
Ghaziabad News : गाजियाबाद/मुंबई (एजेंसी)। ऑनलाइन गेम की आड़ में बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने का मास्टरमाइंड शाहनवाज उर्फ बद्दो को कोर्ट ने यूपी पुलिस की 15 जून तक ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है। इस गेम के मास्टरमाइंड शाहनवाज को अब गाजियाबाद पुलिस लेकर आएगी जहां इससे कई सवाल पूछे जाएंगे। शाहनवाज़ तक ठाणे पुलिस नए सिम कार्ड के जरिए पहुंची। ठाणे पुलिस को जानकारी मिली थी कि शाहनवाज ने नया सिम कार्ड लिया है और उसी का इस्तेमाल कर रहा है। ठाणे पुलिस ने नए सिम कार्ड की जानकारी निकाली।
ऑनलाइन गेम की आड़ में बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने का मास्टरमाइंड शाहनवाज को आज सुबह ठाणे कोर्ट में पेश किया गया जहां अदालत ने उसकी ट्रांजिट रिमांड यूपी पुलिस को सौंप दी। कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड देते हुए कहा कि आरोपी की सुरक्षा पुलिस की है। अब गाजियाबाद पुलिस शहनवाज को गाजियाबाद लेकर आएगी। 31 मई से फरार शहनवाज को पुलिस काफी समय से खोज रही थी। ठाणे पुलिस को नई सिम के जरिए इसकी लोकेशन मिली।
शाहनवाज का लोकेशन रायगढ़ के अलीबाग इलाके में निकली। इसके बाद ठाणे पुलिस की दो टीमें अलीबाग के लिए रवाना हुई। 11 जून की तडक़े 3 बजे से लेकर सुबह 11.30 बजे तक ठाणे पुलिस ने अलीबाग के कई लॉज और कॉटेज को खंगाला। इसी दौरान शाहनवाज और उसका भाई उनके हत्थे चढ़ गया, जो नाम बदलकर लॉज में रह रहा था।
इन दो गेम के जरिए बच्चों का करते थे ब्रेन वॉश इससे पहले पुलिस ने गाजियाबाद के मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था. शाहनवाज और अब्दुल रहमान, ऑनलाइन गेम के जरिये मासूम हिंदू नाबालिग बच्चों को टारगेट करके और उनका ब्रेन वॉश करके इस्लाम अपनाने पर मजबूर कर देते। इसके लिए दो ऑनलाइन गेम इस्तेमाल किये जाते थे।
फर्जी आईडी से मुस्लिम लडक़े बनते थे हिंदू इन दोनों गेम को खेलने आने वाले लडक़े इस गिरोह के निशाने पर थे। इनमें से कुछ की पहचान करके उनका कई चरण में ब्रेन वॉश किया जाता था। ऑनलाइन गेम फोर्ट नाइट पर बच्चे को घेरा जाता था। हिंदू नामों से मुस्लिम लडक़े फर्जी आईडी से आते। हिंदू बच्चा गेम हारता, तब असली खेल शुरु होता। बच्चे से कहा जाता कि आयत पढ़ोगे तो जीतोगे।