Greater Noida News : प्राधिकरण पर प्रदर्शन कर रहे पीड़ित किसानों को मिला सुनील फौजी का समर्थन, गांवों में पंचायत कर बनाई जा रही कमेटियां
भारत
चेतना मंच
22 May 2023 02:01 PM
By:- अमन भाटी Greater Noida News -ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर पीड़ित किसानों द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों ने भी जब तक समस्याओं का निवारण नहीं हो जाता तब तक धरना जारी रखने का निश्चय पूर्ण रूप से कर रखा है, जिसके चलते आज प्रदर्शन को 27 वां दिन रहा। आज धरना स्थल पर जय जवान-जय किसान संगठन के नेता सुनील फौजी ने आकर अपना समर्थन दिया और ऐलान किया कि तन मन धन से आंदोलन में साथ रहेंगे।
इन गांवों में किसानों द्वारा की गई पंचायत
किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने बताया कि आज थापखेड़ा, घोड़ी और खैरपुर में महापंचायत की गई। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही। कमेटियों का निर्माण कर ट्रैक्टर रैली, भूमिहीनों के धरना प्रदर्शन एवं 6 जून के डेरा डालो घेरा डालो कार्यक्रम के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचने का आश्वासन दिया। किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि 27 दिन में माननीय मुख्यमंत्री चेयरमैन तक बात पहुंचा दी गई है। चेयरमैन स्तर पर बातचीत भी हो गई है। मुद्दों से अवगत करा दिया गया है। सभी अधिकारी किसानों के मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति देने को तैयार हैं परंतु अभी तक भी कोई हल नहीं हुआ है, इसलिए किसान सभा एवं सभी किसान संगठन विपक्षी पार्टियां पूरा मन बना कर 6 जून के डेरा डालो घेरा डालो प्रोग्राम की तैयारी में जुटे है।
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प्राधिकरण को चेतावनी देते हुए किया ऐलान
किसान सभा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने कहा कि अबकी बार किसान पूरी तरह आर-पार के मूड में हैं और चेतावनी देते हुए कहा कि प्राधिकरण किसानों के 10% आबादी प्लाट, सर्कल रेट का 4 गुना मुआवजा, आबादियों की लीज बैक, भूमिहीनों का प्लाट, 120 वर्ग मीटर का न्यूनतम प्लाट साइज, साढे 17 परसेंट का प्लाट कोटा रोजगार की नीति पर तुरंत फैसला करें अन्यथा प्राधिकरण को किसान पूरी तरह घेर कर ठप करने का कार्य करेंगे।
इस दौरान मुख्य रूप से यह लोग रहे उपस्थित
आज सैकड़ों की संख्या में धरना स्थल पर महिला पुरुष जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन करते रहे। खेड़ी गांव कमेटी मुकेश, भीम सिंह प्रधान, सुशील सुनपुरा, पप्पू प्रधान मायेचा, निशांत रावल घोड़ी, संदीप भाटी थापखेड़ा, प्रकाश प्रधान सिरसा, महिलाओं में रीना, आशा, तिलक, शरबती, सावित्री, उर्मिला, सुशीला, राखी, सुनीता, सोमवती एवं अन्य सैकड़ों महिला-पुरुष किसान उपस्थित रहे।