
Kanwad Yatra 2023/ गाजियाबाद। जैसे जैसे महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आता जा रहा है, वैसे ही मेरठ-गाजियाबाद मार्ग पर शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है। इस मार्ग पर कांवड़ लाने वाले एक से बढ़कर एक शिवभक्त दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में एक भक्त ऐसा भी नजर आया जो सतगुग के श्रवण कुमार की तरह है। यह मातृ भक्त अपने माता की कांवड़ लेकर चल रहा है। इस कांवडिएं ने एक तरफ अपनी 101 वर्षीय माता को कांवड़ में बैठाया है तो दूसरी तरफ 61 लीटा गंगा जल रखा। कलियुग के इस श्रवण कुमार को राह से गुजरने वाला कोई सलाम कर रहा है।
कलियुग का यह श्रवण कुमार कांवड़ मेले के दौरान गाजियाबाद के मुरादनगर में दिखाई दिया। इसका नाम देव है और उसने कांवड़ में एक तरफ अपनी 101 वर्षीय मां सरस्वती को बैठाया और दूसरी तरफ 61 लीटर गंगाजल रखा। वह एक जुलाई को हरिद्वार से चले थे।
बुलंदशहर जनपद के खुर्जा धराऊं निवासी देव अपनी मां के साथ गंगा जल लेने के जून के महीने में अपने घर से हरिद्वार से निकले थे। देव ने बताया कि मां और गंगाजल दोनों ही अनमोल हैं। इसलिए उन्होंने कांवड़ में दोनों तरफ उन्हें बैठाया। मुरादनगर पहुंचने पर लोगों ने उनकी सराहना की। कहा कि इस तरह के बेटे सभी के लिए नजीर हैं। देव उर्फ धोनी के मुरादाबाद पहुंचने पर लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।
असालतनगर के पास कांवड़ शिविर में उन्होंने विश्राम किया। उनकी कांवड़ में एक तरफ उनकी 101 वर्षीय मां सरस्वती है तो दूसरी तरफ 61 लीटर गंगाजल देखकर उनके पास लोगों का जमावड़ा लग गया। देव ने बताया कि जून महीने में वे हरिद्वार के लिए निकले थे।
यहां उन्होंने मां के साथ पूजा अर्चना करने के बाद एक जुलाई को हरिद्वार से 61 लीटर गंगाजल लिया। कांवड़ में एक तरफ मां को बैठाया और दूसरी तरफ 61 लीटर गंगाजल से भरी कैन व कलश को बांधा। मुरादनगर में गौरक्षक दल के पदाधिकारी गुलशन राजपूत, अनुभव, नवदीप, मोहित, ऋषि, संजू वैश्य, दीपमाला ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। उन्हें प्रसाद का भी वितरण किया। Kanwad Yatra 2023