब किसान की जमीन अधिग्रहण करने तथा अधिग्रहण के बदले जमीन न देने के प्रकरण में आज नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी को तलब किया है। खबर लिखे जाने तक यह पता नहीं चल पाया कि आज आयोग के समक्ष सीईओ स्वयं उपस्थित हुई है या किसी मातहत अधिकारी को भेजा है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त केंद्रीय मंत्री) डॉ लोकेश प्रजापति के निर्देश पर आयोग के अवर सचिव जे. रविशंकर ने 16 फरवरी को प्राधिकरण को नोटिस भेजकर 21 फरवरी को दोपहर दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय तलब किया है। आयोग में छलेरा के निवासी किसान चंद्रपाल पुत्र स्वर्गीय नौबत सिंह ने शिकायत की थी। शिकायत में चंद्रपाल ने आरोप लगाया था कि उसकी खसरा नंबर-144 में दादालाई 445 वर्ग गज जमीन दर्ज थी। प्राधिकरण ने नोटिस दिए बिना एक सड़क निर्माण के लिए अर्जेंट क्लोज के तहत उसकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। जबकि उसका प्राधिकरण के साथ जिला अदालत में इस जमीन को लेकर वाद भी चल रहा था। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा था। अदालत द्वारा विचाराधीन विवाद के दौरान प्राधिकरण को मामले में हस्तक्षेप न करने तथा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी थे। लेकिन इसके बावजूद भी प्राधिकरण ने उसकी जमीन को जबरन अधिग्रहण कर लिया था। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि अन्य लोगों को अधिग्रहण के बदले जमीन भी दे दी गई है, लेकिन उसे अभी तक नोएडा प्राधिकरण ने जमीन नहीं दी है। न्याय न मिलने से हताश चंद्रपाल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत की थी। आज आयोग ने सीईओ को मामले में अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है।